NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
घटना-दुर्घटना
स्वास्थ्य
भारत
त्रासदी: नासिक के अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से 22 मरीज़ों की मौत
इस संकटपूर्ण समय में नासिक जैसा हादसा भीतर तक हिला देता है। नासिक में ऑक्सीन के रिसाव के बाद सप्लाई रुकने से कोविड के कम से कम 22 मरीज़ों की मौत हो गई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
21 Apr 2021
 त्रासदी: नासिक के अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से 22 मरीज़ों की मौत

एक तरफ़ कोरोना से पूरे देश में हाहाकार मचा है। दवा, बेड और ऑक्सीजन की किल्लत है, दूसरी तरफ़ महाराष्ट्र के नासिक में कोविड-19 रोगियों के एक अस्पताल में बुधवार को भंडारण संयंत्र से ऑक्सीजन के रिसाव के बाद इस गैस की आपूर्ति बाधित होने से कम से कम 22 कोविड-19 मरीजों की मृत्यु हो गयी।
समाचार एजेंसी ‘भाषा’ की ख़बर के अनुसार नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में 150 मरीज भर्ती थे जिनमें से घटना के वक्त 23 वेंटिलेटर पर थे तथा बाकी ऑक्सीजन पर थे।

जिलाधिकारी सूरज मांढरे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मौजूदा जानकारी के अनुसार जाकिर हुसैन निगम अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने से 22 लोगों की मृत्यु हो गयी। ये रोगी वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर थे। ऑक्सीजन आपूर्ति टैंक में रिसाव के बाद गैस की आपूर्ति बाधित हो गयी।’’

मांढरे ने कहा कि नगर निगम ने तत्काल शहर में दूसरी जगहों से ऑक्सीजन सिलेंडर लाकर लगाये हैं जहां ऑक्सीजन की जरूरत अपेक्षाकृत कम थी।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार दोपहर करीब 12.30 बजे ऑक्सीजन रिसाव का पता चला जिसके बाद अस्पताल के अधिकारियों को जानकारी दी गयी।

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद अस्पताल के अधिकारियों ने निगम आयुक्त कैलाश जाधव से संपर्क कर रिसाव रोकने के लिए तकनीकी मदद मांगी।

मांढरे ने कहा कि अस्पताल परिसर में स्थित ऑक्सीजन भंडारण टैंक का रख-रखाव एक निजी कंपनी देखती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने सरकार को समस्त जानकारी दे दी है। जहां तक ऑक्सीजन आपूर्ति की बात है तो नासिक नगर निगम को उन जगहों से सिलेंडर मिल गये हैं जहां इनकी जरूरत अपेक्षाकृत कम है। इन सिलेंडरों से रोगियों को ऑक्सीजन दी जाएगी।’’

संभागीय राजस्व आयुक्त राधाकृष्ण गामे ने कहा कि शहर के द्वारका क्षेत्र में स्थित अस्पताल के परिसर में 13 किलोलीटर क्षमता का ऑक्सीजन टैंक लगाया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘सुबह 10 बजे के आसपास ऑक्सीजन भंडारण टैंक का एक सॉकेट टूट गया और रिसाव शुरू हो गया। जब अस्पताल कर्मियों को पता चला तो उन्होंने रोगियों को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए बड़े सिलेंडरों को लगाया तथा कुछ रोगियों को वहां से हटाना शुरू कर दिया।’’

गामे ने बताया कि रिसाव रोक लिया गया है और टैंक की मरम्मत के बाद ऑक्सीजन आपूर्ति को सामान्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘घटना के बाद लोग अस्पताल के वार्डों में पहुंचने लगे जिससे बचाव अभियान में अड़चन आई। इस दौरान एक ऑक्सीजन टैंकर अस्पताल परिसर में पहुंच गया। टैंकर के साथ आये टेक्नीशियनों ने टैंक का लॉक खोला तथा वाल्व बंद कर दिया जिससे ऑक्सीजन का रिसाव बंद हो गया।’’

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने घटना पर दु:ख जताते हुए कहा कि यह पता लगाने के लिए घटना की पूरी तरह जांच कराई जाएगी कि क्या रिसाव लापरवाही की वजह से हुआ।

निगम आयुक्त जाधव ने कहा कि अब कोई रोगी गंभीर हालत में नहीं है।

घटना के बाद अस्पताल के बाहर माहौल गमगीन था। इस हादसे में अपनी 60 वर्षीय मां को खोने वाली लीला शेलार ने कहा, ‘‘मंगलवार को मेरी मां को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वेंटिलेटर पर रखा गया था।’’

उन्होंने दावा किया कि जब उनकी मां ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की तो नर्सिंग कर्मियों ने ध्यान नहीं दिया।

भाजपा विधायक और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री गिरीश महाजन ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिये जाने की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें डर है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होने से और रोगियों की मौत हो सकती है क्योंकि सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत ही नहीं किया है।’’

महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष प्रवीण डारेकर ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की पीड़ा को कम करने में असमर्थ रही है।

इस बीच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अस्पताल पहुंचकर हालात को काबू में किया।

नासिक के पुलिस आयुक्त दीपक पांडेय ने कहा कि स्टोरेज टैंक भरते समय रिसाव होने से हादसा हुआ।

मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा: ठाकरे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ऑक्सीजन रिसाव की वजह से गैस आपूर्ति बाधित होने से मारे गये 22 रोगियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

घटना पर दु:ख जताते हुए ठाकरे ने इसकी व्यापक जांच की भी घोषणा की।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘घटना में मारे गये हर शख्स के परिजन को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मैं लोगों से अपील करता हूं कि किसी तरह की राजनीति इस पर नहीं करें।’’

ठाकरे ने कहा, ‘‘ऑक्सीजन रिसाव की वजह से 22 लोगों की मौत एक दु:खद घटना है। मैं शब्दों में अपना दु:ख नहीं जता सकता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि इस घटना में अपने प्रियजनों को खोने वालों को कैसे सांत्वना दूं। हालांकि यह एक हादसा था, लेकिन इसकी पूरी तरह जांच की जाएगी।’’

प्रधानमंत्री ने शोक जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘नासिक के अस्पताल में भंडारण संयंत्र से ऑक्सीजन लीकेज की घटना हृदय विदारक है। इससे हुई मौतों से मैं क्षुब्ध हूं। दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’
 

राहुल गांधी ने भी दुख जताया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य सरकार एवं पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराएं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘नासिक के जाकिर हुसैन अस्पताल में मरीजों की मौत की खबर बहुत दुखद है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैं राज्य सरकार और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराएं।’’

COVID-19
Nashik
Maharashtra Covid
Maharashtra Corona
Nashik COVID
Nashik Accident

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • LAW AND LIFE
    सत्यम श्रीवास्तव
    मानवाधिकारों और न्याय-व्यवस्था का मखौल उड़ाता उत्तर प्रदेश : मानवाधिकार समूहों की संयुक्त रिपोर्ट
    30 Oct 2021
    29 अक्तूबर को जारी हुई एक रिपोर्ट ‘कानून और ज़िंदगियों की संस्थागत मौत: उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा हत्याएं और उन्हें छिपाने की साजिशें’ हमें उत्तर प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात को बेहद…
  • migrant
    सोनिया यादव
    महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या
    30 Oct 2021
    एनसीआरबी के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल भारत में तकरीबन 1 लाख 53 हज़ार लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें से सबसे ज़्यादा तकरीबन 37 हज़ार दिहाड़ी मजदूर थे।
  • UP
    लाल बहादुर सिंह
    आंदोलन की ताकतें व वाम-लोकतांत्रिक शक्तियां ही भाजपा-विरोधी मोर्चेबन्दी को विश्वसनीय विकल्प बना सकती है, जाति-गठजोड़ नहीं
    30 Oct 2021
    पिछले 3 चुनावों का अनुभव गवाह है कि महज जातियों के जोड़ गणित से भाजपा का बाल भी बांका नहीं हुआ, इतिहास साक्षी है कि जोड़-तोड़ से सरकार बदल भी जाय तो जनता के जीवन में तो कोई बड़ी तब्दीली नहीं ही आती, संकट…
  • Children playing in front of the Dhepagudi UP school in their village in Muniguda
    राखी घोष
    ओडिशा: रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में निम्न-आय वाले परिवारों के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट इस तथ्य का खुलासा करती है कि जब अगस्त 2021 में सर्वेक्षण किया गया था तो ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 28% बच्चे ही नियमित तौर पर पठन-पाठन कर रहे थे, जबकि 37% बच्चों ने अध्ययन बंद कर दिया था।…
  • climate change
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट : अमीर देशों ने नहीं की ग़रीब देशों की मदद, विस्थापन रोकने पर किये करोड़ों ख़र्च
    30 Oct 2021
    रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देश भारी हथियारों से लैस एजेंटों को तैनात करके, परिष्कृत और महंगी निगरानी प्रणाली, मानव रहित हवाई प्रणाली आदि विकसित करके पलायन को रोकने के लिए एक ''जलवायु दीवार'' का…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License