NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र: कोरोना मरीज़ों के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन की क़ीमत में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि
ऑक्सीजन की बिक्री के लिए अतिरिक्त दरों पर कोई नियंत्रण और निगरानी नहीं होने से आपातकालीन स्थिति में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
शिरीष खरे
19 Sep 2020
कोरोना वायरस
प्रतीकात्मक तस्वीर

पुणे: महाराष्ट्र के खाद्य व औषधि विभाग ने पूरे राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति को सुलभ बनाने के लिए कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। लेकिन, ऑक्सीजन की बिक्री के लिए अतिरिक्त दरों पर कोई नियंत्रण और निगरानी नहीं होने से आपातकालीन स्थिति में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी का नतीजा है कि ऑक्सीजन विक्रेताओं ने अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की दर 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी है।

ऑक्सीजन उत्पादकों और विक्रेताओं से होने वाली नियमित आपूर्ति में कमी के कारण राज्य की राजधानी मुंबई सहित पूरे राज्य में अपेक्षा के अनुरूप ऑक्सीजन की मांग बनी हुई है। उधर, राज्य के खाद्य व औषधि विभाग ने निर्देश दिए हैं कि परिवहन समस्याओं के कारण ऑक्सीजन की कमी नहीं होनी चाहिए। दूसरी तरफ, विक्रेता व वितरकों का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण पिछली दर पर ऑक्सीजन की आपूर्ति करना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने उसकी कीमत एक चौथाई बढ़ा दी है।

बता दें कि इस वर्ष अगस्त तक 250 लीटर तरल ऑक्सीजन सिलेंडर 6,250 रुपये में उपलब्ध था। लेकिन, पूरे राज्य में मांग बढ़ने के कारण मुंबई में लगातार आपूर्ति घट रही है। घाटकोपर में एक निजी अस्पताल के प्रबंधक का मानना है कि ऑक्सीजन कंपनी ने सितंबर से 250 लीटर तरल ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत 9,000 रुपये तक बढ़ा दी है। इस अस्पताल के प्रबंधक बताते हैं, 'अब तक विक्रेता 12 रुपये प्रति घन मीटर के हिसाब से ऑक्सीजन बेच रहे थे। इसलिए हम 12 से 15 रुपये तक ऑक्सीजन खरीद रहे थे। लेकिन, पिछले सप्ताह से इसकी कीमत 15 रुपये प्रति घन मीटर कर दी गई गई है। इसलिए खरीद का मूल्य भी बढ़ गया है। ऑक्सीजन की आपूर्ति भी कम हुई है।'

ठाणे में एक ऑक्सीजन वितरक बताते हैं कि अब हम अस्पतालों में 25 रुपये प्रति घन मीटर के हिसाब से भी ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहे हैं। हालांकि, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने ऑक्सीजन की दर 17.49 रुपये प्रति घन मीटर तय की है। इसलिए रोगी या अस्पताल को इसी दर पर ऑक्सीजन मिलने की अपेक्षा की जा रही है। लेकिन, हकीकत में यह मंहगी मिल रही है और इस पर न कोई नियंत्रण है और ही निगरानी।

महाराष्ट्र का सांगली कोरोना संक्रमण का नया हॉट स्पॉट बना है। यहां हर दिन कोरोना संक्रमण के कारण 30 से 40 मरीजों की मौत हो रही है। शहर में पंद्रह दिन पहले तक 600 लीटर ऑक्सीजन का एक सिलेंडर 12,000 रुपये तक में मिल रहा था। लेकिन, अभी इसके लिए 18,000 का शुल्क लिया जा रहा है। एक ओर, सरकार ने निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की दर पर निर्देश जारी किए है, पर यह मरीजों को सस्ती दर पर नहीं मिल सकती है, क्योंकि निजी अस्पतालों को खुद ही बढ़ी हुई कीमतों पर ऑक्सीजन खरीदनी पड़ रही हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अविनाश भोंडवे ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस बारे में खाद्य व औषधि विभाग का कहना है कि उसे इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत हासिल नहीं हुई है जिसमें कहा गया हो कि ऑक्सीजन को निर्धारित कीमत से अधिक पर बेचा जा रहा है। यदि कोई अस्पताल विभाग को इस संबंध में शिकायत करेगा तो कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि राज्य में अस्सी प्रतिशत ऑक्सीजन उत्पादक और विक्रेता कोंकण और पुणे डिवीजन से हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि राज्य भर में ऑक्सीजन की मांग में अचानक वृद्धि के बावजूद उत्पादकों के पास पर्याप्त ऑक्सीजन भंडार है, पर सीमित परिवहन प्रणाली से ऑक्सीजन की डिलीवरी में कठिनाई हो रही है। दूसरी तरफ, राज्य के कई जिलों में रोगियों की संख्या में अत्याधिक वृद्धि होने के कारण ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ी है।

बता दें कि राज्य में 24 ऑक्सीजन उत्पादक और 66 विक्रेता हैं। कुल 90 वितरकों द्वारा राज्य भर में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। कुल ऑक्सीजन उत्पादकों में से 80% कोंकण और पुणे डिवीजन से हैं। राज्य भर के विक्रेता इन उत्पादकों से ऑक्सीजन खरीदते हैं और उसका वितरण करते हैं। हालांकि, पूरे राज्य में ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है, पर परिवहन व्यवस्था की समस्या और ऑक्सीजन उत्पादकों की  सीमितता इस दिशा में बड़ी चुनौती बन गई है। यही वजह है जो कुछ उत्पादकों का कहना है कि भले ही उनके पास ऑक्सीजन का भंडार है, लेकिन मांग को पूरा करने में मुश्किलें हैं।

वाडा, भिवंडी और पालघर जैसी जगहों पर प्रतिदिन लगभग पांच से छह हजार क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। लेकिन, यहां भी अस्पताल प्रबंधकों द्वारा पिछले कुछ दिनों से ऑक्सीजन की भारी कमी बताई जा रही है। दूसरी ओर, खाद्य और औषधि विभाग ने कहा है कि अगले दो से तीन दिनों के लिए राज्य में ऑक्सीजन का पर्याप्त भंडार है।

वहीं, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि राज्य में ऑक्सीजन की मांग बढ़ गई है, पर यदि जरूरत पड़ी तो औद्योगिक उपयोग के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति शून्य हो जाएगी। राज्य में ऑक्सीजन का भंडार पर्याप्त है। हमारे पास ऑक्सीजन के 17 हजार 753 जंबो सिलेंडर, 15 हजार 473 बी-टाइप सिलेंडर और 230 ड्यूरा सिलेंडर हैं। 14 स्थानों पर तरल ऑक्सीजन टैंक हैं और 16 स्थानों पर काम चल रहा है। निकट भविष्य में पुणे में एक नई कंपनी शुरू करने के लिए तेजी से काम चल रहा है और सरकार के पास ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं की सूची है।

(शिरीष खरे स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

Maharastra
Coronavirus
COVID-19
oxygen cylinders
Lack of oxygen
Price hike of Oxygen Cylinder

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License