NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
कला
रंगमंच
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र: सांस्कृतिक संस्थाओं के सामने भी आर्थिक संकट, कलाकार-कर्मचारी मुश्किल में
कोरोना की वजह से राज्य में सभी तरह की सांस्कृतिक गतिविधियां अभी भी लगभग बंद हैं। इससे संस्थाओं से जुड़े कलाकारों और कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए होने वाला वैचारिक आदान-प्रदान भी रुक गया है।
शिरीष खरे
11 Oct 2020
कलाकार
सांकेतिक तस्वीर। दादर-मटुंगा सांस्कृतिक केंद्र में 2019 में आयोजित युवा संगीत महोत्सव का दृश्य। फोटो साभार: कल्याणी जोगलेकर

पुणे: कोरोना-काल में लॉकडाउन में दी जा रही लगातार ढील के कारण राज्य के कई उद्योग-धंधे धीरे-धीरे आर्थिक रूप से उभरने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, यहां सभी तरह की सांस्कृतिक गतिविधियां अभी भी लगभग बंद हैं। इसकी वजह से महाराष्ट्र में कई प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाएं/संस्थान भी संकट में आ गए हैं।

दरअसल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से होने वाली आय के सभी स्रोत और अनुदान इन दिनों बंद होने के कारण यह नौबत आई है। इससे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए होने वाला वैचारिक आदान-प्रदान भी रुक गया है और कला, संस्कृति और अपनी आंचलिक भाषा की दृष्टि से समृद्ध महाराष्ट्र जैसे राज्य में सामाजिक शून्यता आ गई है।

हालांकि, इन संस्थाओं से जुड़े कलाकार, प्रबंधक और दर्शक-वर्ग को सांस्कृतिक संस्थाओं के फिर से कार्य करने और तमाम तरह की गतिविधियों के लिए होने वाले आयोजनों का बेसब्री से इंतजार है।

मुंबई मराठी साहित्य संघ.jpg

फाइल फोटो। साभार: मुंबई मराठी साहित्य संघ

मुंबई मराठी साहित्य संघ

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 'मुंबई मराठी साहित्य संघ' का थियेटर इस सांस्कृतिक संस्था के लिए आय का सबसे बड़ा स्रोत है। बता दें कि मौजूदा परिस्थियों में इस संस्थान का थियेटर बंद होने के कारण इसकी आमदनी बंद हो गई है। इसलिए थियेटर में कार्यरत कर्मचारी और सफाईकर्मियों के लिए कोई काम नहीं रह गया है। हालांकि, इस वर्ष जनवरी में 'मुंबई मराठी साहित्य संघ' के थियेटर में एक राज्य स्तरीय नाट्य प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। लेकिन, संस्था द्वारा इस आयोजन के दौरान खर्च किए गए लाखों रुपये की वसूली अभी तक कहीं से नहीं हो सकी है। इसी तरह, इस संस्था को मराठी भाषा सीखने के लिए संचालित कक्षाओं और नाट्य प्रशिक्षणों से भी खासी आमदनी होती है। लेकिन, पिछले कई महीनों से मराठी भाषा की कक्षाएं और नाट्य प्रशिक्षण भी बंद हो गए हैं। लिहाजा, इस संस्था की आय पूरी तरह से रुक गई है।

साहित्य संघ

'साहित्य संघ' में नाट्य शाखा के संचालक प्रमोद पवार बताते हैं कि यह महाराष्ट्र में आमजन से जुड़ी यह एक सार्वजनिक संस्था है। उनका मानना है कि यदि इस संस्था को बचाना है तो आमजन को आगे आना चाहिए। हालांकि, प्रमोद पवार उम्मीद जताते हैं कि उनकी संस्था के थियेटर को सरकार द्वारा कम से कम फिल्मांकन के लिए खोलने की अनुमति जल्दी मिल जाएगी। वहीं, इस संस्था की कार्यकारी अध्यक्ष उषा तांबे बताती हैं कि राज्य सरकार से हर साल मिलने वाले दस लाख रुपये की अनुदान राशि अभी तक उन्हें नहीं मिली है।

दादर-माटुंगा सांस्कृतिक केंद्र

'दादर-माटुंगा सांस्कृतिक केंद्र' में संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यहां आमतौर पर नाटक की रिहर्सल और शादियों के लिए हॉल किराए पर दिए जाते हैं। लेकिन, पिछली मार्च को लॉकडाउन के बाद इस संस्था को सभी कार्यक्रम बंद करने पड़े हैं। वहीं, पिछले कुछ समय से इस सांस्कृतिक केंद्र का भवन नगर-निगम के अधीन था। इस बारे में 'दादर-माटुंगा केंद्र' की संचालिका विद्या धमनकर बताती हैं कि संस्था का भवन फिर से नगर-निगम द्वारा संस्था को देने से इस पर संस्था का नियंत्रण हो गया है। इसके बाद, संस्था द्वारा कुछ ऑनलाइन कार्यक्रम भी शुरू किए गए थे। इससे संस्था को अच्छी कमाई की उम्मीद थी। लेकिन, केंद्र सरकार की लॉकडाउन की घोषणा के बाद सभी तरह के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। इससे उन्हें वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

लोकमान्य सेवा संघ

'लोकमान्य सेवा संघ' राज्य में विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने वाली प्रमुख सांस्कृतिक संस्था है। यह संस्था विभिन्न मुद्दों पर व्याख्यान आयोजित करती रहती है और समय-समय पर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित भी करती है। हालांकि, इस संस्था के संचालक महेश काले बताते हैं कि वर्तमान में सभी सांस्कृतिक गतिविधियां बंद हो चुकी हैं। इसलिए, इस समय सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए मिलने वाले चंदे की रकम प्राप्त नहीं हो रही है। वहीं, संस्था के हॉल में शादी समारोह नहीं होने के कारण उससे मिलने वाला किराया भी बंद हो गया है। 'लोकमान्य सेवा संघ' व्यक्ति के समग्र विकास और सामाजिक कार्यों के लिए समय-समय पर रक्तदान शिविर, खेल प्रशिक्षण, नाट्य शिविर, एकांकी नाटक प्रतियोगिता, नाट्य लेखन प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन करता रहता है। हालांकि, इस वर्ष मार्च में कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन के कारण इन कार्यक्रमों के सालाना कैलेंडर का कोई मतलब नहीं रह गया है और किसी तरह की कोई गतिविधि नहीं हो पा रही है। वहीं, कुछ अन्य संगठनों द्वारा इस संस्था को वित्तीय सहायता दी जाती है। लेकिन, फिलहाल अन्य संस्थाओं से वित्तीय सहायता भी बंद हो चुकी है।

इस संस्था के कार्यकारी संचालक दीपक पाटे अपना अनुभव साझा करते हुए बताते हैं कि उनके द्वारा कई ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं। लेकिन, ये वास्तविक व्याख्यान की तरह प्रभावशाली नहीं हो सकते हैं। हालांकि, ऑनलाइन मंचों पर भी वक्ताओं से मुलाकात की जा सकती है और विचारों का आदान-प्रदान भी किया जा सकता है लेकिन इसकी एक सीमा होती है।

महाराष्ट्र सेवा संघ

'महाराष्ट्र सेवा संघ' द्वारा समय-समय पर महिलाओं के लिए सांस्कृतिक नाटक, शैक्षिक और मार्गदर्शन कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। ये सभी गतिविधियां वर्तमान में बंद हैं। हालांकि, इस संस्थान के कार्यकारी संचालक जयप्रकाश बर्वे बताते हैं कि संस्था नाट्य लेखन प्रतियोगिता, व्याख्यान और दर्शकों से संवाद ऑनलाइन आयोजित कर रही है, मगर यह वास्तविक आयोजनों की तुलना में दस फीसदी भी कारगर नहीं हैं। इस संस्था का हॉल शादी समारोहों में नहीं जाने से उन्हें हर दिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। हालांकि, संस्था ने अपने भवन का एक हिस्सा 'अपना बाजार' को किराये पर दिया है। इससे किराये के तौर पर मिलने वाले प्रति माह एक लाख रुपये से कर्मचारियों के वेतन का कुछ हद तक भुगतान किया जा रहा है। लेकिन, यह नाकाफी है।

लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं। आपसे shirish2410@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।

Maharashtra
cultural institutions
artist
economic crisis
COVID-19
Cultural events
Mumbai Marathi Sahitya Sangh
Theater Artists
Public service association
Maharashtra Service Association

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • PM Ujjwala Yojana in J&K
    राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में गड़बड़ियों की जांच क्यों नहीं कर रही सरकार ?
    21 Sep 2021
    नौकरशाह आम लोगों के मसलों का हल प्राथमिकता के साथ इसलिए नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार और लूट जारी है।
  • French President Emmanuel Macron (L) and US President Joe Biden
    एम. के. भद्रकुमार
    AUKUS पर हंगामा कोई शिक्षाप्रद नज़ारा नहीं है
    21 Sep 2021
    ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका [AUKUS] के बीच हुए नए सुरक्षा समझौते को लेकर राजनयिक टकराव अभी शुरू होने वाला है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 26,115 नए मामले, 252 मरीज़ों की मौत
    21 Sep 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 35 लाख 4 हज़ार 534 हो गयी है।
  • UP
    सबरंग इंडिया
    डेंगू, बारिश से हुई मौतों से बेहाल यूपी, सरकार पर तंज कसने तक सीमित विपक्ष?
    21 Sep 2021
    स्थानीय समाचारों में बताया गया है कि 100 से अधिक लोगों को डेंगू, वायरल बुखार ने काल का ग्रास बना लिया। बारिश से संबंधित घटनाओं में 24 लोगों की मौत का अनुमान है
  •  Collapses in Uttarakhand
    रश्मि सहगल
    उत्तराखंड में पुलों के ढहने के पीछे रेत माफ़िया ज़िम्मेदार
    21 Sep 2021
    जो अधिकारी ग़ैरक़ानूनी खनन के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हैं, उनके ख़िलाफ़ ताकतवर राजनेता मोर्चा खोल देते हैं। लेकिन स्थानीय लोग धड़ल्ले से चल रहे खनन में छुपे निजी हितों और नियमों के उल्लंघन को खुलकर सामने ला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License