NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र: जलगांव के हॉस्टल में लड़कियों से अभद्रता हमारे सिस्टम पर कई सवाल खड़े करती है!
एक सरकारी हॉस्टल में लड़कियों से जबरन कपड़े उतरवाकर डांस करवाने का बड़ा आरोप पुलिस-प्रशासन पर लग रहा है। देश में लगातार आश्रय गृहों, हॉस्टलों में महिलाओँ के शोषण-उत्पीड़न की खबरें सुर्खियां बन रही हैं, ऐसे में बड़ा सवाल है कि आख़िर हम सुरक्षित कहां हैं?
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Mar 2021
महाराष्ट्र: जलगांव के हॉस्टल में लड़कियों से अभद्रता हमारे सिस्टम पर कई सवाल खड़े करती है!

देश के कई आश्रय गृहों में शोषण-उत्पीड़न का भंडाफोड़ होने के बाद अब महाराष्ट्र के जलगांव से एक हैरान करने वाल मामला सामने आया है। यहां सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि एक सरकारी गर्ल्स हॉस्टल की लड़कियों को कपड़े उतार कर पुरुषों के सामने डांस करने के लिए मजबूर किया जाता है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये आरोप पुलिसकर्मियों पर लगे हैं कि उन्होंने लड़कियों के कपड़े उतरवाकर उनसे डांस करवाया और वीडियो भी रिकॉर्ड किया।

विपक्ष ने इस मुद्दे को राज्य के मौजूदा बजट सत्र के दौरान बुधवार 3 मार्च को विधानसभा में भी उठाया। गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मामले को लेकर जवाब दिया। लेकिन विपक्ष गृहमंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं है और सरकार पर मामले को गंभीरता से न लेते हुए राज्य में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया। साथ ही बीजेपी के विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग भी की।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक यह शर्मनाक मामला जलगांव जिले के गणेश कॉलोनी इलाके में स्थित आशादीप महिला हॉस्टल का है। ये हॉस्टल निराश्रित महिलाओं और लड़कियों को आश्रय देना का काम करता है। ये एक सरकारी हॉस्टल है, जिसे महिला एवं बाल विभाग द्वारा चलाता है।

ऐसा आरोप है कि 1 मार्च को कुछ पुलिसवाले पूछताछ करने के बहाने से जबरन घुस गए। लेकिन जांच करने के बजाय उन्होंने हॉस्टल की लड़कियों को कपड़े उतारकर डांस करने को कहा। इतना ही नहीं उनसे निर्वस्त्र अवस्था में डांस करवाया और वीडियो भी रिकॉर्ड किया। खबरों के मुताबिक, लड़कियों ने जब ऐसा करने से इंकार किया तो आरोपी पुलिसवालों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

लड़कियों ने हॉस्टल की खिड़की से मांगी मदद

इस पूरी घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय सामाजिक संगठन जननायक फाउंडेशन के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे। लेकिन उन्हें हॉस्टल के अंदर आने से मना कर दिया गया। तब लड़कियों ने हॉस्टल की खिड़की से चीख पुकार कर मदद मांगी। जिसके बाद संगठन के कार्यकर्ता फिरोज पिंजारी, मंगला सोनवणे, प्रतिभा भालेराव, साहेब पठान, वर्षा लोहार और फारूक कादरी ने जलगांव जिले के कलेक्टर अभिजीत राउत को मामले की शिकायत की। कलेक्टर ने मामले की जांच का आश्वासन दिया।

क्या है इस वायरल वीडियो में?

बीबीसी की खबर के मुताबिक जिस वीडियो में लड़कियां कपड़े उतरवाकर डांस कराने की बात कह रही हैं वो वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो में एक लड़की सीढ़ियों की खिड़की से सामाजिक कार्यकर्ताओं से बात करती है। वो इन सामाजिक कार्यकर्ताओं से कहती हैं, "मेरा चेहरा नहीं दिखना चाहिए।"

जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता इस वीडियो में कहते हैं, "नहीं दिखाई देगा। आप बोलो, आपके मामले को हम ज़िलाधिकारी के पास रखेंगे।"

हॉस्टल प्रबंधन की आलोचना

इस वीडियो में लड़की हॉस्टल के प्रबंधन की आलोचना करती दिखती हैं। लड़की का चेहरा नहीं दिखाई देता है, लेकिन वो ये कहती हुई नज़र आ रही हैं, "हमें लगभग बिना कपड़ों के डांस करने के लिए मजबूर किया जाता है। हमें ऐसा खाना मिलता है कि उसके बारे में भी नहीं बता सकते हैं। सरकार की ओर से राशन लेकर ये लोग हमें खाना नहीं खिलाते हैं। ये लोग (हॉस्टल के संचालक) लड़कियों से पैसा लेती हैं और अपने ब्वॉयफ्रेंड को बुलाती हैं।"

हॉस्टल प्रबंधन का क्या कहना है?

महिला हॉस्टल अधिकारी रंजना जोपे ने मीडिया को बताया, "संस्थान में किसी तरह का ग़लत काम नहीं हो रहा है। जिस लड़की का वीडियो वायरल हुआ है, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वह यहां गर्भवती लड़कियों की पिटाई कर चुकी है।"

रंजना जोपे ने ये भी बताया है कि वीडियो रिकॉर्डिंग की बात सामने आने पर उन लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं को हॉस्टल आने की अनुमति नहीं दी।

पक्ष-विपक्ष ने क्या कहा?

वीडियो के वायरल होने के बाद इस घटना पर काफ़ी गुस्सा देखने को मिल रहा है। बुधवार 3 मार्च को बीजेपी विधायक श्वेता महाले ने इस मामले को महाराष्ट्र विधानसभा में उठाया और दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा के अपने संबोधन में कहा, "इस घटना की ख़बर मिली, फिर वीडियो भी सामने आया है। इस मामले में पुलिस वाले लड़कियों को बिना कपड़ों के डांस करने पर मजबूर कर रहे हैं। हमें इस पूरे मामले को संवेदनशीलता से देखने की ज़रूरत है। इस मामले के दोषियों को जल्द जल्द से गिरफ़्तार किया जाना चाहिए।"

 इस घटना पर बवाल होने के बाद गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सदन के अंदर इस घटना के उच्चस्तरीय जांच की बात कही है और इसकी जांच के लिए चार सदस्यों की एक समिति गठित की है। इस समिति को दो दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा, "जालेगांव की घटना का ज़िक्र विधानसभा में भी हुआ है। यह काफ़ी गंभीर मामला है। मैं ख़ुद भी मामले पर नज़र रख रही हूं। अगर आरोप सही पाए गए तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हम किसी को नहीं छोड़ेंगे। निष्पक्षता के साथ पूरी कार्रवाई होगी।"

शेल्टर होम्स की खस्ता हालत

गौरतलब है महिलाओं के कल्याण के लिए बनाई गई शेल्टर होम और आश्रय घर की योजनाएं ज्यादातर संदेह के घेरे में ही हैं। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टिस) की रिपोर्ट के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का मामला सामने आया था। इसके बाद कई सर्वे हुए जिसमें ये बात सामने आई कि आश्रय स्थलों पर बच्चों और औरतों को सुरक्षा के लिहाज से रखा जाता है, उनकी सुरक्षा पर सरकारी कोष से लाखों रुपया खर्च किया जाता है। लेकिन इन आश्रय गृहों की निगरानी और मॉनिटरिंग नहीं होती। शेल्टर होम की निगरानी का जिम्मा जिला मजिस्ट्रेट, जिला प्रोबेशन और महिला, बाल कल्याण अधिकारी के पास होता है, लेकिन इन सभी स्तरों पर निगरानी का काम ठीक तरह से नहीं होता।

इसे भी पढ़ें: शेल्टर होम्स में बढ़ती यौन हिंसा, बिलासपुर में उज्ज्वला गृह के कर्मचारियों पर बलात्कार के आरोप!

 

Maharashtra
Jalgaon
maharastra Police
crimes against women
violence against women
exploitation of women
sexual harassment

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License