NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र चुनाव: बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की बन सकती है सरकार
महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन वापसी करता दिख रहा है। शुरुआती रुझानों में गठबंधन को बहुमत मिलता दिख रहा है। दूसरी तरफ एनसीपी कांग्रेस से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाती दिख रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Oct 2019
bjp shiv sena alliance
Image courtesy: Navbharat Times

महाराष्ट्र की सभी 288 सीटों के रुझान आ चुके हैं। यहां भाजपा और शिव सेना गठबंधन को 162 सीटों पर बढ़त है। भाजपा 103 सीटों पर आगे है तो उसकी सहयोगी शिव सेना 59 सीटों पर। कांग्रेस-एनसीपी और अन्य के लिए यह आंकड़ा 89 है।

यानी विपक्षी गठबंधन को इस बार भी निराशा मिलती दिख रही है। दिलचस्प बात यह है कि एनसीपी 50 सीटों पर आगे है तो कांग्रेस 37 पर। यानी कांग्रेस महाराष्ट्र में चौथे स्थान पर खिसकती नजर आ रही है।

शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे वर्ली विधानसभा सीट से अपने प्रतिद्वंद्वी राकांपा के सुरेश माने पर 11,893 मतों से बढ़त बनाए हुए हैं।

विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे पर्ली विधानसभा सीट पर अपनी प्रतिद्वंद्वी और भाजपा नेता पंकजा मुंडे से 6,870 मतों से आगे चल रहे हैं।

भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल पुणे की कोठरुड विधानसभा सीट पर अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी मनसे के किशोर शिंदे से 6,000 मतों से आगे चल रहे हैं।

पुणे की बारामती सीट से अजीत पवार भाजपा के उम्मीदवार गोपीनाथ पढालकर से 18,000 मतों से आगे चल रहे हैं। भाजपा के हर्षवर्धन पाटिल पुणे की इन्दापुर सीट से अपने प्रतिद्वंद्वी राकांपा के दत्तात्रय भरणे से 900 से अधिक मतों से आगे चल रहे हैं।

maharastra election
BJP
Shiv sena
BJP-Shiv Sena alliance
NCP
Aditya Thackeray

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License