NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र: 27 को शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट, गुप्त मतदान की इजाज़त नहीं, होगा सीधा प्रसारण
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया कि वह 27 नवंबर को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करें। कोर्ट ने कहा कि विधायकों की शपथ के बाद तुरंत फ्लोर टेस्ट होना चाहिए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Nov 2019
SC
Image courtesy: Delhinews

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया कि वह 27 नवंबर को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करें। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।

क्या है अदालत के फैसले की प्रमुख बातें-

-शीर्ष अदालत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निर्देश दिया कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि सदन के सभी निर्वाचित सदस्य बुधवार को ही शपथ ग्रहण करें। अदालत ने कहा कि समूची प्रक्रिया पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए।

-न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान नहीं हो और विधानसभा की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए।

-राज्यपाल राज्य विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को भी नियुक्त करेंगे जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे।

-सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे से कई संवैधानिक सवाल जुड़े हुए हैं इसलिए तुरंत बहुमत परीक्षण करवाना जरूरी है। शीर्ष अदालत के मुताबिक वैसे तो विधायिका और न्यायपालिका की शक्तियों में संविधान ने स्पष्ट विभाजन किया है, लेकिन कभी-कभी मौका आता है जब विधायिका के मुद्दे पर उसका दखल जरूरी हो जाता है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक ऐसा लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा के लिए ही होता है।

-कोर्ट ने इन शर्तों को रखने के अलावा महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक हालात और विधायकों को लेकर मची खींचतान पर भी कड़ी टिप्पणियां कीं। जस्टिस रमन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है और विधायकों ने अभी शपथ तक नहीं ली है। कोर्ट ने कहा कि सरकार बनाने को विधायकों की खरीद-फरोख्त न हो, इसके लिए जरूरी है कि अंतरिम आदेश दिया जाए।

सरकार गठन को लेकर ताजा घटनाक्रम

सुप्रीम कोर्ट के बाद महाराष्ट्र राजनीति में जारी उठा-पटक का ताजा घटनाक्रम इस प्रकार है:

सुबह 11:03: महाराष्ट्र के राजनीतिक ड्रामे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने कहा कि भाजपा का खेल खत्म।

सुबह 11 बजे: कांग्रेस ने नेता पृथ्वीराज चह्वाण ने कहा कि उनकी पार्टी, शिवसेना और राकांपा उच्चतम न्यायालय के महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन के फैसले से संतुष्ट है। संविधान दिवस पर संविधान का सम्मान हुआ।

सुबह 10:42: उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से कहा कि वह सुनिश्चित करें कि बुधवार को सभी निर्वाचित सदस्य शपथ ग्रहण कर लें।

सुबह 10:39: उच्चतम न्यायालय ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस बुधवार को बहुमत साबित करें।

सुबह 9.14 : महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस को चुपचाप शपथ ग्रहण कराने को लेकर शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में राज्यपाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां एक भगत सिंह स्वतंत्रता के लिए फांसी पर चढ़ गए वहीं दूसरे ने रात के अंधेरे में लोकतंत्र को ‘फांसी पर लटका दिया।’

बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं: भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को शक्ति परीक्षण कराने के उच्चतम न्यायालय के आदेश का वह सम्मान करती है और उसे पूरा भरोसा है कि वह सदन में अपना बहुमत साबित करेगी। प्रदेश भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटील ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हम शीर्ष अदालत के आदेश का सम्मान करते हैं। हम बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं और हम यह करके दिखाएंगे।”

Maharastra
Political Drama
Floor Test in Maharastra
Supreme Court
Governor Bhagat Singh Koshyari
Congress
BJP
Shiv sena
NCP
Devendra Fednavis
Ajit Pawar

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • प्रवीण कुमार
    भाषा
    प्रवीण कुमार ने पैरालंपिक की टी64 ऊंची कूद में रजत पदक जीता
    03 Sep 2021
    अठारह वर्षीय कुमार ने पैरालंपिक में पदार्पण करते हुए 2.07 मीटर की कूद से एशियाई रिकार्ड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।
  • लेखरा दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं
    भाषा
    लेखरा दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं
    03 Sep 2021
    निशानेबाज अवनि लेखरा ने टोक्यो खेलों की 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल किया। वे इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय…
  • कितना याद रखें, कितना मन को मनाएं और कितना भूलें? 
    पार्थ एस घोष
    कितना याद रखें, कितना मन को मनाएं और कितना भूलें? 
    03 Sep 2021
    इस बात को लेकर जरा भी विवाद नहीं है कि विभाजन की त्रासदी के शिकार लोगों एवं उनके परिजन हरेक भारतीय की सहानुभूति एवं समर्थन के हकदार हैं। 
  • एएस दुलता
    रश्मि सहगल
    ‘भारत एक पड़ोसी भी है, महज़ अमेरिकी समर्थन के सहारे नहीं रहा जा सकता'–एएस दुलता
    03 Sep 2021
    'अफ़ग़ानिस्तान में सभी को एक उपयुक्त जगह मिल गयी है, लेकिन, इसमें भारत के लिए क्या है?'- अफ़ग़ानिस्तान में भारत के रणनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ जाने पर रॉ के पूर्व प्रमुख ए.एस.दुलत के साथ साक्षात्कार।
  • जम्मू-कश्मीर: राज्य में लागू कड़े प्रतिबंधों के बीच जल्दबाज़ी में प्रशासन ने गिलानी का अंतिम संस्कार किया
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: राज्य में लागू कड़े प्रतिबंधों के बीच जल्दबाज़ी में प्रशासन ने गिलानी का अंतिम संस्कार किया
    03 Sep 2021
    हुर्रियत नेता के परिवार में कई लोगों का आरोप है कि उन्हें गिलानी के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने से रोका गया, जबकि कई दोस्त और रिश्तेदारों का कहना है कि वे देर रात को उन्हें दफ़न किए जाने के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License