NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मणिपुर : ड्रग्स का कनेक्शन, भाजपा और इलेक्शन
मणिपुर में ड्रग कार्टेल और भाजपा नेताओं की उसमे संलिप्तता की कई खबरें आ चुकी हैं। टेररिस्ट संगठन से लिंक के आरोपी, थोनाजाम श्याम कुमार सिंह, 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हैं। विधायकी की शपथ लेने से पहले ही भाजपा ज्वाइन करते हैं और सीधे एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर बन जाते हैं।
शशि शेखर
25 Dec 2021
manipur
Image courtesy : The Indian Express

साल 2006, नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा। मणिपुर के तीन व्यक्ति काठमांडू जाने की तैयारी में थे। तभी दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने इन तीनों को दबोच लिया। उस वक्त मीडिया रिपोर्ट्स में दिल्ली पुलिस के हवाले से खबर छपी कि ये तीनों मणिपुर के प्रतिबंधित संगठन यूएनएलएफ के सदस्य है। इन तीनों में एक नाम था, थोनाजाम श्याम कुमार सिंह। मौजूदा मणिपुर की भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री, जो अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस्तीफा दे चुके हैं। खैर, ये मणिपुर की राजनीति का ट्रेलर भर है। पूरी कहानी अभी बाकी है। 

दाग़ अच्छे हैं! 

भाजपा नामक राजनीतिक डिटर्जेंट से किसी की भी धुलाई हो जाए, वह पवित्र हो जाता है! फिर चाहे वो टेररिस्ट आर्गेनाईजेशन से जुड़ा रहा हो या मणिपुर की युवा पीढी को नशे की अंधी सुरंग में धकेलने वाले मौत के सौदागर। मणिपुर में ड्रग कार्टेल और भाजपा नेताओं की उसमे संलिप्तता की कई खबरें आ चुकी हैं। टेररिस्ट संगठन से लिंक के आरोपी, थोनाजाम श्याम कुमार सिंह, 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हैं। विधायकी की शपथ लेने से पहले ही भाजपा ज्वाइन करते हैं और सीधे एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर बन जाते है। 

ओकराम हेनरी सिंह, जो पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह का भतीजा है, हाल तक इंफाल के एनडीपीएस कोर्ट में हाजिरी लगाते रहे है। जनवरी 2013 में ड्रग्स के एक बहुत बड़ी खेप को सीबीआई ने पकड़ा था। इस केस में सीबीआई ने ओकराम हेनरी को चार्जशीट किया था। 2017 के मणिपुर विधान सभा चुनाव में भाजपा ने ओकराम हेनरी के बहाने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला किया था। कांग्रेस सरकार को राज्य में ड्रग्स के मुद्दे पर घेरा था। भाजपा ने मणिपुर में सरकार बनाई। एन बीरेन सिंह ने ड्रग्स के खिलाफ युद्ध (वार ऑन ड्रग्स) का ऐलान किया। और अपने ऐलान के तहत, अगस्त 2020 में ओकराम हेनरी सिंह को राम माधव जैसे नेता की मौजूदगी में भाजपा में शामिल कराया गया।

लेकिन, कथित वॉर ऑन ड्रग्स अभी थमा नहीं था। भाजपा नेता लुखोसेई जोऊ के यहां से 2018 में 27 करोड़ का ड्रग्स मिला था। चंदेल जिला ऑटोनोमस काउंसिल के लिए जोऊ ने 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन चेयरमैन बनने के लिए भाजपा में चले गए। ड्रग्स मामले में जनवरी, 2019 से “मिसिंग” थे और साल भर “मिसिंग” रहने के बाद फरवरी 2020 में आत्मसमर्पण कर चुके है। बहरहाल, मणिपुर भाजपा सरकार के “वॉर ऑन ड्रग्स” का आलम ये है कि मणिपुर की एक एक महिला आईपीएस ने बीरेन सरकार के बारे में मणिपुर हाई कोर्ट को कहा कि उन पर ड्रग्स के एक मामले में “धीमी कार्रवाई” करने का दबाव डाला जा रहा है। उक्त महिला आईपीएस अधिकारी ने बीरेन सरकार से मिले गैलेंट्री अवार्ड भी तब लौटा दिया, जब दिसंबर 2020 में इफाल स्थित नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्तांसेज एक्ट कोर्ट ने लुखोसेई जोऊ के घर से 7 करोड़ के ड्रग्स बरामदगी मामले में रिहा कर दिया।    

गोल्डन ट्राएंगल का ड्रग्स कनेक्शन 

एक रिसर्च के मुताबिक़, मणिपुर की लगभग आधी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से नशीले पदार्थों से प्रभावित है। द मैग्निट्यूड ऑफ सब्सटेंस यूज इन इंडिया, 2019 की रिपोर्ट में मणिपुर को शीर्ष 10 शराब पर निर्भर राज्यों में शामिल किया गया है। सामाजिक जागरूकता और सेवा संगठन (एसएएसओ) नाम के एक स्थानीय एनजीओ के अनुसार, मणिपुर में लगभग 34,500 आईडीयू (इंजेक्शन से ड्रग्स लेने वाले, जिसके कारण यहाँ एड्स के मरीज की संख्या भी अप्रत्याशित रूप से एक समय बढ़ गयी थी) हैं। एनजीओ के अनुसार, यह संख्या राज्य की आबादी का लगभग 1।9-2।7% के बीच है और 85-90% पुरुष यूजर्स हैं। इसके अलावा, मणिपुर और नागालैंड में लगभग 10% नशा करने वाली महिलाएं भी है। सवाल है कि मणिपुर की यह हालत क्यों है? दरअसल, इसकी सीमा थाईलैंड, लाओस, वियतनाम और म्यांमार से सटी हुई है, जो ड्रग्स कारोबार के लिए एक शानदार गोल्डन ट्राएंगल बनाती है। देश के इस सुदूर इलाके का दुरूह रूट भी ड्रग्स कारोबार के लिए मुफीद है। मसलन, सरकारी रिपोर्ट में इस तरह के 7 रूट्स की पहचान की गयी है।

ड्रग्स, आतंक और राजनीति  

पूर्वोत्तर भारत के सशस्त्र उग्रवाद में भी ड्रग्स का इस्तेमाल वित्तपोषण के लिए किए जाने की बात सामने आती रही हैं। साथ ही, ड्रग्स की तस्करी में स्थानीय नेताओं और उग्रवादियों की मिलीभगत की खबरें भी आती रहती है। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल मणिपुर की राजनीति में ड्रग्स की भूमिका को ले कर है। दिल्ली में रहने वाले मणिपुर के एक युवक ने नाम न छापने की शर्त पर यह बताया कि वहाँ के हर चुनाव में घर-घर जा कर राजनीतिक दल कम से कम 3 हजार रुपये प्रति वोट बांटते हैं। आखिर इतना पैसा आता कहाँ से है? निश्चित रूप से ड्रग्स से पैदा होने वाला अकूत पैसा भी इसमे बड़ी भूमिका निभाता होगा। आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों को मादक पदार्थों की तस्करी से जोड़ा जाता है। हवाला और हुंडी का भी इससे सीधा संबंध है। म्यांमार के साथ मणिपुर 398 किमी की सीमा साझा करता है? मणिपुर में ड्रग्स साम्राज्य की हकीकत को खुद भाजपा विधायक और राज्य प्लानिंग बोर्ड के उपाध्यक्ष लोरेमबाम रामेश्वर मैती ने बयान कर दिया है। मैती ने इसी साल अप्रैल में एक सार्वजनिक मंच से कहा कि राज्य सरकार भले ही “वार ऑन ड्रग्स” चला रही हो, लेकिन कुछ मंत्री, विधायक और पुलिसकर्मी ही ड्रग लॉर्ड्स (नशा के बड़े कारोबारी) को सपोर्ट करते हैं। उनके इस बयान पर कांग्रेस ने ऐसे मंत्रियों, विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की मांग भी की थी। लेकिन, राजनीति में भला ऐसी चीजं कब सार्वजनिक हुई है? सार्वजनिक बस इतना है कि ड्रग्स के इस राजनीतिक-आतंकी कारोबार की वजह से मणिपुर, जिसे कभी पंडित जवाहर लाल नेहरू ने जेम्स ऑफ़ इंडिया” कहा था, की युवा पीढी आज नशे की गिरफ्त में हैं। अंत में, जहां ड्रग्स का पैसा इतना अधिक हो, वहां एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की कल्पना किसी मूर्खतापूर्ण कल्पना से कम नहीं, क्योंकि जब चुनाव लड़ने के साधन (पैसा) अनैतिक स्त्रोतों से आएँगे, तो साध्य (जन कल्याण) भला नैतिक होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

manipur
drugs
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • covid
    संदीपन तालुकदार
    जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में
    24 Feb 2022
    IISER, पुणे के प्रख्यात प्रतिरक्षाविज्ञानी सत्यजित रथ से बातचीत में उन्होंने ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.2 के ख़तरों पर प्रकाश डाला है।
  • Himachal Pradesh Anganwadi workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी
    24 Feb 2022
    प्रदर्शन के दौरान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में कर्मियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। यूनियन…
  • Sulaikha Beevi
    अभिवाद
    केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया
    24 Feb 2022
    एलडीएफ़ सरकार ने मठीपुरम में मछुआरा समुदाय के लोगों के लिए 1,032 घर बनाने की योजना तैयार की है।
  • Chandigarh
    सोनिया यादव
    चंडीगढ़ के अभूतपूर्व बिजली संकट का जिम्मेदार कौन है?
    24 Feb 2022
    बिजली बोर्ड के निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान लगभग 36 से 42 घंटों तक शहर की बत्ती गुल रही। लोग अलग-अलग माध्यम से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से लाचार…
  • Russia targets Ukraine
    एपी
    रूस ने यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों, सैन्य आधारभूत ढांचे को बनाया निशाना, अमेरिका-नाटो को चेताया
    24 Feb 2022
    रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सेना ने घातक हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों एवं अन्य सैन्य आधारभूत ढांचे को निशाना बनाने के लिये किया है। उसने आगे दावा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License