NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
काबुल पर अमेरिकी ड्रोन हमले में बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत
स्थानीय लोग अमेरिका के उस दावे को ख़ारिज करते हैं जिसमें उसने कहा कि उसने काबुल हवाई अड्डे पर फिर से हमला करने के लिए एक कार में विस्फोटक लोड करने की कोशिश कर रहे दो कथित आतंकवादियों पर हमला किया था।
पीपल्स डिस्पैच
30 Aug 2021
काबुल पर अमेरिकी ड्रोन हमले में बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत

रविवार 29 अगस्त को अमेरिकी मिसाइल हमले में काबुल में मारे गए कई नागरिकों में कम से कम छह बच्चे शामिल हैं। ये नागरिक तब मारे गए जब एक अमेरिकी ड्रोन ने एक कार पर हेलफायर मिसाइल दागा था। इस कार को लेकर अमेरिका का दावा है कि यह एक आवासीय क्षेत्र में खड़ी थी और काबुल हवाईअड्डे पर हमले को अंजाम देने के लिए इस पर विस्फोटक लोड किए जा रहे थे।

एपी ने नाम लिए बगैर अमेरिकी अधिकारी के हवाले से लिखा कि एक कार पर ड्रोन हमले ने दो इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) के आतंकवादियों को निशाना बनाया, जो हमले में मारे गए।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में छह बच्चों सहित एक परिवार के कम से कम नौ सदस्य मारे गए। इसने चश्मदीदों के हवाले से लिखा कि अमेरिकी ड्रोन हमले ने एक आवासीय इमारत में खड़ी दो कारों पर हमला किया।

सेंटकॉम ने बाद में जारी एक बयान में कहा कि वह घटना और नागरिकों के हताहत होने के आरोपों की जांच कर रहा है और "निर्दोष लोगों के जीवन के किसी संभावित नुकसान" के लिए खेद व्यक्त करता है। इसने यह भी दावा किया कि नागरिकों की मौत कमजोर विस्फोटों के कारण हुई होगी जो हवाई अड्डे पर हमला करने के उद्देश्य से कार में लोड किए गए विस्फोटकों के कारण हुई होगी। हालांकि, सीएनएन ने नागरिकों के हवाले से लिखा कि उन्होंने केवल एक विस्फोट सुना।

रविवार का हमला गुरुवार को हुए हमलों के बाद अमेरिका द्वारा किया गया दूसरा हमला था। शनिवार को नंगरहार प्रांत में अमेरिकी हवाई हमले में एक कथित आतंकवादी मारा गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार के काबुल हवाईअड्डे पर हुए विस्फोटों के दोषियों को न छोड़ने का संकल्प लिया था, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिकों सहित कम से कम 175 लोग मारे गए थे। गुरुवार के हमले की जिम्मेदारी आईएसकेपी या आईएसआईएस-के ने ली जो अफगानिस्तान में आईएसआईएस से संबद्ध है।

इस बीच, तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के एक सदस्य अब्दुलहक वासिक ने रविवार को कहा कि अमेरिका को अफगानिस्तान में हमले करने का कोई अधिकार नहीं है और इस तरह के हमले दोहा में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते के खिलाफ हैं।

अमेरिका अफगानिस्तान से अपनी निकासी प्रक्रिया को समाप्त करने वाला है क्योंकि इसके लिए समय सीमा मंगलवार 31 अगस्त अब नजदीक है। उम्मीद है कि कल तक कर्मचारियों के सदस्यों के साथ अपने सभी सैनिकों को देश से वापस ले लेगा, जिन्होंने इसके मिशन के साथ काम किया था।

Afghanistan
TALIBAN
kabul
Attack on Kabul
America

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License