NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
‘जनता कर्फ़्यू’ के दौरान छज्जे से CAA, NPR, NRC का विरोध करेंगे अनेक लोग
‘‘मैं प्रधानमंत्री की पहल का स्वागत करता हूं और हम ‘जनता कर्फ़्यू’ का पालन करेंगे, लेकिन हम बर्तन बजाकर एनपीआर और सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करेंगे।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Mar 2020
shaheen bagh
Image Courtesy: The Hindu

दिल्ली : देशभर के लोग जब कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए काम रहे स्वास्थ्य सेवा कर्मियों व अन्य लोगों का शुक्रिया अदा करेंगे, तब राष्ट्रीय राजधानी में कुछ लोग सीएए, एनपीआर और संभावित एनआरसी के फैसले को वापस लेने की सरकार से मांग करने के लिए अपने घरों के छज्जों, खिड़कियों और दरवाजों पर खड़े होकर तालियां एवं घंटियां बजाएंगे और नारेबाजी करेंगे।

नागरिक संस्था ‘यूनाइटेड अगेन्स्ट हेट’ ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के छज्जों, खिड़कियों और दरवाजों से रविवार को शाम पांच बजे राष्ट्रीय नागरिक पंजी, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर और संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपने घरों में रहने की अपील की है कि वे रविवार को जनता कर्फ़्यू का पालन करें और कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए अथक काम कर रहे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और आपातकर्मियों का शुक्रिया अदा करने के लिए तालियां और घंटियां बजाएं।

हालांकि इस सबके बीच में दिल्ली में चल रहे सीएए विरोधी प्रदर्शनों और दंगों के बाद राहत शिविरों में रह रहे लोगों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुप्पी साधे रखी।

गौरतलब है कि दिल्ली में पिछले महीने हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हजारों की संख्या में लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। पहले दंगों और अब कोरोना वायरस ने इन लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।

इसे पढ़ें :दिल्ली: शाहीन बाग़, राहत शिविर और जनता कर्फ़्यू

‘यूनाइटेड अगेन्स्ट हेट’ के नदीम खान ने कहा, ‘‘सबसे पहले हम उन लोगों के शुक्रगुजार हैं, जो संक्रमित लोगों की देखभाल कर रहे हैं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर रहे हैं... और इसके बाद हम अपने छज्जों और खिड़कियों से एनआरसी एवं सीएए के खिलाफ पोस्टर दिखाएंगे और सरकार से एक अप्रैल से एनपीआर की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला वापस लेने की मांग करेंगे।’’

खान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विषाणु से निपटना होना चाहिए और ‘‘हम सब इसी काम में एकजुट हैं।’’

विरोध में भाग लेने की योजना बना रहे इरकान चौधरी ने शिकायत की कि दंगों में अपने घर गंवा चुके करीब 1,200 लोग मुस्तफाबाद में अस्वच्छ परिस्थितियों में रह रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने लोगों से घरों में रहने को कहा है। वे लोग क्या करेंगे जिनके घर जला दिए गए और लूटे गए?’’

एक सामाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम ने कहा कि पूरी दुनिया स्वास्थ्य आपातकाल से संघर्ष कर रही है और सरकार को पहले इस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री की पहल का स्वागत करता हूं और हम ‘जनता कर्फ़्यू’ का पालन करेंगे, लेकिन हम बर्तन बजाकर एनपीआर और सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।’’

इसे भी पढ़ें : शाहीन बाग़ का ऐलान : “कोरोना से भी लड़ेंगे और CAA-NRC से भी”

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Corona Virus
novel coronavirus
COVID-19
Delhi Relief Camps
Delhi riots
Shaheen Bagh
Shaheen Bagh Protest
Narendra modi
Public Curfew
Janta curfew

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

शाहीन बाग से खरगोन : मुस्लिम महिलाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष !

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी


बाकी खबरें

  • budget
    अजय कुमार
    बजट के नाम पर पेश किए गए सरकारी भंवर जाल में किसानों और बेरोज़गारों के लिए कुछ भी नहीं!
    01 Feb 2022
    बजट हिसाब किताब का मामला होता है। लेकिन भाजपा के काल में यह भंवर जाल बन गया है। बजट भाषण में सब कुछ होता है केवल बजट नहीं होता।
  • nirmla sitaraman
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बजट में अगले 25 साल के लिये अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार: सीतारमण
    01 Feb 2022
    आमजन ख़ासकर युवा को नए आम बजट में न अपना वर्तमान दिख रहा है, न भविष्य, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि केंद्रीय बजट ने समग्र और भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ अगले 25 साल के लिये…
  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बजट में मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात और युवाओं की जीविका पर प्रहार: विपक्ष 
    01 Feb 2022
    “सरकार ने देश के वेतनभोगी वर्ग और मध्यम वर्ग को राहत नहीं देकर उनके साथ ‘विश्वासघात’ और युवाओं की जीविका पर ‘आपराधिक प्रहार’ किया है।”
  • kanpur
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: ' बर्बाद होता कानपुर का चमड़ा उद्योग'
    01 Feb 2022
    अपने चमड़े के कारोबार से कानपुर का नाम पूरी दुनिया में मशहूर है। लेकिन आज चमड़ा फैक्ट्री अपने पतन की ओर है। चमड़ा व्यापारियों का कहना है कि इसका एक बड़ा कारण सरकार द्वारा गंगा नदी के प्रदूषण का हवाला…
  • varansi weavers
    दित्सा भट्टाचार्य
    यूपी: महामारी ने बुनकरों किया तबाह, छिने रोज़गार, सरकार से नहीं मिली कोई मदद! 
    01 Feb 2022
    इस नए अध्ययन के अनुसार- केंद्र सरकार की बहुप्रचारित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) और प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) जैसी योजनाओं तक भी बुनकरों की पहुंच नहीं है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License