NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट
जस्टिस अजय रस्तोगी और बीवी नागरत्ना की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आर्यसमाज का काम और अधिकार क्षेत्र विवाह प्रमाणपत्र जारी करना नहीं है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Jun 2022
SC

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक आदेश पारित करते हुए कहा कि आर्यसमाज की ओर से विवाह प्रमाणपत्र को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती है। जस्टिस अजय रस्तोगी और बीवी नागरत्ना की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आर्यसमाज का काम और अधिकार क्षेत्र विवाह प्रमाणपत्र जारी करना नहीं हैं और इसलिए उसे ऐसा कोई भी प्रमाणपत्र जारी करने का कोई भी ऐसा अधिकार नहीं है।

अदालत ने आरोपी की उन दलीलों को खारिज कर दिया जिसमें उसने प्रार्थना की थी कि पीडिता घटना के वक्त बालिग थी और याचिकाकर्ता और पीड़िता ने पहले ही आर्य समाज में विवाह सम्पन्न कर लिया था।

अदालत ने आरोपी से असली प्रमाण पत्र उसके समक्ष पेश करने का आदेश दिया।

पीडिता के घरवालों ने उस समय लड़की को नाबालिग बताते हुए पुलिस में अपरहण और बलात्कार का मामला दर्ज किया था। आरोपी के खिलाफ लड़की के घरवालों ने भारतीय दंड विधान की  धारा 363, 366, 384, 376(2)(n) के साथ 384 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5(L)/6 के तहत मामला दर्ज किया था।

हालांकि, दूसरी ओर युवक की दलील है कि उस समय लड़की बालिग थी और उसने अपनी मर्जी से उससे विवाह का निर्णय लिया था जो कि एक आर्य समाज मंदिर में सम्पन्न हुआ था।

Supreme Court
Arya Samaj
Marriage certificate

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

उच्चतम न्यायालय ने ज्ञानवापी दिवानी वाद वाराणसी जिला न्यायालय को स्थानांतरित किया


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    देश भर में बेकाबू होता कोरोना, बुल्ली बाई मामले में 3 गिरफ़्तार और अन्य ख़बरें
    06 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी कोरोना के तेज़ी से बढ़ते मामले, बुल्ली बाई मामले में 3 गिरफ़्तार और अन्य ख़बरों पर।
  • bjp-sp
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा के "जंगलराज" पर समाजवादी पार्टी का प्रहार
    05 Jan 2022
    क्या अखिलेश यादव से बीजेपी को उत्तर प्रदेश में हार का डर सता रहा है, जो वे मुद्दों पर नहीं बल्कि सिर्फ़ सांप्रदायिक तनाव से ही चुनाव जीतना चाहती है?
  • modi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    प्रधानमंत्री मोदी की फिरोज़पुर रैली रद्द होने पर राजनीति तेज़, वार और पलटवार
    05 Jan 2022
    भाजपा ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक और एक साज़िश कहा है। उधर कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री की रैली में भीड़ नहीं जुटी तो सुरक्षा में चूक का बहाना बनाया…
  • Dairy
    जेनिफ़र बार्कले
    डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने का अमेरिकी संकल्प
    05 Jan 2022
    बिग डेयरी के अपने अतार्किक समर्थन में, अमेरिकी सरकार आम लोगों को गुमराह कर रही है और एक उद्योग की कीमत पर दूसरे उद्योग की जेबों को मालामाल करने में मशगूल है।
  • omicron
    भाषा
    दिल्ली में कोविड-19 की तीसरी लहर आ गई है : स्वास्थ्य मंत्री
    05 Jan 2022
    ‘‘ दिल्ली में 10 हजार के करीब नए मामले आ सकते हैं और संक्रमण दर 10 प्रतिशत पर पहुंच सकती है.... शहर में तीसरी लहर शुरू हो चुकी है।’’
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License