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मेरठ: मौसेरी बहनों को समलैंगिक बता टीचर ने की पिटाई, स्कूल में घुमाकर किया अपमानित!
मेरठ के एक गर्ल्स इंटर कॉलेज में दो बहनें एक साथ लंच कर रही थीं, आरोप है कि उनकी टीचर ने दोनों पर समलैंगिक संबंध बनाने का आरोप लगाकर पिटाई कर दी और कॉलेज परिसर में घुमाकर अपमानित किया।
ज़ाकिर अली त्यागी
13 Sep 2021
मेरठ: मौसेरी बहनों को समलैंगिक बता टीचर ने की पिटाई, स्कूल में घुमाकर किया अपमानित!

मेरठ में दसवीं कक्षा की दो मुस्लिम छात्राओं (जो रिश्ते में मौसेरी बहने हैं) के उत्पीड़न की ख़बर है। आरोप है कि उनकी शिक्षिका ने समलैंगिक बताकर उनकी पिटाई कर दी और उन्हें कॉलेज में घुमाकर अन्य छात्राओं के सामने अपमानित भी किया। जानकारी मिलने पर परिजन और मेरठ कॉलेज के छात्र अगले दिन कॉलेज पहुंचे और हंगामा भी किया, तो पुलिस भी कॉलेज पहुंची और प्रधानाचार्य ने मैनेजमेंट कमेटी से शिक़ायत करने की बात कहते हुए सभी को शांत किया।

क्या है पूरा मामला?

लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की दो मौसेरी बहनें 16 वर्षीय हिना (बदला हुआ नाम) और 15 वर्षीय रानी (बदला हुआ नाम) लालकुर्ती थाना क्षेत्र के रघुनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज में 10वीं की छात्रा हैं, बीते गुरुवार को कॉलेज में 6 पीरियड के बाद होने वाले इंटरवल के दौरान दोनों मौसेरी बहनें एक साथ लंच कर रही थीं, लेकिन टीचर ने दोनों पर समलैंगिक संबंध बनाने का आरोप लगाकर पिटाई कर दी और कॉलेज परिसर में घुमाकर अन्य छात्राओं के सामने अपमानित किया।

मुस्लिम लड़कियों से भेदभाव करती है अध्यापिका?

हिना ने न्यूज़क्लिक के लिए बताया कि "मैं लंच करने अपनी मौसेरी बहन के क्लासरूम में गई हुई थी, इंटरवल ख़त्म हो चुका था उसी दौरान हमारी टीचर अमिता रस्तौगी हमारे पास पहुंची और हम पर समलैंगिक संबंध बनाने का आरोप लगाते हुए, हम दोनों बहनों के बाल पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया''।

हिना ने बताया कि टीचर ने उन्हें बहुत गंदे-गंदे शब्द कहे और कहा कि ''तुम गंदी लड़की हो, तुम पूरे पूरे दिन कक्षा से ग़ायब रहकर समलैंगिक संबंध बनाती हो। तुम दोनों बहनों ने कॉलेज को बदनाम कर रखा है। इतना ही नहीं कॉलेज में अन्य छात्राओं के सामने बाल पकड़कर घुमाया और बेइज़्ज़त किया और बाद में कहां कि अपने परिजनों को बुलाओ। जब अगले दिन यानी शुक्रवार को हमारे परिजन कॉलेज पहुंचे तो टीचर ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर कॉलेज आने से इनकार कर दिया।

हिना के मुताबिक टीचर अमिता हिन्दू और मुस्लिम छात्राओं के बीच भेदभाव करती हैं।

''आत्महत्या का आया विचार''

हिना ने बताया ''मैंने आपबीती घर वालों को सुनाई और अपनी मम्मी से समलैंगिक संबंध के बारे में जानकारी जुटाई, मुझे नही पता कि समलैंगिक संबंध क्या होता है। जब मुझे पता चला तो टीचर की तरफ़ से लगाये गये, आरोपों को याद कर कई बार मैंने आत्महत्या करने का मन बनाया, लेकिन घर के एक कमरे में रोते हुए ख़ुद पर काबू किया।"

अन्य टीचरों ने भी उड़ाया मज़ाक

न्यूज़क्लिक से हिना की मौसेरी बहन रानी ने बताया कि "मैं बता नही सकती किन किन गंदे लफ़्ज़ों के साथ मैडम हमारे साथ पेश आईं, मैं इस बारे में कुछ भी नही जानती, लेकिन हमें वो सब कहा गया जिसको मुझे बताते हुए भी शर्म आती है। मैं हैरान हूँ कि टीचर तो माता-पिता के समान होती हैं लेकिन टीचर ने हम पर वो सब आरोप लगाये, जिनके बारे में हम जानते तक नही। जब कॉलेज की छुट्टी हुई तो अन्य टीचर्स ने हमारा मज़ाक बनाया और कहा कि अगर किसी से बताओगी तो इससे तुम्हारी ही बदनामी होगी। हम अगले दिन अपने घरवालों को लेकर कॉलेज पहुंचे तो पुलिस भी कॉलेज में आई और हमारे बयान दर्ज करके कार्रवाई का आश्वासन देकर चली गई। मैं चाहती हूँ कि टीचर के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई हो ताकि कोई टीचर किसी अन्य छात्रा पर इस तरह के आरोप ना लगाये"।

आरोपी टीचर ने इस मामले में क्या कहा?

दोनों छात्राओं के बाल पकड़कर पिटाई और समलैंगिक संबंधों का आरोप लगाने वाली रघुनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज की टीचर अमिता रस्तौगी से जब हमने इन आरोपों के बारे में पूछा तो उन्होंने हमसे कहा "मेरी उम्र 58 साल साल है, मैं उसी आरजी कॉलेज की छात्रा रही हूँ और 36 वर्ष से अध्यापिका के रूप में कॉलेज को अपनी सेवा दे रही हूं, मुझ पर लगाये जा रहे सभी आरोप निराधार हैं, मेरी छवि ख़राब करने के लिए मेरे ख़िलाफ़ साज़िश रची जा रही है और इस साज़िश में कॉलेज के अन्य टीचर और प्रिंसिपल भी शामिल हैं, मैंने हमेशा अपने छात्रों को अपने बच्चों की तरह माना है और मैं किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हूँ।"

कॉलेज की प्रिसिंपल ने क्या कहा?

रघुनाथ गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल रजनी रानी ने हमसे कहा "यह मामला मेरे संज्ञान में घटना से अगले दिन यानी शुक्रवार को आया, तो मैंने बच्चों के अभिभावकों और आरोपी टीचर को कॉलेज बुलाया, लेकिन टीचर ने बीमारी का हवाला दे कॉलेज आने से इंकार कर दिया, इस मामले में मेरे पास लालकुर्ती पुलिस स्टेशन से भी कॉल आया था, मैं आपको भरोसा दिलाना चाहती हूँ कि मेरे पास वो शक्तियां नही हैं कि मैं किसी टीचर पर कार्रवाई कर सकूं, मैंने कॉलेज प्रबंधन कमेटी को लिखित में जानकारी भेज दी है, बाक़ी टीचर द्वारा मुझे साज़िश में शामिल बताना निराधार है।''

पुलिस ने इस मामले में क्या कहा?

इस मामले में हमने मेरठ के एसएसपी प्रभाकर चौधरी से बात की तो उन्होंने बताया कि "मामला संज्ञान में आने के बाद लालकुर्ती पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर को इस मामले में जांच करने के लिए कहा है, इंस्पेक्टर की जांच के बाद जो भी रिपोर्ट हमें प्राप्त होगी, उसी हिसाब से अगला कदम उठाया जायेगा"

(ज़ाकिर अली त्यागी स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

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