NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
COVID-19 के प्रसार के बीच महासचिव का चुनाव कराने को लेकर ओएएस के फैसले पर सदस्य देशों ने आपत्ति जताई
13 सदस्य राष्ट्रों के राजदूतों ने अमेरिकी राज्यों के संगठन (ओएएस) से 20 मार्च के महासभा को स्थगित करने का आग्रह किया है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Mar 2020
COVID-19

COVID-19 की वैश्विक महामारी के बीच 13 मार्च को ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ अमेरिकन स्टेट्स (ओएएस) में 13 सदस्य राष्ट्रों के राजदूतों ने अपने नए महासचिव और सहायक महासचिव का चुनाव करने के लिए 20 मार्च को निर्धारित 54 वीं विशेष महासभा के आयोजन को लेकर संगठन के निर्णय पर आपत्ति जताई।

एंटीगुआ एंड बरबुडा, बहामास, बारबाडोस, बेलीज, डोमिनिका, गायना, ग्रेनेडा, जमैका, सेंट किट्स-नेविस, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट एंड ग्रेनेडाइंस, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो के राजदूतों ने स्थायी परिषद के अध्यक्ष, क्षेत्रीय समन्वयकों, महासचिव और सभी ओएएस सदस्य देशों को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में संगठन ने 20 मार्च की महासभा को स्थगित करने का अनुरोध किया है।

इन प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि ये सत्र लोगों की बड़ी सभाओं को आयोजित नहीं करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी की गई स्वास्थ्य से जुड़ी सिफारिशों का विरोध करेगा और अमेरिका तथा व्हाइट हाउस के 10 से 50 से अधिक लोगों के जमा न होने के आदेशों के भी खिलाफ होगा। कोरोनवायरस के प्रसार को कम करने के लिए दुनिया भर में ये उपाय सुझाए गए और अपनाए गए हैं।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने इस चुनाव के परिणामों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “कोरम नहीं हो सकता है; या हमारे गोलार्ध के राष्ट्रों के प्रतिनिधि निकाय के रूप में जारी रखने के लिए संगठन और इसकी क्षमता की प्रभावशीलता के लिए हानिकारक और दूरगामी परिणाम के साथ इस बैठक को वैध नहीं माना जाएगा।

इन चुनावों में इक्वाडोर के पूर्व विदेश मंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73 वें अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा मौजूदा महासचिव लुइस अल्माग्रो का सामना करेंगे।

एस्पिनोसा जिनकी उम्मीदवारी इक्वाडोर द्वारा नहीं बल्कि एंटीगुआ एंड बरबुडा और सेंट विंसेंट एंड ग्रेनेडाइंस द्वारा प्रस्तुत की गई थी, उन्होंने पिछले महीने विधानसभा को संबोधित करते हुए "संगठन की ओर से कार्रवाई करने से पहले राज्यों के संवेदनशील उभरते मुद्दों के पड़ताल करने का वादा किया था।"

इस अवधि में उरुग्वे के अल्माग्रो ने इस क्षेत्र की प्रगतिशील सरकारों के खिलाफ अमेरिका के साम्राज्यवादी हितों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अमेरिका के नेतृत्व वाली योजनाओं जैसे वेनेजुएला के खिलाफ क्रूर वाणिज्यिक और आर्थिक प्रतिबंधों और तख्तापलट का बचाव किया है जिसने बोलीविया के समाजवादी राष्ट्रपति इवो मोरालेस को हटा दिया है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

COVID-19
Organization of American States
OAS
America

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License