NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मैक्सिको : एबॉर्शन के अधिकार की मांग के साथ महिलाओं की रैली
मैक्सिको सिटी और ऑक्साका के दक्षिणी प्रोविंस के अलावा बाक़ी देश में एबॉर्शन ग़ैर क़ानूनी है।
पीपल्स डिस्पैच
29 Sep 2020
एबॉर्शन के अधिकार की मांग के साथ महिलाओं की रैली

28 सितंबर, मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के अवसर पर पूरे देश में गर्भपात के कानूनी अधिकारों की मांग करते हुए मेक्सिको सिटी की सड़कों पर सैकड़ों महिलाओं ने प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस कर्मियों से भिड़ गए जो प्रदर्शनकारियों को मार्च करने से रोकने की कोशिश कर रहे थे।

महिलाओं ने काले कपड़े पहने और हरे रंग के बंदगले पहनकर गर्भपात के सुरक्षित और कानूनी अधिकार की मांग करते हुए नारे लगाए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के एक अन्य समूह से मिलने के लिए शहर के स्मारक से क्रांति तक जुआरेज की ओर मार्च किया, जब उन्हें पुलिस ने संघर्ष के लिए रोका।

अधिकांश मेक्सिको में गर्भपात अवैध है। राजधानी, मेक्सिको सिटी और दक्षिणी राज्य ओक्साका ने पिछले साल ही गर्भपात को वैध कर दिया था। देश के बाकी हिस्सों में गर्भपात की अनुमति कुछ विशेष परिस्थितियों में ही दी जाती है क्योंकि बलात्कार के कारण गर्भधारण होता है।

सितंबर के दूसरे सप्ताह में देश के कुछ महिला समूहों ने राजधानी की कुछ सरकारी इमारतों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने उन इमारतों में से एक को अस्थायी रूप से हिंसा और पीड़ित महिलाओं के लिए आश्रय गृह में बदल दिया।

गर्भपात के अधिकार के खिलाफ आंदोलन और देश में महिलाओं के बढ़ते मामलों के खिलाफ हाल के वर्षों में उठा है। महिला समूहों ने देश में नारीवाद और अन्य महिलाओं से संबंधित मामलों के बढ़ते मामलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओबार्डर की आलोचना की है और सामाजिक रूप से रूढ़िवादी प्रतिक्रिया दी है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राष्ट्रपति ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के खिलाफ कोई भी ठोस नीतिगत निर्णय लेने के बजाय देश में "आध्यात्मिक परिवर्तन" की आवश्यकता के बारे में बात करते हुए एक आदर्शवादी और अस्पष्ट स्थिति ली है।

mexico
Women protest
Abortion Rights
International Safe Abortion Day

Related Stories

कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी

अर्बन कंपनी की महिला कर्मचारी नई कार्यप्रणाली के ख़िलाफ़ कर रहीं प्रदर्शन

छत्तीसगढ़: विधवा महिलाओं ने बघेल सरकार को अनुकंपा नियुक्ति पर घेरा, याद दिलाया चुनावी वादा!

किसान संसद: अब देश चलाना चाहती हैं महिला किसान

मैक्सिको में महिलाओं की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: क़ाफ़िला ये चल पड़ा है, अब न रुकने पाएगा...

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: सड़क से कोर्ट तक संघर्ष करती महिलाएं सत्ता को क्या संदेश दे रही हैं?

जीविका दीदीयों ने खोला नितीश कुमार सरकार के खिलाफ़ मोर्चा: कर्ज़ माफ़ी करो वरना समूह से वापसी

बिहार: छोटे क़र्ज़ की माफ़ी सहित अन्य मांगों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का विधानसभा मार्च

देश में एक साथ उठ खड़े हुए 500 से ज़्यादा महिला, LGBTQIA, छात्र-शिक्षक, किसान-मज़दूर संगठन


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामले घटकर 10 लाख से नीचे आए 
    08 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 67,597 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 9 लाख 94 हज़ार 891 हो गयी है।
  • Education Instructors
    सत्येन्द्र सार्थक
    शिक्षा अनुदेशक लड़ रहे संस्थागत उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हक़ की लड़ाई
    08 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया था कि 2019 तक उन्हें नियमित कर दिया जायेगा। लेकिन इस वादे से भाजपा पूरी तरह से पलट गई है।
  • Chitaura Gathering
    प्रज्ञा सिंह
    यूपी चुनाव: मुसलमान भी विकास चाहते हैं, लेकिन इससे पहले भाईचारा चाहते हैं
    08 Feb 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक गांव के मुआयने से नफ़रत की राजनीति की सीमा, इस इलाक़े के मुसलमानों की राजनीतिक समझ उजागर होती है और यह बात भी सामने आ जाती है कि आख़िर भाजपा सरकारों की ओर से पहुंचायी जा…
  • Rajju's parents
    तारिक़ अनवर, अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : गांवों के प्रवासी मज़दूरों की आत्महत्या की कहानी
    08 Feb 2022
    महामारी की शुरूआत होने के बाद अपने पैतृक गांवों में लौटने पर प्रवासी मज़दूरों ने ख़ुद को बेहद कमज़ोर स्थिति में पाया। कई प्रवासी मज़दूर ऐसी स्थिति में अपने परिवार का भरण पोषण करने में पूरी तरह से असहाय…
  • Rakesh Tikait
    प्रज्ञा सिंह
    सरकार सिर्फ़ गर्मी, चर्बी और बदले की बात करती है - राकेश टिकैत
    08 Feb 2022
    'वो जाटों को बदनाम करते हैं क्योंकि उन्हें कोई भी ताक़तवर पसंद नहीं है' - राकेश टिकैत
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License