NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
सीमा पर गश्ती चौकियों से बच कर ग्वाटेमाला में प्रवेश करने वाले होंडुरास के प्रवासियों को वापस भेजा गया
अमेरिका जाने वाले इस प्रवासी कारवां में शामिल होने वाले होंडुरास के लोगों का कहना है कि वे अपने देश में व्याप्त ग़रीबी, हिंसा, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार से निकलना चाहते हैं।
पीपल्स डिस्पैच
02 Apr 2021
सीमा पर गश्ती चौकियों से बच कर ग्वाटेमाला में प्रवेश करने वाले होंडुरास के प्रवासियों को वापस भेजा गया

होंडुरास के प्रवासियों का छोटा समूह जो 31 मार्च को संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए नए प्रवासी कारवां में सैन पेड्रो सुला शहर से ग्वाटेमाला पहुंचा था उसे कथित तौर पर हिरासत में ले लिया गया और होंडुरास और ग्वाटेमाला सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान में 1 अप्रैल को वापस भेज दिया गया। ग्वाटेमाला नेशनल पुलिस के अनुसार 30 मार्च को 200 से अधिक वयस्कों और नाबालिगों को हिरासत में लिया गया था और बसों से सैन पेड्रो सुला भेजा गया।

साल 2018 से होंडुरास के नागरिक अपने देश में अत्यधिक गरीबी, हिंसा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अवसरों की कमी के चलते बड़े समूहों में यात्रा करते रहे हैं। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित हजारों लोग खतरनाक तरीके से तीन महीने और 4,000 किमी की लंबी यात्रा कर अमेरिका पहुंचे। मानवीय शरण पाने के लिए आवेदन करने की उम्मीदों के साथ वे कभी चलकर और कभी ट्रकों में यात्रा करते हुए पहुंचे।

आमतौर पर होंडुरास से निकलने वाले कारवां की तुलना में हाल में पहुंचा कारवां अपेक्षाकृत छोटा था। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि आखिरी में पहुंचा कारवां जो जनवरी में गया था उस पर चिकीमुला डीपार्टमेंट में ग्वाटेमाला की सेना और पुलिस बलों द्वारा हिंसक रूप से कार्रवाई की गई थी। सुरक्षा बलों ने होंडुरास के प्रावसियों पर आंसू गैस के गोले दागे थे और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया था। सुरक्षा अधिकारियों ने भीड़ पर डंडे और लाठियां बरसाईं और उन्हें देश में आगे बढ़ने से रोक दिया और उन्होंने मैक्सिको-अमेरिका सीमा की ओर अपनी यात्रा जारी रखी।

ग्वाटेमाला और मेक्सिको की सरकारों ने प्रवासियों को जाने को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार के दौरान आर्थिक प्रतिबंधों के खतरों के चलते दोनों देशों ने अमेरिका के साथ "सेफ-थर्ड कंट्री" इमिग्रेशन समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इन कारवां में शामिल होने वाले अधिकांश लोगों का कहना है कि राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज़ (जेओएच) की अति दक्षिणपंथी सरकार से उनकी विकट परिस्थितियों का कोई हल न निकालने के कारण उन्हें अपना देश छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। COVID-19 महामारी के कारण 2020 में होंडुरास में सामाजिक-आर्थिक संकट और बिगड़ गया और एटा और आयोटा तूफान के कारण तबाही हुई जो नवंबर 2020 में मध्य अमेरिकी देशों से टकराया था। जेओएच के भ्रष्ट प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए कोई उपाय नहीं किया।

America
USA
migrants

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन का एक साल: जश्न के साथ नई चुनौतियों के लिए तैयार
    26 Nov 2021
    दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन को आज एक साल पूरा हो गया। 26 नवंबर 2020 को शुरू हुआ यह आंदोलन आज अहम मोड़ पर है। पहली जीत के तौर पर यह आंदोलन तीनों कृषि क़ानूनों को वापस करा चुका है और अब दूसरी बड़ी…
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों ने Mr. PM को पढ़ाया संविधान का पाठ
    26 Nov 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने दिल्ली की सरहद टिकरी बॉर्डर पर बैठीं किसान औरतों और मर्दों के साथ-साथ नेताओं से बात करके यह जानने की कोशिश की कि आखिर मोदी की घोषणा पर उन्हें क्यो नहीं…
  • sex ratio
    अजय कुमार
    1000 मर्दों पर 1020 औरतों से जुड़ी ख़ुशी की ख़बरें सच की पूंछ पकड़कर झूठ का प्रसार करने जैसी हैं!
    26 Nov 2021
    औरतों की संख्या मर्दों से ज़्यादा है - यह बात NFHS से नहीं बल्कि जनगणना से पता चलेगी।
  • up police
    विजय विनीत
    जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या
    26 Nov 2021
    दलित उत्पीड़न में यूपी, देश में अव्वल होता जा रहा है और इस सरकार में दलितों व कमजोरों को न्याय मिलना दूर की कौड़ी हो गया है। यदि प्रयागराज पुलिस ने दलित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई की होती और सवर्ण…
  • kisan andolan
    मुकुंद झा
    किसान आंदोलन के एक साल बाद भी नहीं थके किसान, वही ऊर्जा और हौसले बरक़रार 
    26 Nov 2021
    26 नवंबर 2020 को दिल्ली की सीमाओं से शुरू हुए किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर टिकरी, सिंघू और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर हज़ारों की संख्या में किसान पहुंचे और आंदोलन को अन्य मांगों के साथ जारी रखने का अहम…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License