NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
करोड़ों लोग भुखमरी के क़रीब, WFP की अमीरों से मदद के लिए आगे आने की अपील
WFP प्रमुख ने कहा, ‘‘हम लोगों के संपत्ति बनाने के ख़िलाफ़ नहीं हैं लेकिन मानवता बड़े संकट से गुजर रही है जिसे हम में से किसी ने अपने जीवनकाल में नहीं देखा है। यह समय है जिनके पास सबसे अधिक है वे आगे आएं और विश्व इतिहास के सबसे असधारण वक्त में जिनके पास बहुत कम है उनकी मदद करें।’’
एपी
18 Sep 2020
करोड़ों लोग भुखमरी के क़रीब
Image courtesy: World Economic Forum

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के प्रमुख डेविड ब्यासले ने चेतावनी दी कि संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और कोविड-19 महामारी की प्रणघातक तिकड़ी से करोड़ों लोग भुखमरी के करीब हैं।

उन्होंने दानकर्ता देशों और अरबपतियों से गरीबों के लिए भोजन और उनकी जिंदगी सुनिश्चित करने के लिए मदद की अपील की।

इस बीच, बिजनेस इनसाइडर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अमेजॉन संस्थापक जेफ बेजोस, माइक्रोसॉफ्ट के पूर्व सीईओ स्टीव वालमर, टेस्ला के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) एलन मस्क, कैसिनो कारोबारी शेलडन एडेलसन और अन्य की संपत्ति में महामारी के दौरान अरबों डॉलर की वृद्धि हुई है।

ब्यासले ने कहा, ‘‘हम लोगों के संपत्ति बनाने के खिलाफ नहीं हैं लेकिन मानवता बड़े संकट से गुजर रही है जिसे हम में से किसी ने अपने जीवनकाल में नहीं देखा है। यह समय है जिनके पास सबसे अधिक है वे आगे आएं और विश्व इतिहास के सबसे असधारण वक्त में जिनके पास बहुत कम है उनकी मदद करें।’’

ब्यासले ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि पांच महीने पहले संभावित ‘भुखमरी महामारी’ की दी गई उनकी चेतावनी के बाद उठाए कदम से अकाल जैसे हालात को टाल दिया गया और लोग जिंदा हैं लेकिन अभी काम पूरा नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएफपी और उसके साझेदार इस साल करीब 13.8 करोड़ लोगों तक पहुंचने जा रहे हैं। यह हमारे इतिहास की सबसे बड़ी संख्या है।

ब्यासले ने कहा कि अभी बहुत मदद करने की जरूरत है क्योंकि 27 करोड़ लोग भुखमरी की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अभी ही तीन करोड़ लोग पूरी तरह से डब्लयूएफपी पर खाने के लिए निर्भर हैं और मदद नहीं मिलने पर खाना खाए बिना मर जाएंगे।

ब्यासले ने चेतावनी दी कि करीब तीन दर्जन देशों में अकाल पड़ सकता है जिनमें पहले ही संघर्ष से कमजोर पड़ चुके स्थान शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देश कांगो में हिंसा और अस्थिरता बढ़ी है और पहले ही 1.55 करोड़ लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।

ब्यासले ने कहा कि कोष की कमी की वजह से यमन को भोजन मुहैया कराने के लिए दी जाने वाली मद में कटौती करनी पड़ी है। नाइजीरिया और दक्षिण सूडान में लाखों लोग महामारी की वजह से खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।

starvation
Starvation Deaths
Global Hunger
poverty
Hunger Crisis
WHO
WFP
United Nations World Food Program

Related Stories

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

WHO की कोविड-19 मृत्यु दर पर भारत की आपत्तियां, कितनी तार्किक हैं? 

दवाई की क़ीमतों में 5 से लेकर 5 हज़ार रुपये से ज़्यादा का इज़ाफ़ा

हासिल किया जा सकने वाला स्वास्थ्य का सबसे ऊंचा मानक प्रत्येक मनुष्य का मौलिक अधिकार है

क्या बूस्टर खुराक पर चर्चा वैश्विक टीका समता को गंभीर रूप से कमज़ोर कर रही है?

यात्रा प्रतिबंधों के कई चेहरे

ओमीक्रॉन को रोकने के लिए जन स्वास्थ्य सुविधाएं, सामाजिक उपाय तत्काल बढ़ाने की ज़रूरत : डब्ल्यूएचओ

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डब्ल्यूटीओ के एजेंडे की परवाह क्यों करनी चाहिए?

दुनिया की 42 फ़ीसदी आबादी पौष्टिक आहार खरीदने में असमर्थ


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: जश्न-ए-नौरोज़ भी है…जश्न-ए-बहाराँ भी है
    20 Mar 2022
    अभी दो दिन पहले हमने होली और शब-ए-बारात एक साथ मनाई और 21 मार्च को नौरोज़ है। नौरोज़ यानी नया दिन। पारसियों के नए साल की शुरुआत। वसंत हर देश, हर समाज के लिए जश्न-ए-बहाराँ लेकर आता है। इसी सिलसिले में…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: बिन देखे मुझे भी पता है कि फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है
    20 Mar 2022
    फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है। अधिकतर लोगों की तरह मुझे भी बिना देखे ही पता चल गया है कि फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है। फ़िल्म सिनेमाघरों में अब सिर्फ़ इसलिए चल रही है कि मैं उसे जल्दी से देख लूं।
  • लाल बहादुर सिंह
    ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा
    20 Mar 2022
    जिस ऐतिहासिक आंदोलन को मोदी शाह खट्टर योगी की सत्ता का दुर्धर्ष दमन और कोई छल छद्म न तोड़ सका, वह अगर अपने अंतर्विरोधों से कमजोर होता है तो यह इतिहास की विराट त्रासदी होगी, जिसकी कीमत पूरे देश को…
  • नाज़मा ख़ान
    कश्मीर को समझना क्या रॉकेट साइंस है ?  
    20 Mar 2022
    हर कश्मीरी कोशिश करता है कि कश्मीर आने वाला अपने साथ कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों की तस्वीर ही नहीं बल्कि बेहतरीन मेहमान नवाज़ी के तजुर्बे और क़िस्से लेकर लौटे।
  • COlombia
    पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी
    19 Mar 2022
    "राउंडटेबल फॉर लाइफ़ एंड हेल्थ ऑफ़ वीमेन" की एना गोंजालेज़ वेलेज़ ने पीपल्स डिस्पैच से संवैधानिक न्यायालय के उस फ़ैसले पर बातचीत की, जो कोलंबिया में गर्भपात के अपराधीकरण के खात्मे का ऐलान कर चुका है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License