NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मिसूरी के अख़बार के सह-मालिकों ने नस्लीय कार्टून के प्रकाशन के विरोध में इस्तीफ़ा दिया
इस कार्टून में पुलिस की फंडिंग में कटौती की प्रशंसा करते हुए एक काले व्यक्ति को एक श्वेत महिला का पर्स झपटते हुए दिखाया गया है।
एपी
11 Jun 2020
racism
प्रतिरोध की तस्वीर। साभार : newindianexpress

कोलंबिया (अमेरिका): अमेरिका में मिसूरी राज्य के एक अख़बार के सह-मालिकों ने एक नस्लीय कार्टून के प्रकाशन के बाद बुधवार को विरोध में अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया। इस कार्टून में पुलिस की फंडिंग में कटौती की प्रशंसा करते हुए एक काले व्यक्ति को एक श्वेत महिला का पर्स झपटते हुए दिखाया गया है।

‘वाशिंगटन मिसूरियन’ में प्रकाशित इस कार्टून में एक श्वेत महिला किसी को 911 नंबर पर फोन करने के लिए कह रही है लेकिन मास्क लगाए हुए काला व्यक्ति कहता है, ‘‘गुड लक विद दैट, लेडी...वी डिफंडिड द पुलिस।’’

पुलिस के अत्याचारों और मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के खिलाफ देशभर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच यह कार्टून प्रकाशित हुआ है।

अख़बार के मालिक और बहनें सुजैन मिलर तथा जीन मिलर वुड ने माफी मांगते हुए कहा कि अख़बार के प्रकाशक उनके पिता ने कार्टून छापने का निर्णय लिया और उन्हें इसके बारे में नहीं बताया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘सह-मालिक होने के नाते हमारा मानना है कि यह नस्लीय कार्टून है और किसी भी परिस्थिति में इसका प्रकाशन नहीं होना चाहिए था।’’

उन्होंने कहा कि उन्होंने विरोध में इस्तीफ़ा दे दिया है क्योंकि उनके पास फिर से इस तरह की कोई चीज प्रकाशित न हो, इसके लिए संपादकीय अधिकार नहीं रहा है।

वर्जीनिया के रिचमॉन्ड में जेफरसन डेविस की प्रतिमा तोड़ी गई

रिचमॉन्ड (अमेरिका) : वर्जीनिया के प्रसिद्ध मॉन्यूमेंट ऐवेन्यू रिचमॉन्ड में बुधवार रात को जेफरसन डेविस की प्रतिमा तोड़ने की घटना सामने आई है।

ख़बरों के मुताबिक परिसंघीय राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति रहे डेविस की प्रतिमा रात को लगभग 11 बजे गिरा दी गई और यह चौराहे पर बीचोंबीच मिली। रिचमॉन्ड पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई।

ख़बरों के मुताबिक पोर्ट्समाउथ में भी प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को परिसंघ : कानफेडरेट : स्मारकों से जुड़ी चार प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर उन्हें गिराया था।

वर्जीनिया पायलट की खबरों के अनुसार एक प्रतिमा को गिराने की शुरुआत रात करीब 8.20 बजे हुई लेकिन इसके लिए इस्तेमाल में लाई जा रहीं रस्सियां टूट गयीं।

गौरतलब है कि पोर्ट्समाउथ सिटी काउंसिल के स्मारक हटाने के फैसले को रद्द करने से लोग नाराज हैं।

इससे पहले मंगलवार को रिचमॉन्ड में क्रिस्टोफर कोलंबस की एक प्रतिमा को प्रदर्शनकारियों ने गिरा दिया था और आग लगाकर झील में डाल दिया।

कानफेडरेट दक्षिणी अमेरिकी राज्यों का संघ था जिसने अमेरिकी गृह युद्ध में उत्तरी राज्यों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी और इसे 1865 में परास्त कर दिया गया था। ये स्मारक उसी काल के हैं।

इस संघ की स्थापना 1861 में की गयी थी और यह दास प्रथा को जारी रखने के पक्ष में था।

cartoon
Racism on Cartoon
Missouri newspaper
America

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी

कार्टून क्लिक: किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

आम आदमी जाए तो कहाँ जाए!


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    रिपोर्टर्स कलेक्टिव का खुलासा: कैसे उद्योगपतियों के फ़ायदे के लिए RBI के काम में हस्तक्षेप करती रही सरकार, बढ़ती गई महंगाई 
    07 Apr 2022
    द रिपोर्टर्स कलेक्टिव के पत्रकार सोमेश झा ने सूचना के अधिकार के तहत हासिल दस्तावेज़ों की छानबीन कर यह पता लगाया है कि कैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की स्वायत्तता को खत्म किया गया। कैसे रिज़र्व बैंक ऑफ़…
  • विजय विनीत
    सारनाथ के धमेक स्तूप की पूजा-प्रार्थना रोके जाने से पुरातत्व विभाग और बौद्ध धर्मावलंबियों में बढ़ा विवाद
    07 Apr 2022
    "अधीक्षण पुरातत्वविद अबिनाश मोहंती ने धमेक स्तूप की पूजा-ध्यान को धंधा बना लिया है। सख़्ती सिर्फ़ उन लोगों के साथ की जाती है जो सुविधा शुल्क नहीं देते। इनके दुर्व्यवहार से तंग आकर ताइवान, चीन, जापान,…
  • मनु मौदगिल
    भारतीय कैंपस के होस्टलों में ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए अब भी जगह नहीं
    07 Apr 2022
    जेंडर स्पेसिफिक छात्रावास की ग़ैरमौजूदगी का मतलब ट्रांसजेंडर छात्रों को आवास सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना होता है, और इस वजह से उनमें से कई छात्र कॉलेज छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
  • सोमा मारला
    ईंधन की क़ीमतों में बढ़ोतरी से ग़रीबों पर बोझ न डालें, अमीरों पर लगाएं टैक्स
    07 Apr 2022
    केंद्र सरकार ग़रीबों पर टैक्स लगाकर अमीरों से वसूले जाने वाले टैक्स में कटौती कर रही है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    डीएपी और एनपीके खाद महंगी हुई, माकपा ने बताया मोदी सरकार का एक और किसान विरोधी फ़ैसला
    07 Apr 2022
    "कभी कभी तो लगता है जैसे यह सरकार किसानों से किसान आंदोलन का बदला ले रही हो।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License