NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
भीड़ ने तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों पर हमला किया
तुर्की में लगभग 3.6 मिलियन सीरियाई शरणार्थियों की उपस्थिति का इस्तेमाल अक्सर देश में दक्षिणपंथी समूहों द्वारा समर्थन जुटाने के लिए किया जाता है।
पीपल्स डिस्पैच
13 Aug 2021
भीड़ ने तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों पर हमला किया

एक शरणार्थी के साथ लड़ाई में तुर्की के एक लड़के की मौत की खबर के बाद तुर्की की राजधानी अंकारा के पास रहने वाले कई सीरियाई शरणार्थियों पर देश में दक्षिणपंथियों की भीड़ द्वारा गुरुवार 12 अगस्त की सुबह को हमला किया गया था।

राजधानी अंकारा के बाहरी इलाके अल्टिनडाग में हिंसक भीड़ ने शरणार्थियों की दुकानों और घरों पर हमला किया और उन्हें जला दिया और लूट लिया और पत्थर फेंके जिसमें कई सीरियाई घायल हो गए।

कुछ लोग टीवी पर भी दिखाई दिए और देश से सभी विदेशी शरणार्थियों को वापस करने की मांग की। वीडियो में सैकड़ों युवा बुधवार की देर रात और गुरुवार तड़के पुलिस घेरा तोड़ते हुए और शरणार्थियों की दुकानों और घरों में घुसते दिख रहे हैं।

हिंसक भीड़ के कृत्यों की अनदेखी के लिए तुर्की पुलिस को दोषी ठहराया गया है। घंटों की लूट के बाद उन्होंने हस्तक्षेप किया और बाद में दावा किया कि दर्जनों दंगाइयों को पकड़ा गया। इसने यह भी दावा किया कि हिरासत में लिए गए आधे से अधिक लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है।

तुर्की रेड क्रिसेंट के प्रमुख डॉ. केरेम किनिक ने सोशल मीडिया पर घायल सीरियाई शरणार्थियों की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद लोगों से शांत रहने का आग्रह किया। मिड्ल ईस्ट आई ने उनके हवाले से लिखा कि "कई शरणार्थी पहुंचे और हमें बताया कि वे अपने बच्चों की जिंदगी को लेकर डरे हुए हैं"।

2011 में देश में युद्ध छिड़ने के बाद से तुर्की में करीब 3.6 मिलियन सीरियाई रह रहे हैं। दक्षिणपंथी दबाव में तुर्की ने शरणार्थियों को वापस जाने के लिए दबाव डालने की कोशिश की है। इसने इन शरणार्थियों का पता लगाने के लिए एक बफर ज़ोन बनाने के लिए सीरिया के उत्तरी हिस्सों पर भी चढ़ाई किया है।

तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों की मौजूदगी के खिलाफ नाराजगी हाल के दिनों में बढ़ी है क्योंकि हजारों लोगों ने देश में उनकी मौजूदगी के खिलाफ अभियान चलाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) और विपक्षी रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) सहित देश में दक्षिणपंथी दलों द्वारा इसे हवा दी गई है। सीएचपी के नेता केमल किलिकडारोग्लू ने पिछले महीने घोषणा की थी कि सीरियाई शरणार्थियों की उपस्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक बार सत्ता में आने के बाद पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि देश में कोई भी सीरियाई शरणार्थी न रहे।

Turkey
Syria
mob lynching

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती

बिहार: बीफ खाने के नाम पर खलील की हत्या, परिवार का आरोप; उच्च-स्तरीय जांच की मांग

क्या अमेरिका और यूरोप के करीब आ रहा है तुर्की?

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही

झारखंड : मॉब लिंचिंग क़ानून के बारे में क्या सोचते हैं पीड़ितों के परिवार?


बाकी खबरें

  • election
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव के मिथक और उनकी हक़ीक़त
    14 Mar 2022
    क्या ये कल्याणकारी योजनाएं थीं? या हिंदुत्व था? और बीजेपी ने चुनावों पर कितना पैसा ख़र्च किया?
  • Plural Democracy
    सहबा हुसैन
    दबाये जाने की तमाम कोशिशों के बावजूद भारत का बहुलतावादी लोकतंत्र बचा रहेगा: ज़ोया हसन
    14 Mar 2022
    जानी-मानी राजनीतिक वैज्ञानिक ज़ोया हसन का कहना है कि पिछले कुछ सालों से कई समूहों और सार्वजनिक विरोधों से बड़े पैमाने पर जो प्रतिक्रियायें सामने आयी हैं, वे बहुमत के शासन की कमी और हमारे लोकतंत्र को…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में लगातार कम हो रहा कोरोना, पिछले 24 घंटों में 2,503 नए मामले सामने आए
    14 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.08 फ़ीसदी यानी 36 हज़ार 168 हो गयी है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव : 70 सालों से चल रहे चुनावों में कैसे भाग लिया है जनता ने?
    13 Mar 2022
    हाल ही में 5 राज्यों में #Elections ख़त्म हुए हैं। आखिर कैसे देश में हो रहे हैं चुनाव? क्या है जनता की भागीदारी ? इन्ही सवालों का जवाब ढूंढ रहे हैं नीलांजन और सलिल मिश्रा
  • bjp
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या BJP के अलावा कोई विकल्प नहीं ?
    13 Mar 2022
    Point of View के इस एपिसोड में पत्रकार Neelu Vyas ने experts से पांच राज्यों के चुनाव के बाद की स्थिति के बारे में चर्चा की | क्या BJP के सिवा जनता के पास कोई विकल्प नहीं है? क्या Narendra Modi की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License