NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
मोदी सरकार पॉजिटिविटी का अभियान चला रही है, क्या आप पॉजिटिव होना चाहेंगे?
प्रोपगेंडा की बजाय ऑक्सीज़न और मेडिकल सुविधाएं मिलें तो आशा का संचार होगा। सरकार दर्दनाक हालात को संवेदनहीन प्रोपेगेंडा से ढंकना बंद करे और ज़िम्मेदरी ले, तो आशा का संचार होगा।
राज कुमार
14 May 2021
मोदी सरकार पॉजिटिविटी का अभियान चला रही है, क्या आप पॉजिटिव होना चाहेंगे?

कोरोना से निपटने में मोदी सरकार न सिर्फ विफल रही है बल्कि लापरवाह भी रही है। अभी भी प्राथमिकता कोरोना नहीं बल्कि मीडिया वार, प्रोपगेंडा और छवि को बचाना है। सकारात्मकता यानी “पॉजिटिविटी” का अभियान लॉन्च कर दिया गया है। अब आप पर उपदेशों, विज्ञापन, ग्रैफिक्स, वीडियो, पोस्टरों, वेबिनार और भाषणों की बमबारी होगी। अमित मालवीय ने इसी पॉजिटिविटी के अभियान के तहत एक ट्वीट किया है।

ट्वीट में लिखा है कि कोई फर्क नहीं पड़ता कि मीडिया आपको क्या घुट्टी पिला रहा है। भारत अभी भी रहने के लिए दुनिया का सबसे सुरक्षित देश है। उन्होंने एक पोस्टर ट्वीट किया है जिसमें बताया गया है कि भारत में कोरोना से हुई मौतों का अनुपात विकसित देशों से भी कम है। भारत में प्रति एक लाख 18 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। जबकि अमेरिका में 177, इंग्लैंड में 191, इटली में 204 और बेल्ज़ियम में 214 है।

भाजपा आईटी सेल ज़ख़्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। बहुत ही असंवेदनशीलता के साथ आंकड़ों के चक्रव्यूह रच रही है। लाशों को आंकड़ों में बदल दिया गया है। इन आंकड़ों को उधर खड़े होकर देखते हैं जहां से इनका नैरेटिव सेट हो सके। बिना ऑक्सीजन और मेडिकल सुविधाओं के मर रहे लोगों को झूठे आशावाद की चाशनी दी जा रही है। प्रोपगेंडा प्रिय भाजपा को लगता है कि हर समस्या का इलाज प्रोपगेंडा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि बचनी चाहिये लोग बेशक मरते रहे।

अमित मालवीय का ट्वीट और आंकड़ें देखकर आप भी खुश होंगे कि प्रति लाख मात्र 18 ही लोग तो मर रहे हैं। अमित मालवीय का फोकस 18 पर है। क्योंकि लोगों के दिमाग में 18 ही बिठाना है। ग्रैफिक में इंडिया सबसे नीचे है। यही दिखाना है। जबकि अगर इसी ग्रैफिक को कुल मौत के आंकड़ों के हिसाब से बनाया जाए तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत तीसरे नंबर पर होगा। भारत में अब तक कोरोना से 2 लाख 58 हज़ार 317 लोगों की मौत हो चुकी है। मौत के आंकड़ों में पहले नंबर पर अमेरिका और दूसरे नंबर पर ब्राज़ील है। लेकिन आपको सिर्फ 18 दिखाया जाएगा 2,58,317 नहीं।

भाजपा प्रोपेगेंडा, आंकड़ों और डिज़ाइन की चालाकियों के ज़रिये नैरेटिव सेट करना चाहती है कि सरकार में कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने दिन-रात एक कर रखा है। आप भाग्यशाली हैं कि भाजपा की सरकार है। जबकि पूरा देश देख रहा है कि जब लाशें नदियों में तैर रही हैं, लोग मेडिकल की पार्किंग में दम तोड़ रहे हैं और लाशें साइकिलों पर ढोई जा रही हैं तब धड़ल्ले से सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट जारी है।

बर्बादी के इस मंज़र में अगर कोई राहत दिखाई दे तो आशा का संचार होगा। अगर पर्याप्त सुविधाएं दिखाई दें तो आशा का संचार होगा। नेता ज़िम्मेदारी से मुंह खोलें तो आशा का संचार होगा। प्रोपगेंडा की बजाय ऑक्सीज़न और मेडिकल सुविधाएं मिलें तो आशा का संचार होगा। सरकार दर्दनाक हालात को संवेदनहीन प्रोपेगेंडा से ढंकना बंद करे और ज़िम्मेदरी ले, तो आशा का संचार होगा। मीडिया मैनेज़मेंट की बजाय महामारी को मैनेज़ करे और गंभीरता से करती दिखाई भी दे तो आशा का संचार होगा। वरना झूठा आशावाद पानी का बुलबुला है। देश में अजीब स्थिति है लोग “नेगेटिव” रहना चाहते हैं और सरकार “पॉजिटिविटी” का अभियान चला रही है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

Coronavirus
COVID-19
Corona Crisis
Modi Govt
BJP
BJP propaganda

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    भारत के लगभग आधे शहर वायु प्रदूषण की चपेट में, दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित कैपिटल सिटी: रिपोर्ट
    23 Mar 2022
    देश के 48 फीसदी शहरों में डब्लूएचओ द्वारा तय मानकों से 10 गुना ज्यादा वायु प्रदूषण का स्तर पाया गया। वहीं दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित स्थानों की सूची में 63 भारतीय शहर शामिल रहे।
  • journalist
    कुमुदिनी पति
    रूस और यूक्रेन: हर मोर्चे पर डटीं महिलाएं युद्ध के विरोध में
    23 Mar 2022
    युद्ध हर देश के लिए बुरा है। इस लेख में हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि इस युद्ध की वजह से यूक्रेन और रूस की महिलाओं को क्या कुछ झेलना पड़ रहा है और युद्ध लम्बा खिंचा तो उनपर और उनके बच्चों पर क्या…
  • china
    कैथरीन शायर
    सऊदी अरब और चीन: अब सबसे अच्छे नए दोस्त?
    23 Mar 2022
    मध्य पूर्व का यह देश चीन की तरफ झुक रहा है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उसके लंबे समय से चले रहे मजबूत संबंधों को खत्म करने की एक धमकी है। अब देखना है कि दोनों के बीच यह अनबन कितनी गंभीर है?
  • agriculture
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु राज्य और कृषि का बजट ‘संतोषजनक नहीं’ है
    23 Mar 2022
    राज्य एवं कृषि दोनों ही बजट में कई चुनावी वादे अछूते ही बने रहे। इसके अलावा, मुद्रास्फीति और महंगाई को देखते हुए वित्तीय आवंटन कम था।
  • Fire
    भाषा
    हैदराबाद: कबाड़ गोदाम में आग लगने से बिहार के 11 प्रवासी मज़दूरों की दर्दनाक मौत
    23 Mar 2022
    दमकल और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि श्रमिक खुद को नहीं बचा सके क्योंकि वहां केवल एक ही सीढ़ी थी। हालांकि एक व्यक्ति कमरे से कूदकर बचने में सफल रहा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License