NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चीन सीमा पर गतिरोध का मुख्य कारण मोदी सरकार का कुप्रबंधन: सोनिया गांधी
कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई सीडब्ल्यूसी की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा, ‘भारत एक भयावह आर्थिक संकट, एक भयंकर महामारी और अब चीन के साथ सीमाओं पर एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार का कुप्रबंधन और गलत नीतियां इन संकटों का एक प्रमुख कारण हैं।’
भाषा
23 Jun 2020
Sonia Gandhi

दिल्ली: कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई सीडब्ल्यूसी ने मंगलवार को बैठक कर लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे गतिरोध समेत कई मुद्दों पर चर्चा की और इसमें पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि चीन के साथ सीमा पर संकट तथा कोरोना महामारी एवं अर्थव्यवस्था से जुड़े संकट का मुख्य कारण नरेंद्र मोदी सरकार का कुप्रबंधन एवं उसके द्वारा अपनाई गई नीतियां हैं।

सोनिया ने यह दावा भी किया कि कोरोना संकट और इसके बाद की स्थिति से निपटने में सरकार पूरी तरह विफल रही है और इन सबके बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि कर लोगों की पीड़ा बढ़ा रही है।

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एलएसी पर गतिरोध को लेकर सोनिया का समर्थन करते हुए कहा कि सीमा पर जो संकट है, उससे अगर मजबूती से नहीं निपटा गया तो गम्भीर हालात पैदा हो सकते हैं।

सीडब्ल्यूसी की बैठक गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए 20 जवानों को श्रद्धांजलि देने के साथ आरंभ हुई। सोनिया की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई इस बैठक में मनमोहन सिंह, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, अशोक गहलोत, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल और कई अन्य नेता शामिल हुए।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के अनुसार बैठक के दौरान एंटनी ने भारत-चीन सीमा पर गतिरोध, आजाद ने कोरोना महामारी और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अर्थवयस्था की स्थिति के बारे में सीडब्ल्यूसी को जानकारी दी।

बैठक के आरंभ में सोनिया ने कहा, ‘भारत एक भयावह आर्थिक संकट, एक भयंकर महामारी और अब चीन के साथ सीमाओं पर एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार का कुप्रबंधन और गलत नीतियां इन संकटों का एक प्रमुख कारण हैं।’

कांग्रेस की शीर्ष नेता ने कहा, ‘ इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता है कि अप्रैल-मई, 2020 से लेकर अब तक, चीनी सेना ने पेगोंग सो (झील) क्षेत्र और गलवान घाटी, लद्दाख में हमारी सीमा में घुसपैठ की है।’

सोनिया ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान ने पूरे देश को झकझोर दिया जब उन्होंने कहा कि "किसी ने भी लद्दाख में भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ नहीं की"। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा और भूभागीय अखंडता के मामलों पर पूरा राष्ट्र हमेशा एक साथ खड़ा है। कांग्रेस ने सबसे पहले आगे बढ़कर हमारी सेना और सरकार को अपना पूरा समर्थन देने के घोषणा की। हालांकि, लोगों में यह भावना है कि सरकार स्थिति को संभालने में गंभीर रूप से विफल हुई है।’

सोनिया ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि हमारी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सरकार के द्वारा उठाये जाने वाला हर क़दम परिपक्व कूटनीति व मजबूत नेतृत्व की भावना से निर्देशित होगा।’ उन्होंने कहा, ‘शांति और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पहले जैसी यथास्थिति की बहाली हमारे राष्ट्रीय हित में एकमात्र मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाये रखेंगे।’

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बाद पैदा हुए आर्थिक हालात का उल्लेख करते हुए सोनिया ने कहा, ‘अब आर्थिक संकट और भी गहरा गया है। मोदी सरकार हर सही सलाह सुनने से इनकार करती है। वक़्त की मांग है कि बड़े पैमाने पर सरकारी खजाने से मदद, ग़रीबों के हाथों में सीधे पैसा पहुंचाना, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों की रक्षा करना और मांग को बढ़ाना व प्रोत्साहित करना चाहिए।’

उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों की सीधी मदद करने के बजाय सरकार ने एक खोखले वित्तीय पैकेज की घोषणा की, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद का एक प्रतिशत से कम ही राजकोषीय प्रोत्साहन था। सोनिया ने कहा, ‘वैश्विक बाजार में जब कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही हों, ऐसे समय में सरकार ने लगातार 17 दिनों तक निर्दयतापूर्वक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि करके देश के लोगों को पहले से लगी चोट और उसके दर्द को बढ़ाया है।’

कांग्रेस की शीर्ष नेता ने कहा, ‘भारत में महामारी फरवरी में आयी। कांग्रेस ने सरकार को अपना पूरा सहयोग देते हुए लॉकडाउन के पहले चरण का समर्थन किया। शुरूआती हफ्तों के भीतर, यह स्पष्ट हो गया था कि सरकार लॉकडाउन से होने वाली समस्याओं का प्रबंधन करने के लिए बिलकुल तैयार नहीं थी।’

उन्होंने कहा कि सरकार की तैयारी नहीं होने का परिणाम वर्ष 1947-48 के बाद सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी के रूप में सामने आया। करोड़ों प्रवासी मजदूर, दैनिक वेतन भोगी और स्व-नियोजित कर्मचारियों की रोजी रोटी तबाह हो गयी। 13 करोड़ नौकरियों के ख़त्म हो जाने का अनुमान लगाया गया है।

करोड़ों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम शायद हमेशा के लिए बंद हो गए हैं।सोनिया ने कहा कि वक्त की जरूरत है कि बड़ा प्रोत्साहन पैकेज दिया जाए, गरीबों के हाथ मे सीधे पैसे दिए जाएं और एमएसएमई की रक्षा की जाए।

sonia gandhi
Narendra modi
india-china
India-China LAC
modi sarkar

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • PM care Fund
    स्मृति कोप्पिकर
    पीएम-केयर्स फ़ंड का मालिक है कौन?
    28 Sep 2021
    किसी भी ऐसे फ़ंड को गोपनीयता के घेरे में नहीं रखा जा सकता है जिसमें लाखों भारतीयों ने दान किया हो क्योंकि उस पर भारत सरकार की मुहर थी और इस फ़ंड के नाम पर पर ही प्रधानमंत्री ने किसी भी संकट के दौरान…
  • bhagat singh
    मुकुल सरल
    हमें यह शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है : भगत सिंह की पसंदीदा शायरी
    28 Sep 2021
    ऐसे कई मशहूर शे'र हैं जो भगत सिंह के नाम से याद किए जाते हैं और उन्हीं के लिखे समझे जाते हैं, लेकिन ऐसा है नहीं। ये शे’र उस दौर के अलग-अलग मशहूर शायरों के हैं जो भगत सिंह को बहुत पसंद थे और वे अक्सर…
  • stray cattle
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: यूपी में किसानों से लिए आफ़त बने आवारा और छुट्टा पशु, चुनाव में बढ़ सकती हैं भाजपा की मुश्किलें
    28 Sep 2021
    यूपी के किसान पहले से ही बेहाल थे और अब आवारा पशुओं के चलते इनकी बदहाली कोढ़ में खाज सरीखी हो गई है। गोवंश संरक्षण के दिखावे के चलते किसानों को ऐसी अंधेरी खाईं में ढकेल दिया गया है, जहां से निकलने का…
  • biden
    एम. के. भद्रकुमार
    बड़े चक्र में गोल-गोल घूम रहा है क्वाड
    28 Sep 2021
    अब तक क्वाड से बहुत कम हासिल हुआ है। 2,145 शब्दों का साझा वक्तव्य एक बार फिर सामान्य चीज़ों की ही बात करता नज़र आता है।
  • Bhagat Singh
    प्रबल सरन अग्रवाल
    विशेष: भगत सिंह के बाद क्रांतिकारी आंदोलन का क्या हुआ?
    28 Sep 2021
    भगत सिंह की शहादत के बाद भी उनके साथी समाजवाद और आज़ादी के झंडे को उसी जोशो-खरोश के साथ उठाए रहे। आज भगत सिंह के जन्मदिवस पर उनके सभी साथियों को याद करना भी ज़रूरी है। तभी हम 1920-1930 के क्रांतिकारी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License