NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मोदी ‘सुरक्षा चूक’ मामला : वायरल वीडियो से बीजेपी ही कठघरे में
फ़िरोज़पुर रैली की खाली कुर्सियों की तस्वीरों के बाद अब वायरल हुए वीडियो ने बीजेपी को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। उधर, सुप्रीम कोर्ट सुरक्षा चूक मामले में सोमवार को आगे की सुनवाई करेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jan 2022
मोदी ‘सुरक्षा चूक’ मामला : वायरल वीडियो से बीजेपी ही कठघरे में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ़िरोज़पुर दौरे के दौरान कथित चूक के मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को आगे की सुनवाई करेगा, लेकिन इस बीच एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें दिख रहा है कि फ़िरोज़पुर के रास्ते में जहां मोदी का काफिला रुका था वहां उसके करीब पहुंचने वाले लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का झंडा लिए हुए थे और मोदी ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे थे।

यह वीडियो वायरल हो गया है और इसे किसान एकता मोर्चा ने भी शेयर किया है। हालांकि न्यूज़क्लिक इस वीडियो की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं कर सकता। लेकिन बताया जा रहा है कि काफिले के नज़दीक पहुंचने वाले लोग भाजपा के ही कार्यकर्ता थे। जबकि रास्ते पर धरना देने वाले लोग वहां से करीब एक किलोमीटर दूर बैठे थे। 

इस तरह का वीडियो पहले दिन भी बाहर आया था, लेकिन वह काफी दूर से लिया गया था और धुंधला था। अब जो वीडियो आया है वो बिल्कुल साफ और करीब से लिया गया है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भाजपा का झंडा लिए लोग जय-जयकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के काफिले के नज़दीक हैं।

 

कहा जा रहा है कि लखीमपुर खीरी की तरह ही सोशल मीडिया के जरिये रास्ता रोकने का सच सामने आ रहा है। रैली की सच पहले ही तस्वीरों के माध्यम से सामने आ चुका है जिसमें ज़्यादातर कुर्सियां खाली पड़ी हैं। इस सबके बाद विपक्ष और किसान संगठन भाजपा पर और हमलावर हो गए हैं।

 

किसानों ने सवाल किया है कि अगर ये लोग प्रदर्शनकारी थे तो ये मोदी जिंदाबाद के नारे क्यों लगा रहे थे? इनके हाथों में BJP का झंडा क्यों था? अगर पंजाब पुलिस ने इन्हें नही रोका, तो फिर केंद्र सरकार के अधीन आने वाली SPG सुरक्षा ने इन्हें गाड़ी के करीब क्यों आने दिया?

उधर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को पंजाब सरकार, राज्य की पुलिस तथा केन्द्रीय एजेंसियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे से जुड़े सुरक्षा इंतजामों से संबंधित रिकॉर्ड ‘‘तत्काल’’ हासिल करने का शुक्रवार को निर्देश दिया।

समाचार एजेंसी भाषा की ख़बर के अनुसार प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने पंजाब और केन्द्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे पर हुई चूक की जांच के लिए गठित समितियों से कहें कि वे ‘‘सोमवार तक कोई कार्रवाई ना करे’’। इस मामले में सोमवार को आगे सुनवाई की जाएगी।

पीठ ने कहा, ‘‘ दोनों पक्षों के वकीलों की बात सुन ली है। दलील पर गौर करने के बाद, यह ध्यान में रखते हुए कि यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा और अन्य मुद्दों से संबंधित है...सबसे पहले, हमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को संबंधित रिकॉर्ड तत्काल हासिल करने का निर्देश देना उचित प्रतीत होता है। ’’

पीठ ने पंजाब सरकार, राज्य की पुलिस, अन्य केन्द्रीय एजेंसियों तथा राज्य एजेंसियों को सहयोग करने और सम्पूर्ण प्रासंगिक रिकॉर्ड तुरंत रजिस्ट्रार जनरल को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

पीठ इस मामले में अब 10 जनवरी को आगे सुनवाई करेगी।

शीर्ष अदालत ‘लॉयर्स वॉइस’ की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक की गहन जांच और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति ना हो, यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।

गौरतलब है कि पंजाब में बुधवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा नाकेबंदी करने के कारण प्रधानमंत्री का काफिला फिरोजपुर में फ्लाईओवर पर कुछ देर तक फंसा रहा था। इसके बाद वह एक रैली सहित किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से दिल्ली लौट गए थे।

प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ बृहस्पतिवार को इस प्रकरण को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए तैयार हो गई थी।

याचिका में सुरक्षा बंदोबस्त से जुड़े सूबतों को संरक्षित करने, अदालत की निगरानी में जांच और कथित चूक के लिए जिम्मेदार पंजाब सरकार के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

‘लॉयर्स वॉइस’ के उपाध्यक्ष बिजन कुमार सिंह द्वारा दायर याचिका में बुधवार की घटना को ‘‘ प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भंग करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की पूर्व नियोजित साजिश’’ करार दिया गया है।

अधिवक्ता संदीप सिंह के माध्यम से दायर याचिका में सिंह ने कहा है, ‘‘ देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा और आवाजाही के संबंध में प्रतिवादी संख्या 1, 2 और 3 (राज्य सरकार, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक) की ओर से गंभीर एवं जानबूझकर की गई चूक का संज्ञान लें।’’

याचिका में बठिंडा के जिला न्यायाधीश को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया कि वह दौरे के संबंध में पंजाब पुलिस की गतिविधियों और तैनाती से संबंधित सभी आधिकारिक दस्तावेज तथा सामग्री जल्द से जल्द एकत्र करें और इस अदालत के समक्ष पेश करें।

याचिका में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।

याचिका में कहा गया, ‘‘ प्रतिवादी संख्या 2 और प्रतिवादी संख्या 3 (मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक) की जिम्मेदारी तय करने के लिए एक रिट या निर्देश जारी करें और उन्हें निलंबित कर दें। राष्ट्रीय सुरक्षा तथा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को उठाते हुए, देशभर में आवाजाही के मौलिक अधिकार और देश में नागरिकों की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए... याचिकाकर्ता तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करता है।’’

 

इसे भी पढ़ें : मोदी “सुरक्षा चूक” मामला: “हाकिमों को इन रस्तों पर रोकना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है”

Modi 'security lapse' case
BJP
viral video
panjab
Narendra modi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?
    04 Mar 2022
    नेपाली संसद में कई हफ़्तों तक चली उठापटक नतीजा आख़िरकार अमेरिका की एमसीसी के साथ 500 मिलियन डॉलर का समझौता रहा। इस समझौते के पहले सरकार के समझौते का विरोध कर रही राजनीतिक पार्टियों ने बड़े विरोध…
  • mamta banerjee
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस के सियासी अखाड़े में दिग्गजों पर भारी पड़ीं ममता, भाजपा को दे गईं गहरी चोट
    04 Mar 2022
    बंगाली समाज के लोग बनारस में पीढ़ियों से बंग संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। पिछले कई चुनावों से वह बीजेपी को वोट देते आए हैं। इस बार ममता बनर्जी का अपमान और उनको यह कहना कि वो हिन्दू नहीं हैं, अंदर…
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और युद्ध-विरोधी आंदोलन के परिपेक्ष्य
    04 Mar 2022
    शांति के लिए काम करने वाले एबी मार्टिन और ब्रायन बेकर रूस-यूक्रेन संघर्ष के सिलसिले में युद्ध विरोधी आंदोलन की दिशा में चर्चा करने के लिए आपस में मिले
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,396 नए मामले, 201 मरीज़ों की मौत
    04 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.16 फ़ीसदी यानी 69 हज़ार 897 हो गयी है।
  • mbbs
    रवि कौशल
    सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की बजाय मंदिरों को प्राथमिकता दी,  इसी का ख़ामियाज़ा यूक्रेन में भुगत रहे हैं छात्र : मेडिकल विशेषज्ञ
    04 Mar 2022
    विशेषज्ञों का कहना है कि रूस, चीन और पूर्वी यूरोपीय देशों में मेडिकल की डिग्री हासिल करने के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की बड़ी तादाद की मुख्य वजह देश के निजी चिकित्सा संस्थानों की मोटी फीस है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License