NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मूडीज ने जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 9.6 फ़ीसदी किया
तेजी से वैक्सीनेशन और निजी खपत बढ़ने पर ही अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट सकती है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Jun 2021
मूडीज ने जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 9.6 फ़ीसदी किया

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कैलेंडर वर्ष 2021 के लिए भारत के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट अनुमान को घटा दिया है।  इस क्रेडिट रेटिंग एजेंसी का कैलेंडर वर्ष 2021 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का पिछला अनुमान 13.9 फ़ीसदी था। इसे घटाकर 9.6 फ़ीसदी कर दिया है।

मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था के हालात पर मैक्रोइकोनॉमिक ऑफ इंडिया इकोनामिक शॉक फ्रॉम सेकंड वेव नाम से रिपोर्ट प्रकाशित की। इस रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की पहली लहर के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था जिस बुरे दौर से गुजरी इतने बुरे दौर से दूसरे लहर के दौरान नहीं गुजरेगी। वैक्सीनेशन की तेज गति की वजह से जून की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटेगी।

अर्थव्यवस्था के संकेतक बताते हैं कि अप्रैल और मई के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को बहुत बुरे दौर से गुजरना पड़ा। धीरे-धीरे राज्य लगाए गए प्रतिबंध को हटाएंगे और धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी।

मूडीज के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर के सर उठाने की वजह से साल 2021 में अर्थव्यवस्था के हालात पर अनुमान लगाना बहुत मुश्किल था। अर्थव्यवस्था बहुत अनिश्चित हो चुकी थी। लेकिन अब लग रहा है कि सबसे बड़ा अनुमान अप्रैल से लेकर जून की तिमाही तक ही सीमित रहेगा। साल 2021 में जीडीपी ग्रोथ रेट 9.6 फ़ीसदी हो सकती है और साल 2020 में यह 7 फ़ीसदी तक होने की संभावना रहती है।

भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर गत वर्ष 2019-20 के दौरान 4 फ़ीसदी थी। अगले साल कोरोना महामारी का कहर बरपा और भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2020 - 21 के दौरान माइनस 7 फ़ीसदी के साथ उल्टे पांव चल पड़ी।

मूडीज का कहना है कि अगर तेजी से वैक्सीनेशन की गति बढ़ती है तभी बंद पड़ी अर्थव्यवस्था को गति मिल पाएगी। कई लोगों ने अपनी नौकरी खोई है। कई लोगों की आमदनी पहले से कम हुई है। प्राइवेट कंजप्शन कम हुआ है। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए इन स्थितियों में भी बदलाव की जरूरत है।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ

Moody's
GDP
indian economy
Modi Govt
Nirmala Sitharaman

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

GDP से आम आदमी के जीवन में क्या नफ़ा-नुक़सान?

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

क्या जानबूझकर महंगाई पर चर्चा से आम आदमी से जुड़े मुद्दे बाहर रखे जाते हैं?

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है


बाकी खबरें

  • khoj khabar
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बर: हिजाब विवाद हो या नफ़रती भाषण, सब कुछ चुनाव के लिए कब तक
    12 Feb 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने उत्तर प्रदेश चुनाव को ध्यान में रख कर्नाटक से हुए हिजाब विवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पैदा करने…
  • goa elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्टः गोवा चुनावों में जोड़-तोड़ व हिंदुत्व ख़िलाफ क्या होगा बदलाव
    11 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने गोवा में चल रहे चुनावी समर का आकलन करते हुए जानने की कोशिश की इस बार क्या चल पाएगा हिंदुत्व का नफ़रती कार्ड या जनता के बुनियादी मुद्दों पर होगा मतदान।…
  • Sunderbans
    अयस्कांत दास
    सुंदरबन में अवैध रिसॉर्ट के मालिक की पहचान नहीं कर पा रही ममता सरकार
    11 Feb 2022
    पारिस्थितिक रूप से नाजुक सुंदरबन में कथित तौर पर केंद्र प्रायोजित मनरेगा योजना के धन का इस्तेमाल एक अवैध 'इको-टूरिज्म' रिसॉर्ट के निर्माण में किया गया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देश में पुलिसकर्मियों की भारी कमी, पांच लाख से ज़्यादा पद रिक्त
    11 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र के मानक के अनुसार एक लाख व्यक्तियों पर 222 पुलिकर्मी होने चाहिए जबकि भारत में ये आंकड़ा 156 है। वहीं भारत में स्वीकृत पुलिसकर्मियों की संख्या प्रति एक लाख व्यक्तियों पर 195 है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    प्यूर्टो रिको में शिक्षकों ने की वेतन और सुविधाओं की मांग के साथ देशव्यापी हड़ताल
    11 Feb 2022
    सरकार ने वेतन में बढ़ोतरी न करने के साथ साथ पेंशन में कटौती भी कर दी है, इसके ख़िलाफ़ शिक्षकों ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License