NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
पांच राज्यों में 30 फीसदी से अधिक महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार
ताज़ा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में सबसे बुरा हाल कर्नाटक, असम, मिजोरम, तेलंगाना और बिहार में है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Dec 2020
घरेलू हिंसा
प्रतीकात्मक तस्वीर I

देश के 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के मुताबिक, पांच राज्यों की 30 फीसदी से अधिक महिलाएं अपने पति द्वारा शारीरिक एवं यौन हिंसा की शिकार हुई हैं।

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर ऐसी घटनाओं में वृद्धि की आशंका जताई है। ये आंकड़े कोरोना महामारी के पहले इकट्ठा किए गए थे।

महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में सबसे बुरा हाल कर्नाटक, असम, मिजोरम, तेलंगाना और बिहार में है। सर्वेक्षण में 6.1 लाख घरों को शामिल किया गया। इसमें साक्षात्कार के जरिए आबादी, स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और पोषण संबंधी मानकों के संबंध में सूचना एकत्र की गई।

एनएफएचएस-5 सर्वेक्षण के मुताबिक, कर्नाटक में 18-49 आयु वर्ग की करीब 44.4 फीसदी महिलाओं को अपने पति द्वारा घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। जबकि, 2015-2016 के सर्वेक्षण के दौरान राज्य में ऐसी महिलाओं की संख्या करीब 20.6 फीसदी थी।

सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में 40 फीसदी महिलाओं को उनके पति द्वारा शारीरिक और यौन हिंसा झेलनी पड़ी जबकि मणिपुर में 39 फीसदी, तेलंगाना में 36.9 फीसदी, असम में 32 फीसदी और आंध्र प्रदेश में 30 फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हुईं।

इस सर्वेक्षण में सात राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले एनएफएचएस सर्वेक्षण की तुलना में घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई। इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ताओं और एनजीओ ने घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि के लिए कम साक्षरता दर और शराब का सेवन समेत अन्य कारणों को जिम्मेदार ठहराया है।

जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ पूनम मुतरेजा ने कहा कि बड़े राज्यों में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों की संख्या में वृद्धि चिंता का विषय है क्योंकि यह सभी क्षेत्रों में प्रचलित हिंसा की संस्कृति को दर्शाता है। महिला अधिकार कार्यकर्ता शमीना शफीक ने कहा कि सरकार को घरेलू हिंसा को लेकर सख्ती से पेश आने की जरूरत है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Domestic Violence
National Family Health Survey
karnataka
Assam
MIZORAM
Telangana
Bihar
crimes against women
violence against women

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

आज़म खान-शिवपाल का साथ छोड़ना! क्या उबर पाएंगे अखिलेश यादव?

मंत्री पर 40 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाने वाला ठेकेदार होटल में मृत मिला

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

कर्नाटक: बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के मामले में 2 और गिरफ्तार


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बच्चों में डिप्रेशन की बात हलके में मत लीजिए!
    06 Oct 2021
    कोरोना महामारी वर्षों तक बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को प्रभावित कर सकती है। यूनिसेफ के मुताबिक भारत में 14 फीसदी बच्चें हताश-निराश जीवन यापन कर रहे हैं।
  • pand
    अजय कुमार
    पैंडोरा पेपर्स: अमीरों की नियम-कानून को धता बताने और टैक्स चोरी की कहानी
    06 Oct 2021
    ICIJ का अनुमान है कि टैक्स हेवेन देशों के जरिए दुनिया भर के देशों का तकरीबन 6 ट्रिलियन से लेकर 32 ट्रिलियन डॉलर तक चुरा लिया जा रहा है।
  • water
    मो. इमरान खान
    बिहार: आर्सेनिक के बाद अब भूजल में यूरेनियम संदूषण मिलने से सेहत को लेकर चिंता बढ़ी
    06 Oct 2021
    एक अध्ययन में कहा गया है कि गंगा नदी के दक्षिणी एवं उत्तरी जिले में भौगोलिक रूप से गहरी विषमता है। गंगा के उत्तर के जिलों के बनिस्बत इसके दक्षिणी जिलों में आमतौर पर यूरेनियम की उच्च और आर्सेनिक की कम…
  • menstruation
    प्रार्थना सेन
    महिलाओं की मासिक धर्म से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए नीतिगत सुरक्षा उपायों की बढ़ती ज़रूरत
    06 Oct 2021
    भारत में लोगों के बीच मासिक धर्म से जुड़े किसी भी तरह की चर्चा और महिलाओं पर उनके मासिक धर्म से जुड़ी चिंताओं के सामने नहीं आने के नुक़सानदेह असर की ओर ध्यान दिलाना बेहद ज़रूरी है।
  • चित्र साभारः दैनिक भास्कर
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खनन विभाग के अधिकारी बालू माफियाओं से सांठगांठ कर अवैध कमाई पर देते हैं ज़ोर
    06 Oct 2021
    पटना, भोजपुर और सारण जिले के 138 घाटों पर बालू के खनन का टेंडर बिहार सरकार ने ब्रॉडसन कंपनी को दिया था। इसके बदले वह हर दिन 3.38 करोड़ रुपए का चालान कटवाकर सरकार को राजस्व देती थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License