NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
लीबिया के तट के पास भूमध्य सागर में नाव डूबने से 70 से अधिक प्रवासियों की मौत
लीबिया या इस क्षेत्र के अन्य देशों से यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हुए हर साल इसी तरह के दुर्घटनाओं में सैकड़ों प्रवासियों की मौत हो जाती है।
पीपल्स डिस्पैच
13 Nov 2020
लीबिया के तट के पास भूमध्य सागर में नाव डूबने से 70 से अधिक प्रवासियों की मौत

लीबिया के तट के पास खोमस में गुरुवार 12 नवंबर को भूमध्य सागर में एक नाव के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से कम से कम 74 प्रवासियों की मौत हो गई। मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

सूचना है कि छोटी डिंगी नाव में 120 से अधिक लोग सवार थे। लीबिया के तट रक्षक और स्थानीय मछुआरे 47 लोगों को बचाने में सफल हुए। रिपोर्ट लिखने के समय शव की तलाश जारी थी।

संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ माइग्रेशन (आईओएम) के अनुसार इस साल 1 अक्टूबर के बाद से यह नौवीं घटना थी। गुरुवार को लीबिया के तट के पास एक डूबती नाव से निकाले जाने के कुछ ही घंटे बाद गुइनिया की एक छह महीने की बच्ची की इससे अलग लेकिन इसी तरह की घटना में मौत हो गई।

आईओएम लिबिया प्रमुख फेडेरिको सोडा ने ट्वीट में कहा कि, "भूमध्यसागर में बढ़ती मौत दुनिया में सबसे ख़तरनाक समुद्र में बेहद जरूरी, समर्पित खोज और बचाव क्षमता के लिए निर्णायक कार्य करने के लिए सरकार की असमर्थता को दर्शाता है।”

आईओएम के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक यूरोप पहुंचने के लिए भूमध्य सागर को पार करने की कोशिश करते हुए 900 से अधिक लोग समुद्र में डूब चुके हैं। यूरोप के अधिकांश देशों ने समुद्र से यात्रा करने वाले प्रवासियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं और ओपन सी जैसे गैर सरकारी संगठनों द्वारा किए गए कार्यों को भी प्रतिबंधित कर दिया है। इस तरह के प्रतिबंध इन गैर सरकारी संगठनों द्वारा किए गए बचाव कार्यों में बाधा डालते हैं और प्रवासियों के जीवन को बड़े जोखिम में डालते हैं।

आईओएम ने कहा कि यूरोपीय देशों द्वारा समुद्र से यात्रा करने वाले बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के विस्थापन पर लगाए गए प्रतिबंधों और उनकी नीतियों के कारण उन्हें लीबिया और अन्य स्थानों पर वापस जाने के लिए मजबूर किया गया जो हज़ारों प्रवासियों को ख़तरे में डालता है। इन ख़तरों में डूबने से मौत, लीबिया में युद्ध में गोलीबारी में मौत या इस क्षेत्र में सरकारों द्वारा अस्वच्छ और बिना रखरखाव वाले डिटेंशन सेंटर में लंबे समय तक हिरासत में रहना शामिल है। आईओएम ने यूरोप की सरकारों से आग्रह किया है कि वे सॉलिडरिटी की भावना के साथ प्रवासियों के संबंध में अपनी नीतियों की समीक्षा करें।

libya
migrants
Mediterranean Sea
International Organization of Migration
IOM

Related Stories

हादसा-दर-हादसा: अलग-अलग स्थानों पर 14 मज़दूरों समेत 15 की मौत, 30 घायल

फिर हादसा, फिर मौतें : यूपी के औरैया में 24 मज़दूरों की जान गई, एमपी के सागर में 5 की मौत

15 मज़दूरों की मौत के बाद भी मंत्री जी कह रहे हैं- लोग शौक से करते हैं पलायन


बाकी खबरें

  • No more rape
    सोनिया यादव
    दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर
    29 Jan 2022
    भारत के विकास की गौरवगाथा के बीच दिल्ली में एक महिला को कथित तौर पर अगवा कर उससे गैंग रेप किया गया। महिला का सिर मुंडा कर, उसके चेहरे पर स्याही पोती गई और जूतों की माला पहनाकर सड़क पर तमाशा बनाया गया…
  • Delhi High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत
    29 Jan 2022
    दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 फरवरी तक सांसी कैंप को प्रोटेक्शन देकर राहत प्रदान की। रेलवे प्रशासन ने दिल्ली हाईकोर्ट में सांसी कैंप के हरियाणा में स्थित होने का मुद्दा उठाया किंतु कल हुई बहस में रेलवे ने…
  • Villagers in Odisha
    पीपल्स डिस्पैच
    ओडिशा में जिंदल इस्पात संयंत्र के ख़िलाफ़ संघर्ष में उतरे लोग
    29 Jan 2022
    पिछले दो महीनों से, ओडिशा के ढिंकिया गांव के लोग 4000 एकड़ जमीन जिंदल स्टील वर्क्स की एक स्टील परियोजना को दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह परियोजना यहां के 40,000 ग्रामवासियों की…
  • Labour
    दित्सा भट्टाचार्य
    जलवायु परिवर्तन के कारण भारत ने गंवाए 259 अरब श्रम घंटे- स्टडी
    29 Jan 2022
    खुले में कामकाज करने वाली कामकाजी उम्र की आबादी के हिस्से में श्रम हानि का प्रतिशत सबसे अधिक दक्षिण, पूर्व एवं दक्षिण पूर्व एशिया में है, जहाँ बड़ी संख्या में कामकाजी उम्र के लोग कृषि क्षेत्र में…
  • Uttarakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : नदियों का दोहन और बढ़ता अवैध ख़नन, चुनावों में बना बड़ा मुद्दा
    29 Jan 2022
    नदियों में होने वाला अवैज्ञानिक और अवैध खनन प्रकृति के साथ-साथ राज्य के खजाने को भी दो तरफ़ा नुकसान पहुंचा रहा है, पहला अवैध खनन के चलते खनन का सही मूल्य पूर्ण रूप से राज्य सरकार के ख़ज़ाने तक नहीं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License