NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
जेलों में कोरोना के प्रसार के ख़तरे के बीच मोरक्को ने 5600 से ज़्यादा क़ैदियों को रिहा किया
संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य समूहों ने दुनिया भर के देशों से जेलों के अंदर भीड़भाड़ को कम करने के लिए राजनीतिक और अनावश्यक कैदियों को रिहा करने को कहा है।
पीपल्स डिस्पैच
06 Apr 2020
 मोरक्को

मोरक्को के राजा ने कोरोनोवायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए देश की भीड़भाड़ वाली जेलों में रह रहे क़ैदियों की संख्या को कम करने के लिए यहां के विभिन्न जेलों से 5654 कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया है। ये घोषणा रविवार 5 अप्रैल को की गई है।

कैदियों को उम्र के अनुसार और जेल में बिताए गए वर्षों के आधार पर चयन किया गया। देश के न्याय मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक बयान के अनुसार कैदियों की ये रिहाई वैश्विक महामारी के समय "आपातकालीन स्वास्थ्य स्थिति और ज़रुरी एहतियात से जुड़ी विशेष परिस्थितियों" के कारण हुई। मिड्ल ईस्ट आई ने ये रिपोर्ट छापी है।

6 अप्रैल तक मोरक्को में Covid-19 से संक्रमण के 1000 से ज़्यादा मामले सामने आए हैं वहीं 70 लोगों की मौत हो गई है।

मोरक्को ने देश की जेलों में बंद कैदियों में इस वायरस के प्रसार से बचाने के लिए अतिरिक्त उपायों की भी घोषणा की है। इनमें आने जाने पर पाबंदी और एहतियाती उपायों की घोषणा की गई है।

कई मानवाधिकार समूहों और संगठनों ने राजा से सभी राजनीतिक क़ैदियों और बंदियों को रिहा करने की अपील की थी। बड़ी संख्या में राजनीतिक क़ैदी "हिराक" आंदोलन के हैं जो अभी भी जेल में हैं।

अल-हिराक अल-रिफ़ का शाब्दिक अर्थ है "रिफ़ का आंदोलन" । इसे मोरक्को के रिफ क्षेत्र में बर्बर नस्लीय पहचान (Berber ethnic identity) की सुरक्षा और अन्य राजनीतिक सुधारों के लिए अक्टूबर 2016 में शुरू किया गया था। यह जून 2017 तक चला। इस समय में अधिकारियों ने इसे रोकने के लिए दमनकारी कदम उठाए। सैकड़ों एक्टिविस्ट को गिरफ़्तार किया गया और उनमें से ज़्यादातर अभी भी जेलों में बंद हैं।

35 मिलियन से भी कम लोगों की संख्या वाले देश मोरक्को में 85000 से ज़्यादा कैदी हैं जिनमें विचाराधीन क़ैदी शामिल हैं। वर्ल्ड प्रिजन ब्रीफ के अनुसार, मोरक्को की अधिकांश जेलें 136 से ज़्यादा ऑफिशियल एवरेज ऑक्यूपेंसी रेट के साथ भीड़भाड़ वाली हैं।

ऑक्यूपेंसी रेट जेल की अधिकतम क्षमता के विरूद्ध वास्तविक क़ैदियों की संख्या को दर्शाता है। ये क्षमता लगभग 100 है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा पिछले महीने Covid-19 को वैश्विक महामारी घोषित करने के बाद यूएन ने भी राष्ट्रों को क़ैदियों को रिहा करने के लिए कहा है। भीड़भाड़ को देखते हुए संक्रमण के फैलने के समय क़ैदी सबसे असुरक्षित होते हैं। इस भीड़भाड़ के चलते अधिकांश जेलों के अंदर फिजिकल डिस्टेंसिंग असंभव हो जाता है, अनहाइजेनिक स्थिति बनी रहती है और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी होती है। साथ ही, बड़ी संख्या में क़ैदी अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं ऐसे में संक्रमित होने पर उनके स्वास्थ्य में सुधार मुश्किल हो जाता है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Coronavirus
COVID-19
Morocco
Morocco Police
Free over 5
000 prisoners
International news

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • SFI PROTEST
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई
    09 Feb 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय को फिर से खोलने के लिए SFI ने प्रदर्शन किया, इस दौरान छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का विरोध किया। साथ ही सड़क पर कक्षा लगाकर प्रशासन को चुनौत दी।
  • PTI
    समीना खान
    चुनावी घोषणापत्र: न जनता गंभीरता से लेती है, न राजनीतिक पार्टियां
    09 Feb 2022
    घोषणापत्र सत्ताधारी पार्टी का प्रश्नपत्र होता है और सत्ताकाल उसका परीक्षाकाल। इस दस्तावेज़ के ज़रिए पार्टी अपनी ओर से जनता को दी जाने वाली सुविधाओं का जिक्र करती है और जनता उनके आधार पर चुनाव करती है।…
  • हर्षवर्धन
    जन्मदिन विशेष : क्रांतिकारी शिव वर्मा की कहानी
    09 Feb 2022
    शिव वर्मा के माध्यम से ही आज हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव, राजगुरु, भगवती चरण वोहरा, जतिन दास और महाबीर सिंह आदि की कमानियों से परिचित हुए हैं। यह लेख उस लेखक की एक छोटी सी कहानी है जिसके बारे…
  • budget
    संतोष वर्मा, अनिशा अनुस्तूपा
    ग्रामीण विकास का बजट क्या उम्मीदों पर खरा उतरेगा?
    09 Feb 2022
    कोविड-19 महामारी से पैदा हुए ग्रामीण संकट को कम करने के लिए ख़र्च में वृद्धि होनी चाहिए थी, लेकिन महामारी के बाद के बजट में प्रचलित प्रवृत्ति इस अपेक्षा के मामले में खरा नहीं उतरती है
  • Election
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः प्रचार और भाषणों में स्थानीय मुद्दों को नहीं मिल रही जगह, भाजपा वोटर भी नाराज़
    09 Feb 2022
    ऐसे बहुत से स्थानीय मुद्दे हैं जिनको लेकर लोग नाराज हैं इनमें चाहे रोजगार की कमी का मामला हो, उद्योग की अनदेखी करने का या सड़क, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा, शिक्षा का मामला हो। इन मुद्दों पर चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License