NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
गूगल के ज़्यादातर कर्मचारी जुलाई 2021 तक घर से ही करेंगे काम
इस फ़ैसले की घोषणा गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने की।
एपी
28 Jul 2020
 सुंदर पिचाई

सैन रमोन (अमेरिका): इंटरनेट सर्च इंजन की दिग्गज कंपनी गूगल ने निर्णय लिया है कि उसके 200,000 कर्मी और संविदा पर काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारी अगले साल जून तक घर से ही काम करेंगे।

इस फैसले की घोषणा सोमवार को गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने की। इससे पहले गूगल ने इस पूरे साल कार्यालयों को बंद रखने की योजना की घोषणा की थी जिसे अब और छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।

पिचाई ने ईमेल के जरिए अपने कर्मचारियों को जानकारी दी, ‘‘ मैं जानता हूं कि इस बढ़ाई गई अवधि पर कर्मियों की मिलीजुली प्रतिक्रिया होगी और मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं और आप खुद का ध्यान रखें।’’

पिचाई के इस घोषणा की खबर सबसे पहले द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी थी ।

लंबे समय तक कार्यालय बंद रखने का फैसला अन्य बड़ी कंपनियों पर भी हो सकता है और वे भी इस तरह के कदम उठा सकते हैं। महामारी की वजह से तकनीक जगत की कंपनियां ऑनलाइन काम करने के मामले में भी आगे चल रही हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के 11 मार्च को कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित करने से पहले से ही गूगल समेत तकनीक से जुड़ी अन्य कंपनियां अपने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिये कह चुकी थी।

google
Google Employees
Work From Home
Coronavirus
Sundar Picha

Related Stories

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

शीर्ष कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं ने गरीब देशों को निराश किया

स्पेन : 'कंप्यूटर एरर' की वजह से पास हुआ श्रम सुधार बिल

भारती एयटेल में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी गूगल, 1.28 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीदेगी

अमीरों के लिए आपदा में अवसर बनी कोरोना महामारी – ऑक्स्फ़ाम इन्टरनेशनल की रिपोर्ट

महामारी में किशोरों का बिगड़ा मानसिक स्वास्थ्य; कैसे निपटेगी दुनिया!

क्या बूस्टर खुराक पर चर्चा वैश्विक टीका समता को गंभीर रूप से कमज़ोर कर रही है?

पड़ताल दुनिया भर की: ओमिक्रॉन का बढ़ता ख़ौफ़ और क्या शीत युद्ध की वापसी होगी

कोरोना संकट के बीच भूख से दम तोड़ते लोग

कोविड-19: वैक्सीन की राजनीति


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License