NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
जॉर्ज फ्लॉयड हत्या मामले की सुनवाई करने वाले अधिकतर न्यायाधीश श्वेत
इन निर्णायकों का चयन पुलिस अधिकारियों टोउ थाओ, थॉमस लेन और जे क्वेंग से संबंधित मामले की सुनवाई के संबंध में किया गया है। 
एपी
21 Jan 2022
 George Floyd

सेंट पॉल (अमेरिका): अमेरिकी-अफ्रीकी जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से संबधित मामले में संघीय अदालत में जारी सुनवाई के लिये बृहस्पतिवार को 18 सदस्यीय निर्णायक मंडल चयन किया गया, जिनमें अधिकतर सदस्य श्वेत दिखाई दिये। एक न्यायाधीश ने संभावित निर्णायकों को बताया कि इस मामले से नस्ल का कोई लेना-देना नहीं है।

इन निर्णायकों का चयन पुलिस अधिकारियों टोउ थाओ, थॉमस लेन और जे क्वेंग से संबंधित मामले की सुनवाई के संबंध में किया गया है। 

पुलिस अधिकारियों टोउ थाओ, थॉमस लेन और जे क्वेंग के खिलाफ चल रहे मामले की सुनवाई के लिये चुने गए इन निर्णायकों के दो समूह बनाए गए हैं। पहले समूह में 12 निर्णायकों को रखा गया है, जिनमें से एक एशियाई मूल का है जबकि शेष श्वेत प्रतीत होते हैं। दूसरे समूह में छह निर्णायक हैं, जिनमें से एशियाई मूल के एक निर्णायक को छोड़कर शेष पांच श्वेत हैं।

अदालत ने इनकी जनसांख्यिकीय जानकारी प्रदान करने से इनकार कर दिया।

पुलिस अधिकारियों पर फ्लॉयड को उनके नागरिक अधिकारों से वंचित करने का आरोप है। इस मामले में एक और आरोपी पुलिस अधिकारी डेरेक शॉविन है, जिसने 25 फरवरी 2020 को फ्लॉयड को गिरफ्तार करते समय एक सड़क पर पटककर उनकी गर्दन पर अपना घुटना रख दिया था, जिसके बाद फ्लॉयड की मौत हो गई थी।

George Floyd
George floyd Murder

Related Stories

जॉर्ज फ्लॉय्ड की मौत के 2 साल बाद क्या अमेरिका में कुछ बदलाव आया?

जॉर्ज फ़्लॉइड की पुण्यतिथि से पहले पूरे अमेरिका में सतर्कता बढ़ी

विरोध प्रदर्शनों के एक साल बाद, जॉर्ज फ़्लॉइड की हत्या के जुर्म में डेरेक शौविन दोषी क़रार

पोर्टलैंड और डीसी में संघीय बलों के हिंसा की जांच यूएस फेडरल एजेंसी करेगी

काले लोगों की लड़ाई से भारत को सीख

क्या ‘फ़ेयर एंड लवली’ ब्रैंडनेम में बदलाव 'ब्लैक लाइव्स मैटर' मुहिम का असर है?

अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने जॉर्ज फ्लॉयड के नाम वाला पुलिस सुधार बिल पास किया

इन पहरेदारों की पहरेदारी कौन करेगा ?

मुखर और निरंतर: IPL और क्रिकेट में नस्लभेदी व्यवहार की हक़ीक़त (5.75 Ounces S-2, Episode 31)

जॉर्ज फ्लॉयड को ह्यूस्टन में दफनाया गया


बाकी खबरें

  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक: वंचित समुदाय के लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों, सूदखोरी और बच्चों के अनिश्चित भविष्य पर अपने बयान दर्ज कराये
    24 Mar 2022
    झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे कई बच्चों ने महामारी की वजह से अपने दो साल गँवा दिए हैं और वे आज भी स्कूल में पढ़ पाने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। 
  • आज का कार्टून
    कश्मीर फाइल्स की कमाई कश्मीरी पंडितों को देने के सवाल को टाल गए विवेक अग्निहोत्री
    24 Mar 2022
    सच के इर्द गिर्द झूठ की कहानी बुनकर लोगों के बीच फ़ैलाने की कवायद किसी न किसी तरह फायदा हासिल करने से जुडी कवायद होती है। कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर बनी फिल्म कश्मीर फाइल्स भी यही है।
  • सरोजिनी बिष्ट
    बसपा की करारी हार पर क्या सोचता है दलित समाज?
    24 Mar 2022
    इस चुनाव में दलित वोटरों ने किस सोच के तहत अपना मत दिया? बसपा के विषय में आज उसके विचार किस ओर करवट ले रहे हैं? क्या उन्हें यह लगता है अब बसपा का चरित्र वो नहीं रहा जो तीन दशक पुराना था?
  • भाषा
    दिल्ली दंगे: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को जमानत देने से अदालत का इनकार
    24 Mar 2022
    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने 3 मार्च को खालिद और अभियोजन पक्ष के वकील की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान खालिद ने अदालत से कहा था कि अभियोजन पक्ष के पास उसके…
  • अजय कुमार
    सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) सतही नज़र से जितना प्रभावी गहरी नज़र से उतना ही अप्रभावी
    24 Mar 2022
    भारत के शिक्षा क्षेत्र की बड़ी परेशानी यह है कि उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या ज़्यादा है और उच्च शिक्षा के नाम पर बढ़िया संस्थान कम हैं। किसी तरह की छंटनी की प्रक्रिया बनाने से ज़्यादा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License