NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अब दूध भी महंगा, मदर डेयरी ने तीन रुपये प्रति लीटर तक दाम बढ़ाए
एक तरफ़ जहां प्याज़ की कीमत आसमान छू रही है, वहीं अब दूध भी महंगा हो गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Dec 2019
mother dairy
file Photo Image courtesy: Amar Ujala

दिल्ली: खाने पीने की अन्य चीज़ों के अलावा अब दूध भी महंगा हो गया है। दूध की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनी मदर डेयरी ने दिल्ली-एनसीआर में दूध की कीमतें तीन रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाने की शनिवार को घोषणा की। कंपनी ने कहा कि बढ़ी दरें रविवार से प्रभावी होंगी।

कंपनी ने कहा कि कम आपूर्ति तथा खरीद की लागत बढ़ने के कारण उसे कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। उसने कहा कि टोकन तथा थैली वाले दूध की कीमतें दो से तीन रुपये प्रति लीटर तक बढ़ायी गयी हैं।

मदर डेयरी का टोकन दूध अब दो रुपये महंगा होकर 42 रुपये प्रति लीटर होगा। फुल क्रीम दूध की एक लीटर वाली थैली अब 55 रुपये में तथा आधे लीटर वाली थैली 28 रुपये में मिलेगी। इनकी पुरानी दरें क्रमश: 53 रुपये और 27 रुपये हैं।

टोन्ड दूध अब 42 रुपये की जगह 45 रुपये में तथा डबल टोन्ड दूध 36 रुपये के बजाय 39 रुपये में मिलेगा। इसी तरह गाय का दूध भी तीन रुपये महंगा होकर 47 रुपये प्रति लीटर मिलेगा।

कंपनी ने कहा, ‘‘मानसून लंबा खींच जाने तथा दूध उत्पादन के अनुकूल सत्र की देर से शुरुआत समेत विपरीत मौसम परिस्थितियों के चलते विभिन्न राज्यों में दूध की उपलब्धता कम हुई है। प्रतिकूल मौसम के कारण पशुचारा की कीमतें भी बढ़ गयी हैं। इसका असर दूध उत्पादकों को किये जाने वाले भुगतान पर पड़ा है। सर्दियों में कच्चे दूध की कीमतें सामान्यत: कम हो जाती हैं, लेकिन इस बार बढ़ गयी हैं।’’

उसने कहा कि दूध उत्पादक किसानों को किया जाने वाला भुगतान पिछले कुछ महीने में करीब 20 प्रतिशत यानी छह रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गया है। इस कारण उसे दाम बढ़ाने पर बाध्य होना पड़ा है।

मदर डेयरी ने कहा कि वह दूध की बिक्री से होने वाली आय का करीब 80 प्रतिशत सिर्फ खरीदने में ही खर्च कर देती है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Mother Dairy
Milk Price
Mother Dairy increases milk price 3rs per liter
Onion Prices
Delhi-NCR

Related Stories

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ खिलवाड़ क्यों ?

दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा हुई ज़हरीली, गले और आंखों में जलन की शिकायतें

अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम, दो रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ

26 नवंबर की हड़ताल के लिए दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा तैयार, कई मज़दूर नेताओं की गिरफ़्तारी

यूपी: आलू-प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने में नाकाम योगी सरकार

दिल्ली-एनसीआर में बिहार के 80 प्रतिशत प्रवासी श्रमिकों की आमदनी शून्य हुई

क्या ये छोटे-छोटे भूकंप किसी बड़े भूकंप की आहट हैं?

8 जनवरी हड़ताल : दिल्ली एनसीआर में व्यापक असर

प्याज़ रुलाए, अच्छे दिन भुलाए


बाकी खबरें

  • mmummies
    संदीपन तालुकदार
    चीन के तारिम बेसिन ममी : डीएनए विश्लेषण से सामने आए हैरान करने वाले तथ्य
    30 Oct 2021
    27 अक्टूबर को 'नेचर' में प्रकाशित नए अध्ययन से पता चलता है कि यह ममी कुछ स्वदेशी लोगों के अवशेष हैं जिन्होंने शायद अपने पड़ोसी समूहों से कृषि विधियों को अपनाया था।
  • Mau saree Industry Crisis
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: मऊ में टूटी साड़ी उद्योग की कमर और बिनकारी करने वाले फनकारों का हुनर!
    30 Oct 2021
    मऊ की बुनकर कॉलोनी में नजराना कहती हैं, "पावरलूम पर खड़े-खड़े पैर सूज जाते हैं। नसें सुन्न पड़ जाती हैं। हमें पता है कि ये साड़ियां हमें असमय बूढ़ा कर देंगी और आंखों की रोशनी भी छीन लेंगी। शायद यही…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 14,313 नए मामले, 549 मरीज़ों की मौत
    30 Oct 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 42 लाख 60 हज़ार 470 हो गयी है।
  • Tripura
    वसी मनाज़िर
    त्रिपुरा और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक विरोधी हिंसा की बराबरी करना क्यों बेमानी है?
    30 Oct 2021
    त्रिपुरा में मुस्लिम विरोधी हिंसा की संस्थागत प्रकृति, और सत्ता में बैठे लोगों द्वारा इसे नियंत्रण न करना, इसे बांग्लादेश में हुए हिंदुओं के खिलाफ हालिया हमलों से अलग करती है।
  • EVS
    विनीत भल्ला
    ईडब्ल्यूएस आरक्षण की 8 लाख रुपये की आय सीमा का 'जनरल' और 'ओबीसी' श्रेणियों के बीच फ़र्क़ मिटाने वाला दावा भ्रामक
    30 Oct 2021
    'आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों' के लिए आरक्षण को लेकर पात्रता हासिल करने के लिहाज़ से ऊपरी आय सीमा के पीछे की दलील को स्पष्ट करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने दायर केंद्र सरकार ने जो हलफ़नामा दिया है, वह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License