NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बेटे और बेटियों की वापसी की मांग करते हुए ग़ायब बच्चों की माताओं ने मैक्सिको में रैलियां निकालीं
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार साल 2006 देश में ड्रग वॉर शुरू होने के बाद से मैक्सिको में 80,000 से अधिक लोग ग़ायब हो गए।
पीपल्स डिस्पैच
11 May 2021
बेटे और बेटियों की वापसी की मांग करते हुए ग़ायब बच्चों की माताओं ने मैक्सिको में रैलियां निकालीं

मैक्सिको में मदर्स डे 10 मई को मनाया जाता है। हालांकि, गायब बच्चों की माताओं का कहना है कि "इस दिन उन्हें मनाने के लिए कुछ भी नहीं है।" साल 2006 से इन माताओं का यह समूह यह मांग करते हुए इस दिन विरोध प्रदर्शन करता आ रहा है कि सरकारी अधिकारी उन्हें अपने बेटों और बेटियों के ठिकानों के बारे में सच्चाई खोजने में मदद करें और उन्हें न्याय दिलाए। सोमवार को हज़ारों माताओं ने मैक्सिको के विभिन्न शहरों में अपनी लापता बेटियों और बेटों को याद करने के लिए और उनके ठिकानों के बारे में पता करने के लिए सरकार के कर्तव्य को याद दिलाने के लिए रैलियां निकालीं।

राजधानी मैक्सिको सिटी में 500 से अधिक माताओं ने एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस मोनूमेंट से मोनूमेंट टू द रिवॉल्यूशन तक मार्च किया। इसमें शामिल होने वाली माताएं अपने प्रियजन की फोटो लिए हुई थीं और "हमारे बच्चे कहां हैं, वे कहां हैं?", "बच्चे, सुनो, तुम्हारी मां तुम्हें खोज रही है", "मैं तुम्हें तब तक तलाश नहीं लूंगी तब तक मैं तुम्हें ढूंढती रहूंगी" आदि जैसे नारे लगाए।

गायब हुए बच्चे की माताओं और रिश्तेदारों ने मांग की कि सरकार इस "मानवीय त्रासदी" से निपटे और उन अपराधों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जो उनके प्रियजनों को उनसे दूर कर दिया और एक न्यायिक संस्था बनाए जो विशेष रूप से इन अपराधों की जांच करे।

मैक्सिको की सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार साल 2006 में जब देश में ड्रग वार शुरु हुआ था तब से देश में 80,000 से अधिक लोग लापता हो गए। गायब हुए कई लोगों को ड्रग कार्टेल्स या अपहरण करने वाले गिरोह द्वारा अपहरण कर लिया गया और संभवतः मार दिया गया लेकिन कुछ मामलों में सरकारी अधिकारियों और पुलिस पर भी संदेह है।

mexico
Mexico Protest
mothers day

Related Stories

मैक्सिको में प्रवासियों ने प्रवास और शरणार्थी संकट के समाधान की मांग की

मैक्सिको ने ऐतिहासिक फ़ैसले में गर्भपात को अपराध की श्रेणी से बाहर किया

मैक्सिको में संसदीय व अन्य चुनावों से पहले उम्मीदवारों की हत्या में वृद्धि

मैक्सिको में महिलाओं की हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन

मैक्सिको : एबॉर्शन के अधिकार की मांग के साथ महिलाओं की रैली

मजदूरों की हड़ताल का पांचवां सप्ताह, जनरल मोटर्स के लिए कितना फायदेमंद?

मदर्स डे : कोरी भावुकता नहीं, ठोस प्रयास हैं आवश्यक

अमेरिकी सरकार में कामकाज ठप, 2018 में तीसरी बार शटडाउन


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License