NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मुद्रा अवमूल्यन व वेतन का भुगतान न करने को लेकर इराक़ में प्रदर्शन
इराक़ी दिनार के 20 प्रतिशत अवमूल्यन और वेतन भुगतान में देरी के सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सोमवार को बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए गए।
पीपल्स डिस्पैच
23 Dec 2020
इराक़

इराक में सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए उन निर्णयों के खिलाफ पिछले दो दिनों से प्रदर्शन हुए हैं जिनमें दैनिक मज़दूरी पाने वाले हजारों सरकारी कर्मचारियों की मज़दूरी देने में देरी के साथ-साथ करेंसी का अवमूल्यन (डिवैल्यू) शामिल है। इस रिपोर्ट को सोमवार 21 दिसंबर को कई मीडिया संस्थान ने प्रकाशित किया है।

कई इराकी शहरों में सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शनों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी शामिल थे, जिन्होंने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इराकी दिनार के मूल्य को पांचवें हिस्से तक घटाने की सरकार की योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके चलते आम इराकी नागरिकों के लिए उनके दैनिक खर्चों में भी कई तरह की समस्याएं पैदा हुईं साथ ही साथ देश में व्यापार को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है।

एक दिन पहले दक्षिणी इराकी शहर बसरा में विरोध प्रदर्शन हुए जिसमें पिछले नौ महीनों से वेतन का भुगतान न करने पर अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए शहर के कई मुख्य मार्गों को अवरुद्ध करते हुए हजारों प्रदर्शनकारी शामिल हुए थे।

सोमवार का विरोध प्रदर्शन जो राजधानी बगदाद, पूर्वी इराक के शहर कुट, मध्य इराकी शहर नजफ के साथ-साथ तेल-समृद्ध बसरा में फैला हुआ था। इस प्रदर्शन में शामिल हुए कई दुकानदार और छोटे व्यापारियों ने कहा कि मुद्रा के अवमूल्यन के परिणामस्वरूप आवश्यक वस्तुओं और अन्य मूलभूत वस्तुओं की कीमतों में अचानक वृद्धि होगी और वस्तुओं को आयात करने के लिए उनकी क्रय शक्ति भी कम हो जाएगी जिसके परिणामस्वरूप देश में विभिन्न आयातित वस्तुओं की कमी हो सकती है।

बगदाद के ताहिर चौक पर प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ लिखे कुछ बैनर और पोस्टर लिए हुए थे जिस पर लिखा था "सरकार को दीनार के सामने गिर जाना चाहिए"। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए एक डॉलर के मुकाबले 1182 इराकी दिनार की वर्तमान दर को बहाल करने की मांग की है जिसे सरकार ने अपने फैसले में एक डॉलर के मुकाबले 1460 दिनार कर दिया है।

चिंताशील व्यवसायियों के साथ साथ अन्य लोग जैसेकि इराक के कई वरिष्ठ नागरिक जो पेंशन पर जिंदा हैं उनका कहना है कि नई विनिमय दर के अनुसार समायोजन के बाद उनका पेंशन भी कम हो जाएगा जो कीमतों में वृद्धि के साथ है उनके खर्चों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।

इराक की सरकार ने देश के विदेशी भंडार को बाहर निकलने से रोकने के लिए मुद्रा अवमूल्यन को एक आवश्यक उपाय के रूप में समझाने की कोशिश की है। देश में 2021 में होने वाले संसदीय चुनावों के मद्देनजर सुधार पैकेज के भाग के रुप में सरकार ने निकट भविष्य में होने वाले अन्य कठोर नियमों की भी योजना बनाई है, जैसे कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती, कर दरों में बड़े पैमाने पर वृद्धि शामिल है।

Iraq
iraqi dinar
devaluation in iraq
workers right

Related Stories

'जितनी जल्दी तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान को स्थिर करने में मदद मिलेगी, भारत और पश्चिम के लिए उतना ही बेहतर- एड्रियन लेवी

साल के अंत तक इराक़ छोड़ देंगे सभी अमेरिकी सैनिक

इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की

सीरिया और इराक़ में अमेरिकी हवाई हमले में एक बच्चे की मौत, तीन अन्य घायल

इराक़ : एक्टिविस्टों की हत्या के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों पर कार्रवाई में प्रदर्शनकारी की मौत, 13 घायल

इराक़ ने अमेरिका से देश से अपने सैनिकों की वापसी में तेज़ी लाने के लिए कहा

बढ़ती बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ इराक़ में विरोध प्रदर्शन, प्रमुख तेल रिफ़ाइनरी बंद

इराक़ के लोगों ने सरकार की 2021 की रोजगार नीति का विरोध किया, सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियों की मांग की

इराक़ी अदालत ने अबू महदी की हत्या मामले में ट्रम्प के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया

इराक़ : जनता ने सुलेमानी और अल-मुहंदिस हत्या की बरसी पर अमेरिकी सैनिकों की वापसी की मांग की


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License