NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भारी बारिश से फिर मुंबई की थमी रफ़्तार, अस्त-व्यस्त हुआ जनजीवन
मुंबई में बीते मंगलवार से जारी भारी बारिश के कारण कई जगहों पर अभी से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, अस्पतालों और घरों में पानी भर गया है। जलभराव के कारण कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित है, बड़ी संख्या में पेड़ और इलेक्ट्रिक पोल के टूटने की खबर है। बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है।
सोनिया यादव
06 Aug 2020
भारी बारिश
साभार : यूट्यूब

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में लगातार भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने आज, गुरुवार को भी मुंबई के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलने की संभावना जताई। साथ ही समुद्र में हाई टाइड का खतरा भी है। राज्य सरकार ने स्थिति की समीक्षा के बाद लोगों से घरों में रहने की अपील की है।

शुरुआती दिनों में ही आधी से अधिक बारिश

मुंबई में बीते मंगलवार, 4 अगस्त से लगातार भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर अभी से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, अस्पतालों और घरों में पानी भर गया है। तो वहीं जलभराव के कारण कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हो गया है, बड़ी संख्या में पेड़ और इलेक्ट्रिक पोल के टूटने की खबर है। जिससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग का कहना है कि ऐक्टिव मानसून होने के कारण पहले पांच दिनों में ही अगस्त महीने की आधी से अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश के बाद गुरुवार से बारिश की धार में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है।

विभाग के अनुसार, बुधवार, 5 अगस्त को कोलाबा में सबसे अधिक 331.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि सांताक्रूज में पिछले 24 घंटे में 162.3 मिमी बारिश दर्ज हुई।

EeskzsyU0AAHs2-.jpg

एनडीआरएफ की 16 टीमें तैनात

भारी बारिश को देखते हुए मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में एनडीआरएफ की कुल 16 टीमें तैनात की गई हैं। 5 टीमें मुंबई में, 4 टीमें कोल्हापुर, 2 टीमें सांगली, एक-एक टीम सतारा, ठाणे, पालघर, नागपुर और रायगढ़ में तैनात की गई है।

प्रशासन क्या कह रहा है?

बीएमसी कमिश्नर आईएस चहल के मुताबिक 'कोलाबा, नरिमन पॉइंट, मरीन ड्राइव समेत 4 वार्ड में बुधवार को महज 4 घंटे में 300 मिमी बारिश हुई। यह अप्रत्याशित है। इलाके से पानी जल्द साफ हो जाएगा।'

बीएमसी के एक अधिकारी ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताया कि बुधवार को मुंबई में औसत से तिगुनी अधिक बारिश दर्ज की गई। इस बारिश में गिरगांव चौपाटी, कोलाबा और भायकला जैसे इलाके भी डूब गए जो हर बार मुंबई की बारिश में बाढ़ मुक्त रहते थे।

अधिकारी के अनुसार बुधवार को मुंबई की बारिश का हाल निसर्ग तूफान के दिन से भी ज्यादा खतरनाक था। कोलाबा में पिछले 12 घंटे में 293.8 मिमी बारिश हुई। इससे पहले कोलाबा में अगस्त महीने में 1974 में रिकॉर्ड 262 मिमी बारिश हुई थी।

मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने ट्वीट के माध्यम से मुंबईकरों से अपील की है कि वे अपना घर न छोड़ें।

सरकार क्या कह रही है?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पालघर, कोल्हापुर और रायगढ़ ज़िलों के जिला कलेक्टरों से विस्तृत जानकारी ली और लोगों से घरों से बाहर ना निकलने की अपील की।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बारिश से उत्पन्न स्थिति पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक़ दोनों नेताओं ने राज्य में बारिश की स्थिति की समीक्षा की और प्रधानमंत्री ने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

विपक्ष क्या कह रहा है?

देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे सरकार पर निशाना साधाते हुए कहा कि BMC के पास फंड की कमी नहीं है, फिर भी मुंबई का ये हाल है। अभी तक मुंबई में गड्ढे ही नहीं भरे गए हैं।

लोग क्या कह रहे हैं?

साउथ मुंबई के लोगों के मुताबिक 46 साल बाद अगस्त के महीने में उन्होंने ऐसी बारिश देखी है। साल 1974 के बाद यानी जब से मौसम विभाग ने रिकॉर्ड रखना शुरू किया अगस्त महीने में 24 घंटे में यह अब तक की सबसे भीषण बारिश है।

मरीन ड्राइव के पास रहने वाले विकास सिंह बताते हैं, “मैं बीते 20 सालों से मुंबई में रह रहा हूं लेकिन आजतक कभी ऐसी बारिश नहीं देखी थी। इतनी तेज हवाएं चल रही थी मानो तूफान आ गया हो। हमने आस-पास के लोगों से जानकारी ली तो पता चला की डी रोड पर पेड़ उखड़े पड़े हैं, सिग्नल टावर बर्बाद हो गए हैं। कई लोगों की गाड़ियों का पेड़ गिरने से काफी नुकसान हुआ है।”

नवी मुंबई के एक निवासी कहते हैं, “पूरे इलाके में पानी भर गया है, फिलहाल आप किसी काम के लिए घर से बाहर नहीं निकल सकते। सभी लैंडलाइन डेड हो गए हैं, फोन में नेटवर्क नहीं है। अलग-अलग इलाकों में शॉर्ट सर्किट होने की शिकायत आई हैं। कई जगहों से तो हादसों की खबर भी आ रही है, लेकिन कब तक सब ठीक होगा, ये कोई नहीं बता रहा।”

बुधवार को क्या-क्या दिक्कतें सामने आईं?

मुम्बई के मस्जिद और बायकुला के स्थानीय स्टेशनों के बीच रेल पटरियों के पानी में डूबने से दो रेलगाड़ियां फंस गई थी। जिसमें लगभग 290 यात्री सवार थे। सभी को एनडीआरएफ और रेलवे सुरक्षा बल की मदद से सुरक्षित निकाला गया।

रात में हुआ भूस्खलन, कोई हताहत नहीं

मुंबई के kemps कॉर्नर के पास रात करीब 12 बजे अचानक से भूस्खलन होने की खबर भी सामने आई। तो वहीं भारी बारिश के साथ तेज हवाओं की वजह से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) पर 110 करोड़ की कीमत की 3 विशालकाय क्रेन गिरने की जानकारी भी मिली। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

EeiseCAUcAAHVvT.jpg

मुंबई-गोवा हाइवे पर रोका गया ट्रैफ़िक

मुंबई-गोवा राजमार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। दक्षिण मुंबई में 150 से अधिक पेड़ों के गिरने के साथ ही 6 इलाकों में घर ढहने की घटनाएं सामने आईं।

कोल्हापुर में मूसलाधार बारिश के कारण राजाराम बांध का जल स्तर ख़तरे के निशान से ऊपर होने की आशंका है। जिसके कारण पंचगंगा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को ज़िला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिया गया है।

ऐसे हालात के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

गौरतलब है कि हर साल की तरह इस साल भी बारिश ने मायानगरी की रफ्तार रोक दी है। महज़ तीन दिन की बरसात ने बृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के सारे दावों की पोल खो दी है। सड़कों पर पानी जमा होने के साथ ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो गई है। आमजन को हर तरह की मुसीबत से जूझना पड़ा। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर मानसून के पहले स्थानीय निकाय पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं कर पाते? हर साल यही बदइंतजामी लोगों के हिस्से क्यों आती है। मुंबई के अलावा बिहार और आसाम भी बाढ़ के बुरे हालात से जूझ रहे हैं। हर बार मानसून के दस्तक देते ही स्थानीय निकायों के इंतजामों के दावों की असलियत सामने आ जाती है। जान माल का नुकसान तो होता ही है, लोगों को बेसिक जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।

बता दें कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के इस हाल ने 2005 की याद ताजा कर दी है, जब यहां सब कुछ ठप पड़ गया था। हैरानी वाली बात है कि एक दशक से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी हालात जस के तस ही हैं। बारिश हर साल लोगों के लिए आफत लेकर आती है, और प्रशासन हर बार नए दावे। कोरोना महामारी के बीच इस साल महाराष्ट्र की सरकार तो बदली लेकिन बारिश की बदहाली से लोगों को राहत का अभी भी इंतजार है।

Mumbai
Mumbai Rains
heavy rains
floods
NDRF
Uddhav Thackeray
Narendra modi
Devendra Fednavis

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • Himachal Pradesh
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल प्रदेश: फैक्ट्री में ब्लास्ट से 6 महिला मज़दूरों की मौत, दोषियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग
    24 Feb 2022
    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक फैक्ट्री में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गयी और 12 अन्य झुलस गए हैं। फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक मारे गए ज्यादातर लोग और…
  • putin
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस द्वारा डोनबास के दो गणराज्यों को मान्यता देने के मसले पर भारत की दुविधा
    24 Feb 2022
    डोनबास के संदर्भ में, भारत की वास्तविक दुविधा स्वयं के दूर-दराज के प्रदेशों की जमीनी हकीकत को देखते हुए उनके आत्मनिर्णय को लेकर है। 
  • putin
    एपी
    पुतिन की पूर्वी यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा
    24 Feb 2022
    पुतिन ने दावा किया है कि हमले पूर्वी यूक्रेन में लोगों की रक्षा करने के मकसद से किए जा रहे हैं। पुतिन ने अन्य देशों को आगाह भी किया है कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास ‘‘के ऐसे…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 14,148 नए मामले, 302 मरीज़ों की मौत
    24 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.35 फ़ीसदी यानी 1 लाख 48 हज़ार 359 हो गयी है।
  • aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में हिन्दुत्व बेअसर, हिजाब-विवाद, 'सायकिल' पर निशाना और मलिक अरेस्ट
    24 Feb 2022
    यूपी विधानसभा चुनाव में चौथे चरण के मतदान के बाद सत्ता की लड़ाई और दिलचस्प हो गयी है. सत्ताधारी भाजपा के पांव डगमगाते नज़र आ रहे हैं. पार्टी का हिन्दुत्व एजेंडा भी काम नहीं आ रहा है.
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License