NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अब मुनव्वर राना ने दी राय: मस्जिद के बजाय राजा दशरथ के नाम से बने अस्पताल, मोदी को भी चिट्ठी लिखी
अयोध्या में मस्जिद के लिए दी गई ज़मीन पर क्या बने, इसके लिए बिना मांगे रोज़ नई राय सामने आ रही हैं। अब ऐसी ही एक राय ही नहीं बल्कि मांग की है मशहूर शायर मुनव्वर राना ने।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 Aug 2020
rana

लखनऊ: अयोध्या में रामजन्मभूमि के लिए दी गई ज़मीन पर मंदिर निर्माण शुरू हो चुका है, लेकिन उसकी एवज़ में बाबरी मस्जिद के लिए दी ज़मीन पर क्या बने इसको लेकर हर आदमी एक नई राय दे रहा है। अब इसमें शामिल हो गए हैं मशहूर शायर मुनव्वर राना। उन्होंने उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अयोध्या के धन्नीपुर गांव में दी गई पांच एकड़ ज़मीन पर मस्जिद की जगह राजा दशरथ के नाम पर अस्पताल बनाये जाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

उच्चतम न्यायालय के आदेश पर मस्जिद बनाने के लिये यह ज़मीन दी गई है।

राना ने मंगलवार को समाचार एजेंसी 'भाषा' से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आठ अगस्त को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि धन्नीपुर गांव में वक्फ बोर्ड को मिली ज़मीन पर राजा दशरथ के नाम से अस्पताल बनवा दिया जाए। उन्होंने कहा, "यूं भी सरकार द्वारा दी गई या जबरदस्ती हासिल की गई जमीनों पर मस्जिदों का निर्माण नहीं होता।" राजा दशरथ के नाम पर अस्पताल का निर्माण क्यों होना चाहिए, इस बारे में पूछे जाने पर राना ने कहा, ‘‘ लंबे समय से मुसलमानों के खिलाफ यह बात प्रचारित की जा रही है कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाई थी, लेकिन सच्चाई यह है कि मुसलमान किसी अवैध कब्जे की ज़मीन पर मस्जिद नहीं बनाते।’’ उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमान हमेशा से अपने वतन, यहां रहने वाले लोगों और उनकी आस्था का पूरा सम्मान करते रहे हैं। यह संदेश देने के लिए वक्फ बोर्ड को मिली ज़मीन पर मस्जिद के बजाय भगवान राम के पिता राजा दशरथ के नाम पर अस्पताल बनवाया जाए।

उन्होंने कहा कि जहां तक मस्जिद का सवाल है, तो वह इसके निर्माण के लिए रायबरेली में सई नदी के किनारे अपनी साढ़े पांच बीघा ज़मीन देने को तैयार हैं। यह ज़मीन उनके बेटे तबरेज के नाम है।

राना ने पत्र में कहा “मैं चाहता हूं कि इस ज़मीन पर बाबरी मस्जिद की एक ऐसी शानदार इमारत बनाई जाए कि दुनिया के जो लोग इधर से गुजरें वे बाबरी मस्जिद का दीदार कर सकें।" राना ने प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में यह भी कहा कि जिस उच्चतम न्यायालय ने राम जन्मभूमि के पक्ष में निर्णय दिया है, वह अपना सम्मान बढ़ाने के लिए देश में वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे को जल्द से जल्द खाली करवाए ताकि समुदाय उनका इस्तेमाल अपनी भलाई के लिए कर सके।

साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किए जा चुके शायर राना ने बाबरी मस्जिद संबंधी मुकदमे में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया।

शायर ने पत्र में प्रधानमंत्री से यह भी मांग की कि एक नए वक्फ बोर्ड का गठन कर तमाम वक्फ संपत्तियों को उससे संबद्ध कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि इसमें उनकी कोई निजी दिलचस्पी नहीं है और उन्हें बोर्ड में कोई पद भी नहीं चाहिए। वह सिर्फ ज़मीन देने वाला व्यक्ति ही बने रहना चाहते हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Munawwar Rana
Ram Mandir
Narendra modi
ayodhya
Ayodhya Masjid Plot

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • मलियाना का न्याय कब  होगा
    क़ुरबान अली
    मलियाना का न्याय कब होगा : क़ुरबान अली 
    22 May 2021
    22-23 मई मेरठ ज़िले के मलियाना गांव में हुए नरसंहार और मेरठ दंगों के दौरान जेलों में हिरासत में हुई हत्याओं की 34वीं बरसी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले में एक पीआईएल की सुनवाई 24 मई को है। 
  • युद्धविराम की घोषणा के बाद गाज़ा में इज़रायली हमले समाप्त
    न्यूज़क्लिक टीम
    युद्धविराम की घोषणा के बाद गाज़ा में इज़रायली हमले समाप्त
    22 May 2021
    लाखों फिलिस्तीनियों को राहत देते हुए गाजा में शुक्रवार 21 मई को सुबह 2 बजे 11 दिनों तक चले इजरायली हमले को समाप्त करते हुए युद्धविराम लागू हुआ। इजरायल और हमास/इस्लामिक जिहाद दोनों के बीच हुए समझौते…
  • फादर स्टेन स्वामी
    गहेना गम्बानी
    मैं अब चलने, लिखने और खाने में अक्षम हूं, तलोजा जेल ने मेरी ऐसी हालत कर दी है : फादर स्टेन स्वामी ने हाईकोर्ट से कहा
    22 May 2021
     फादर को तलोजा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया था।
  • यूपी के गांव; एक पड़ताल: 1 अप्रैल से 20 मई- कोरोना के मामलों में 277% की वृद्धि
    पीयूष शर्मा
    यूपी के गांव; एक पड़ताल: 1 अप्रैल से 20 मई- कोरोना के मामलों में 277% की वृद्धि
    22 May 2021
    सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अध्ययन से ही साफ़ ज़ाहिर होता है कि कुल मरीज़ों में ग्रामीण हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। दूसरी लहर में जितने नए मामले सामने आये हैं उसमें 69 प्रतिशत तो केवल ग्रामीण…
  • इस्राइल का दोहरा अपराध: उपनिवेशवाद और नस्लवाद
    अपूर्वानंद
    इस्राइल का दोहरा अपराध: उपनिवेशवाद और नस्लवाद
    22 May 2021
    युद्ध रुका है। यह अच्छी ख़बर है। मौतें किसी भी सूरत में, किसी की भी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। लेकिन इसके बाद क्या?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License