NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?
नगर निगम में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) इस घटना के लिए दिल्ली सरकार को ज़िम्मेदार बता रही है, जबकि दिल्ली सरकार में सत्तधारी आम आदमी पार्टी (आप) इसके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार बता रही है। लेकिन दोनों में से कोई भी अपनी-अपनी ज़िम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
मुकुंद झा
16 May 2022
mundka

देश की राजधानी में शुक्रवार शाम एक तीन मंजिला इमारत में आग लगी थी, जिसमें कम से कम 27 लोगों मौत हो चुकी है। जबकि कई अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में कंपनी मालिक के बाद अब मकान मालिक मनीष लाकड़ा को भी गिरफ़्तार कर लिया है। इसके साथ ही लापता लोगों के परिजनों का डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लेना भी शुरु कर दिया है। 

आपको बता दें कि इन सबके बीच दिल्ली सरकार और नगर निगम में सत्ताधारी दल दोनों ने इस मसले पर राजनीति शुरू कर, एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कसने शुरू कर दिए हैं। नगर निगम में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) इस घटना के लिए दिल्ली सरकार को ज़िम्मेदार बता रही है, जबकि दिल्ली सरकार में सत्तधारी आम आदमी पार्टी (आप) इसके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार बता रही है। लेकिन दोनों में से कोई भी अपनी-अपनी ज़िम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। 

हर हादसे में एक दूसरे पर प्रत्यारोप मढ़े जाते हैं, लेकिन निकलता कुछ नहीं है। राजधानी में मज़दूर लगातार आग में जलकर मर रहे हैं और ये सरकारें कुंभकर्णीय नींद में सोई रहती हैं। जब कोई ऐसी दर्दनाक घटना होती है, तो घड़ियाली आसूं बहाने लगती हैं। लेकिन इन हादसों से सीखकर कोई भी सुरक्षा उपाय नहीं करती हैं । इस बार भी अभी तक ये सवाल बना हुआ है कि इस हादसे का ज़िम्मेदार कौन है?

इसे भी पढ़े: मुंडका अग्निकांड: 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

आप ने लगाया बीजेपी पर आरोप

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और नगर निगम इंचार्ज दुर्गेश पाठक ने रविवार को एक प्रेस वार्ता की और दावा किया है कि बिल्डिंग का मालिक मनीष लाकड़ा का बीजेपी से कनेक्शन है। जैसा कि बीजेपी का आईटी सेल किसी भी घटना के बाद आरोपी की तस्वीर विपक्षी दल के साथ ढूंढ़ने निकालता है और उसका सारा दोष उसके ही माथे डाल देता है, ठीक वैसे ही पाठक ने भी मकान मालिक मनीष लाकड़ा का बीजेपी नेता के साथ फोटो शेयर किया और बताने का प्रयास किया कि वो (मनीष लकड़ा) बीजेपी के राजनीतिक संरक्षण में ये सभी ग़ैर-क़ानूनी काम कर रहा था।

इसे भी पढ़े: मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

पाठक ने अपने प्रेस वार्ता में कहा कि, “बिल्डिंग लाल डोरा की ज़मीन पर बनी थी। इस पर इंडस्ट्रियल एक्टिविटि नहीं हो सकती है। 2016 मालिक ने लाइसेंस के लिए ऐप्लाई किया और एमसीडी ने नियमों को ताक पर रखकर इसे लाइसेन्स जारी कर दिया था। इसके आठ-दस महीने बाद उन्हें एहसास हुआ कि गलत हो गया और कई लोगों ने इसकी शिकायत की। उसके बाद 2017 में एमसीडी ने लाइसेंस रद्द (रिवोक) कर दिया। लाइसेंस रद्द होने के बाद में इंडस्ट्रियल एक्टिविटी रुकी नहीं चलती रही।”

पाठक ने आगे बताया कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी ने इस बिल्डिंग को सील कर दिया था। उन्होंने दवा किया कि आज भी कागजों में ये बिल्डिंग सील है। लेकिन बिल्डिंग में छोटा सा गेट लगाकर इंडस्ट्रियल कार्रवाई की जा रही थी। 

इसके बाद पाठक ने कुछ तस्वीर शेयर की, जिसमें मनीष लाकड़ा बीजेपी के नेताओं के साथ दिख रहा है। पाठक ने कहा कि, “दिल्ली वालों बीजेपी की एमसीडी ने दिल्ली को तबाह कर दिया है। बीजेपी के लोगों ने पूर्वी दिल्ली में `ग़ैर-क़ानूनी काम किया हुआ और इसका केवल एक ही मक़सद है, वो है भ्रष्टाचार। ये 27 मासूम लोग जो मरे हैं, इसके लिए अगर कोई ज़िम्मेदार है, तो वो है बीजेपी। मैं केवल एक ही चीज कहना चाहता हूँ कि जिन लोगों ने भी इन्हें बचाने की कोशिश की है, उनके खिलाफ हत्या का मुक़दमा दायर होना चाहिए।”

पाठक आगे कहते हैं कि, “यहाँ जो भी चल रहा था, वो बीजेपी की रहनुमाई में होर रहा था। यहाँ जो  कुछ भी चल रहा था बीजेपी के नेताओ को सब पता था।... मनीष बीजेपी का आदमी था इसलिए एमसीडी के लोग उसे संरक्षण दे रहे थे।”

दुर्गेश ने झूठ बोला, मकान मालिक का बीजेपी से नहीं है कोई संबंध: भाजपा

आम आदमी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर दुबे ने भी बयान जारी किया और आप द्वारा लगाए गए सभी आरोप का खण्डन किया। दुबे ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वेष में झूठ बोलती रहती है। ये तो हम देखते ही रहते हैं। परन्तु मुंडका में हुई मानवीय त्रासदी पर ’आप’ नेता दुर्गेश पाठक ने आज जो झूठ बोला है उसने मानवीयता को शर्मसार किया है।

दुबे ने अपने बयाना में कहा कि मुंडका के जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसके मालिक से बीजेपी का कोई संबंध नहीं है। वह न तो पार्टी का सदस्य है, न ही कोई पदाधिकारी है। इसके साथ ही बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि एमसीडी ने उसे कोई लाइसेंस भी नहीं दिया है।

उन्होंने दिल्ली सरकार के फायर विभाग पर सवाल किए और कहा कि इसे कनेक्शन और फायर एनओसी कैसे मिली।

बीजेपी के दिल्ली राज्य अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने घटना वाले दिन ही कहा था कि दिल्ली का फायर विभाग भ्र्ष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। फायर विभाग द्वारा एनओसी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ती की जाती है, जिसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मुंडका में आग लगने की घटना केजरीवाल सरकार के फायर विभाग की नाकामियों का परिणाम बताया था।

जबकि नेता प्रतिपक्ष राम सिंह बिधूड़ी ने मुंडका अग्निकांड की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की है। साथ ही घटना के बाद उठे सवालों का केजरीवाल से जवाब देने को कहा और मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपया और सरकारी नौकरी की मांग उठाई थी।

हादसे के लिए बीजेपी और आप दोनों ज़िम्मेदार!

ये दोनों ही पार्टियां अपना पाना पल्ला झाड़ रही हैं। लेकिन सच यह है कि दोनों में से कोई एक भी पार्टी ईमानदारी से अपना काम करती तो दर्दनाक हादसा टल सकता था। 

नगर निगम में शासन कर रही बीजेपी कोसड़क किनारे रेहड़ी पटरी लगा रहे गरीब लोगों का अतिक्रमण दिख जाता है और बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर लेकर तोड़ने पहुंच जाती है। परन्तु पश्चमी दिल्ली के मुख्य सड़क पर बनी गैरक़ानूनी इमारत और उसमें चल रही अवैध फैक्ट्री नहीं दिखती है। ऐसे कैसे हो सकता है? ये बड़ा सवाल है जो नगर निगम गली-कूचों में ढूढ़कर अतिक्रमण हटा रहा हो, लेकिन मुख्य सड़क पर बनी इमारत की जानकारी उसे कानों-कान न हो। 

आनाज मंडी अग्निकांड में भी ये बात सामने आई थी कि घटना से कुछ दिन पहले ही निगम के लोगों ने वहां सर्वे किया था। ऐसे में ये बात समझना कोई बड़ी बात नहीं है कि दिल्ली में ये अवैध फैक्ट्रियां नगर निगम के भ्रष्ट अधिकारी और नेताओं की मिलीभगत से चल रही है।

इसे भी पढ़े: फिर हादसा, फिर मौतें : लगातार ख़तरनाक़ होती जा रही हैं दिल्ली की फैक्ट्रियां

इसका क्या मतलब कि दिल्ली सरकार निर्दोष है ,उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। ऐसा बिल्कुल नहीं है। श्रमिकों की सुरक्षा और अवैध फैक्ट्रियों पर शिकंजा कसना दिल्ली सरकार के अधीन है। इसके लिए दिल्ली में श्रम विभाग है और उसके मंत्री दिल्ली सरकार के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति उप मुख्य मंत्री मनीष सिसोदिया हैं। लेकिन हमने देखा है कि दिल्ली सरकार ने पिछले सालों में हुए हादसों से कुछ नहीं सीखा है। 

इस बार भी फैक्ट्री में अंदर-बाहर जाने के लिए केवल एक ही रास्ता था, जो कि कारखाना अधिनियम, 1948 के नियमों के विरुद्ध है। कमर्शियल स्पेस का इस्तेमाल औद्योगिक उत्पादन कार्य के लिए किया जा रहा था, जो कि गैरकानूनी है। कारखाना अधिनियम के तहत बने ‘‘सैफ्टी मैनुअल‘‘ का उल्लंघन हो रहा था, जिसके लिए दिल्ली सरकार का फैक्ट्री इन्सपैक्टोरेट जिम्मेदार है। मृतक प्रवासी मज़दूर थे, जिनके मालिक ने न तो सही रिकार्ड बनाए गए थे और न ही ईएसआई एवं पीएफ लागू किया गया था। इसके लिए दोषी मालिक व श्रम विभाग तथा ईएसआई एवं पीएफ विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं।

हालाँकि ये बातें हर घटना के बाद निकलकर आती हैं, लेकिन घटना के एक दो दिन तक इसकी चर्चा होती है, फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

इससे पूर्व हुई घटनाएं नांगलोई उद्योग नगर, बवाना औद्योगिक क्षेत्र, रानी झांसी रोड से दिल्ली सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा है। लगातार बार-बार इस प्रकार की घटना देश की राजधानी में घटित हो रही हैं। सवाल यही है कि सरकारें कब मज़दूरों की जान की कीमत समझेंगी?

ट्र्रेंड यूनियनों का कहना है कि ये हादसे फैक्ट्री मालिकों के मुनाफा कामनने की हवस और भ्र्ष्ट सरकारी तंत्र के आपराधिक गठजोड़ से होता है। इस पर रोक लगानी है तो बड़े अधिकारी और नेताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए।

दिल्ली सरकार की लापरवाही को लेकर ट्रेड यूनियन संयुक्त रूप से श्रम मंत्री सिसोदिया के घर पर प्रदर्शन करेंगे।

मुंडका अग्निकांड : इमारत का फ़रार मालिक गिरफ़्तार

दिल्ली के मुंडका में जिस इमारत में भीषण आग लग गयी थी, उसके फरार चल रहे मालिक को घटना के दो दिन बाद गिरफ़्तार कर लिया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

आग सबसे पहले शुक्रवार को चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर लगी थी। इस घटना में 21 महिलाओं समेत 27 लोगों की मौत हो गयी।

पुलिस उपायुक्त (बाहरी) समीर शर्मा ने कहा, ‘‘हमने दिल्ली और हरियाणा में छापे मारने के बाद इमारत के फरार मालिक मनीष लाकड़ा को गिरफ्तार कर लिया है।’’

उन्होंने बताया कि लाकड़ा मुंडका गांव का रहने वाला है। इस घटना में 19 लोग अब भी लापता हैं और उनके जीवित बचने की संभावना अब बहुत कम है।

Delhi
Mundka
Mundka Fire
Fire Tragedy
AAP
Arvind Kejriwal
CTU
BJP

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मुंडका अग्निकांड : क्या मज़दूरों की जान की कोई क़ीमत नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

जहांगीरपुरी— बुलडोज़र ने तो ज़िंदगी की पटरी ही ध्वस्त कर दी

दिल्ली में गिरी इमारत के मलबे में फंसे पांच मज़दूरों को बचाया गया

दिल्ली में एक फैक्टरी में लगी आग, नौ लोग झुलसे

गाजीपुर अग्निकांडः राय ने ईडीएमसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है


बाकी खबरें

  • साइगॉन की यादों से वाबस्ता क्वाड
    एम. के. भद्रकुमार
    साइगॉन की यादों से वाबस्ता क्वाड
    28 Aug 2021
    किसी महाशक्ति की विश्वसनीयता अपने सहयोगियों के छोड़ देने से घट जाती है, शायद यही वजह है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर चीन के ख़िलाफ़ कमला हैरिस की टिप्पणी में सख़्त आक्रामकता नहीं थी।
  • Mohammed Yousuf Tarigami
    भाषा
    माकपा नेता तारिगामी ने अनुच्छेद 370 से संबंधित याचिका पर जल्द सुनवाई के लिए अर्जी दी
    28 Aug 2021
    माकपा नेता ने कहा कि यदि मामलों की तत्काल सुनवाई नहीं की गई तो ‘‘आवेदक के साथ गंभीर अन्याय होगा।’’
  • 'प्रेस की स्वतंत्रता पर कोई बंधन नहीं' : अदालत ने पत्रकार आसिफ़ नाइक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर को लताड़ा
    अनीस ज़रगर
    'प्रेस की स्वतंत्रता पर कोई बंधन नहीं' : अदालत ने पत्रकार आसिफ़ नाइक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर पर लताड़ा
    28 Aug 2021
    कोर्ट ने कहा, 'इसमें कोई दो राय नहीं है कि याचिकाकर्ता पेशे से पत्रकार है और उसका काम जानकारी इकट्ठा करना और उसे समाचार पत्र या किसी अन्य मीडिया में प्रकाशित करना है।'
  • विधानसभा कूच करती आंगनबाड़ी कार्यकर्तीयां; फोटो-सत्यम कुमार
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: आंगनबाड़ी कार्यकर्ती एवं सेविका कर्मचारी यूनियन का विधानसभा कूच 
    28 Aug 2021
    “उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को 7,500 रुपये, आंगनबाड़ी सहायिका को 3,750 रुपये और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को 4,500 रुपये प्रति माह मानदेय सरकार की ओर से मिलता है जो मंहगाई के इस दौर में बहुत ही…
  • इकॉनमी में मांग की भरपाई कौन करेगा ?
    न्यूज़क्लिक टीम
    इकॉनमी में मांग की भरपाई कौन करेगा ?
    27 Aug 2021
    पिछले 30 साल से देश में सूट-बूट की अर्थनीति चल रही है। अमीर और अमीर हो रहे हैं वहीँ गरीब खाने को मोहताज़ हैं। देश में निम्न और मध्यम वर्ग के हालात ख़राब ही होते जा रहे हैं जो देश की अर्थव्यवस्था के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License