NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग
दिल्ली में मुंडका जैसी आग की ख़तरनाक घटनाओं के ख़िलाफ़ सेंट्रल ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Jun 2022
protest

राजधानी में ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास तक मार्च निकाला, जिसमें मुंडका में आग की घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए अनुग्रह राशि के रूप में 50 लाख देने की माँग की।

दिल्ली में मुंडका जैसी आग की ख़तरनाक घटनाओं के ख़िलाफ़ सेंट्रल ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच ने 2 जून 2022 को दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से मुंडका में आग की घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग उठाई।

इस प्रदर्शन का आह्वान INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC, MEC, ICTU, और IFTU ने किया था। परन्तु इनके मुख्यमंत्री निवास तक के मार्च को पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। जिसके बाद ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही अपनी जनसभा लगा दी।

पिछले महीने की शुरुआत में पश्चिमी दिल्ली के मुंडका में एक व्यावसायिक इमारत में कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। जिसमें कम से कम 27 लोगों की जान ले ली गई थी, जिनमें से 21 महिलाएं थीं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी की एक श्रृंखला नज़र आती है। जिससे साफ दिख रहा है कि  मकान मालिक और सीसीटीवी और वाईफाई राउटर निर्माण इकाई के मालिक खुलेआम सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रहे थे।  

गुरुवार को, यूनियन के नेताओं ने दावा किया कि इस घटना की सीधी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की भी है, जिसने "अतीत में इसी तरह की घटनाओं से कोई सबक नहीं सीखा है।"

तत्कालीन उत्तरी दिल्ली नगर निगम (अब, दिल्ली नगर निगम) द्वारा प्रारंभिक जांच में यह उजागर किया गया था कि उस मकान में फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही थी।

यह भी पता चला कि इमारत संभवतः मुंडका गांव के लाल डोरा (गांव की भूमि) क्षेत्र में स्थित थी जहां औद्योगिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होती है।

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस(सीटू) के सचिव सिद्धेश्वर शुक्ला ने गुरुवार को न्यूज़क्लिक को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में हजारों ऐसी इमारतें हैं, जहां वर्तमान में कई कर्मचारी कार्यरत हैं, वे बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आगे पूछा कि "दिल्ली सरकार कब जागेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शहर में श्रम कानूनों के तहत सुरक्षा मानदंडों को ठीक से लागू किया जाए?" शुक्ला ने मांग की कि लापरवाही के लिए क्षेत्र के कारखाना निरीक्षक(फ़ैक्ट्री इंसपेक्टर) को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।

पिछले पांच वर्षों में, शहर में आग की तीन घातक घटनाएँ देखी गई हैं, जिसमें कुल 77 लोगों की जान चली गई। उत्तरी दिल्ली के बवाना में 2018 में एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। अगले साल, मध्य दिल्ली के करोल बाग में एक होटल की कई मंजिलों में आग लगने से 17 और लोगों की मौत हो गई। इसके कई महीनों बाद, उत्तरी दिल्ली की अनाज मंडी में एक भीषण आग ने 43 लोगों की जान ले ली। इनके अलावा कई छोटी बड़ी आग की घटना हुई हैं उनमें भी बड़ी संख्या में मज़दूरों की मौत हुई है। 

हालाँकि ये भी सत्य है कि इसी अवधि के दौरान, औद्योगिक सुरक्षा पर श्रम विभाग की एक भी बैठक नहीं बुलाई गई है, जिनमें ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया हो।

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) दिल्ली की अध्यक्ष मैमूना मौल्ला गुरुवार को प्रदर्शन में शामिल हुईं थीं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति के बीच, महिला मज़दूर अपने पुरुष सहयोगियों की तुलना में और भी अधिक असुरक्षित महसूस करती हैं। महिला श्रमिकों को समान काम के लिए समान वेतन भी नहीं दिया जाता है।  यहाँ तक की उनका मासिक भुगतान भी न्यूनतम मजदूरी से कम होता है।

अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) के धीरेंद्र शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार भी उन कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील नहीं है, जो मजदूर वर्ग के परिवारों को एक कमाने वाले सदस्य को खोने के बाद झेलनी पड़ती है। शर्मा सरकार द्वारा दिए गए अनुग्रह राशि की घोषणा को अपर्याप्त बताते हुए आलोचना करते हैं। सीएम केजरीवाल ने मुंडका अग्निकांड में मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी। 

इस बीच, गुरुवार के विरोध से एक दिन पहले मुंडका आग के पीड़ित परिवारों के सदस्यों द्वारा उक्त इमारत के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें उन्होंने अधिकारियों द्वारा अभी तक पहचाने जाने वाले शवों पर किए गए डीएनए परीक्षणों की रिपोर्ट मांगी गई थी।

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, बरामद किए गए 27 शवों में से केवल आठ की पहचान की गई है। दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि उसने डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए 26 लोगों के जैविक नमूने एकत्र किए हैं।

बुधवार को, पीटीआई ने परिवार के सदस्यों को यह दावा करते हुए बताया कि विनाशकारी घटना को दो सप्ताह से अधिक समय हो गया है, लेकिन कई पीड़ितों के अवशेष उनके परिवारों को नहीं सौंपे गए हैं।

ये भी पढ़ें: मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

Delhi
Mundka
Mundka Fire
Fire Tragedy
AAP
Arvind Kejriwal
INTUC
AITUC
hms
CITU
AIUTUC
TUCC
SEWA
AICCTU
LPF
UTUC
MEC
ICTU IFTU

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  • Mizoram
    भाषा
    ‘तस्करी’ से लाई गई सुपारी जलाने पर मिजोरम के अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज, विपक्ष ने साधा निशाना
    23 Dec 2021
    सुपारी व्यापारी लल्हरुएतलुआंगी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जिलाधिकारी ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर 18 दिसंबर को म्यांमा सीमा के पास केलकांग गांव में तीन ट्रकों को रोका था।
  • Ludhiana
    भाषा
    लुधियाना जिला अदालत परिसर में विस्फोट, दो लोगों की मौत
    23 Dec 2021
    मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि "कुछ देश विरोधी तथा राज्य विरोधी ताकतें इस तरह के घिनौने कृत्यों को अंजाम देने की कोशिश कर रही हैं....इसको लेकर सरकार सतर्क है और लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए…
  • ayodhya
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    अयोध्या ज़मीन घोटाला : सरकार ने दिए जाँच के आदेश, विपक्ष ने कहा ये महज़ दिखावा
    23 Dec 2021
    अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के निकट की जमीनें कथित रूप से भाजपा के विधायकों और प्रशासन के आला अधिकारियों द्वारा औने-पौने दाम में ख़रीदे जाने का मामला सामने आया है, जिसके बाद राज्य सरकार ने…
  • school admission
    काशिफ़ काकवी
    बीजेपी शासित मध्य प्रदेश में कक्षा 1 से 8 में दाख़िले की संख्या 39% नीचे गिरी
    23 Dec 2021
    2010-11 में 105 लाख छात्रों ने दाख़िला लिया था, वहीं 2020-21 में ये संख्या 64.34 लाख पर आ गई है।
  • Year 2021
    सोनिया यादव
    साल 2021 : खेत से लेकर सड़क और कोर्ट तक आवाज़ बुलंद करती महिलाएं
    23 Dec 2021
    इस साल महिलाओं ने पितृशाही और मनुवादी सोच को चुनौती देकर तमाम आंदोलनों में न सिर्फ़ अपनी हिस्सेदारी दिखाई बल्कि उन आंदोलनों की अगुवाई भी की। आज महिलाएं न सिर्फ़ अपने समुदाय के बल्कि सभी के अधिकारों के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License