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भारत
राजनीति
मुर्मू ने जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली
पूर्व नौकरशाह राधा कृष्ण माथुर ने गुरुवार को केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Oct 2019
murmu
Image courtesy: Hindi News

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर राज्य के विभाजन के बाद गिरीश चन्द्र मुर्मू ने गुरुवार को नए केंद्रशासित क्षेत्र के रूप में अस्तित्व में आए जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली।जम्मू कश्मीर में लगा राष्ट्रपति शासन बृहस्पतिवार को हटा लिया गया।  

जम्मू कश्मीर और लद्दाख दो नए केन्द्र शासित क्षेत्र के रूप में आज यानी बृहस्पतिवार से अस्तित्व में आ गए हैं। जम्मू-कश्मीर की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने श्रीनगर स्थित राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में मुर्मू को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

मुर्मू अगले महीने 60 वर्ष के हो जाएंगे। गुजरात कैडर के, 1985 बैच के आईएएस अधिकारी मुर्मू की नियुक्ति का वारंट मुख्य सचिव बी वी आर सुब्रह्मण्यम ने पढ़ा।

भाजपा नेता जुगल किशोर और राज्यसभा सदस्य तथा पीडीपी नेता नजीर लावे समेत 250 से अधिक गणमान्य अतिथि समारोह में उपस्थित थे। ओडिशा के मूल निवासी मुर्मू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात में काम कर चुके हैं। मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब मुर्मू उनके अतिरिक्त प्रधान सचिव थे।

मुर्मू ने लोक सेवा में एमबीए किया है और वह राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर भी हैं। जम्मू-कश्मीर के अंतिम राज्यपाल सत्यपाल मलिक को उनके शेष कार्यकाल के लिए गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। मलिक पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल बने थे।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों- जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित कर दिया था।

आरके माथुर ने लद्दाख के उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली

पूर्व नौकरशाह राधा कृष्ण माथुर ने गुरुवार को केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख के पहले उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ली। जम्मू कश्मीर के विभाजन के बाद लद्दाख अलग केंद्र शासित क्षेत्र बना है। माथुर अगले महीने 66 वर्ष के हो जाएंगे।

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने लेह के तिसूरू में सिंधु संस्कृति ऑडिटोरियम में एक समारोह में माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में लेह और करगिल पर्वतीय विकास परिषद के अधिकारी, सेना और अर्द्धसैनिक बल, धार्मिक नेता और आम लोग शामिल हुए।

शपथ ग्रहण के बाद लद्दाख पुलिस ने माथुर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।  उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में विकास की कई गतिविधियों की आवश्यकता है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने राज्यपाल के हवाले से कहा, ‘क्षेत्र में कई सरकारी कार्यक्रम पहले से चल रहे हैं, नए शासन के तहत आम लोगों और पर्वतीय विकास परिषदों से विचार विमर्श के बाद लद्दाख के लिए नई प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।’

माथुर त्रिपुरा से 1977 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।  उन्होंने कहा कि त्रिपुरा का मुख्य सचिव रहते हुए पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों में काम करने का अनुभव और रक्षा सचिव के रूप में काम करने का अनुभव उनके काम आएगा।

उन्होंने आईआईटी से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर किया है। वह वर्ष 2015 में रक्षा सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उसी वर्ष दिसंबर में उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया। पिछले वर्ष 65 वर्ष की आयु होने के साथ ही नवंबर में उनका कार्यकाल भी पूरा हो गया।

शपथ ग्रहण से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले वर्ष दिसंबर माह से अविभाजित जम्मू कश्मीर में लगा राष्ट्रपति शासन हटा दिया था। लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आने से एक दिन पहले बुधवार को केंद्र ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उमंग नरूला को इस हिमालयी क्षेत्र के नव नियुक्त उप राज्यपाल का सलाहकार नियुक्त किया।

नरूला 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इसी के साथ ही, 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी एस एस खंडारे को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का ‘पुलिस प्रमुख’ नियुक्त किया गया है। लगभग तीन लाख की आबादी वाले लद्दाख की सीमाएं पाकिस्तान और चीन से लगती हैं। इस लिहाज से यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Jammu and Kashmir
BJP
Narendera Modi
PDP
Article 370
Girish Chandra Murmu
First Lieutenant Governor of Jammu and Kashmir

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