NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
कितने मसलक… कितनी टोपियां...!
सुन्नी जमात हैं तो गोल टोपी... बरेलवी से हैं तो हरी टोपी...., अज़मेरी हैं तो ख़ादिम वाली टोपी.... जमाती होे तो जाली वाली टोपी..... आला हज़रत के मुरीद हों तो लम्बी टोपी। कौन सी टोपी चाहती हैं आप?
नाइश हसन
02 May 2022
Muslim
तस्वीर केवल प्रतीकात्मक प्रयोग के लिए

ईद अनकरीब थी, चारों तरफ रौनक अफरोज माहौल, खरीदारी करती खातून, बाजार रंगबिरंगे नजर आ रहे थे, कहीं चूडियाँ, कही रंगरेज़ की दुकान पर दुपट्टे रंगाती लड़कियाँ, गोटे लचके की सजी दुकानें... पूरा अमीनाबाद खचाखच भरा, कदम रखने की गुजाइश न थी। कबीर की उंगली पकड मैं भी एक टोपी की दुकान की ओर बढ़ गई। ईद की नमाज के लिए कुर्ता पायजामा टोपी रूमाल खरीदने। मैंने दुकानदार से कहा जरा बच्चे की साइज की एक टोपी देना!

दुकानदार - जी अच्छा ! हाथ टोपी की आलमारी की ओर बढाते हुए उसने मेरी तरफ एक बार फिर पलट कर देखा।

दुकानदार - कौन से मसलक की?

मैंने कहा - मसलक! अरे बच्चे की साइज की एक टोपी निकाल दीजिए।

दुकानदार - अरे वही तो मैं जानना चाहता हूॅं मोहतरमा कि कौन से मसलक की हैं आप?

(मसलक यानी राह, रास्ता, आस्था, पद्धति, तरीका, चलन, विचारधारा आदि)

सुन्नी जमात हैं तो गोल टोपी... बरेलवी से हैं तो हरी टोपी...., अजमेरी हैं तो खादिम वाली टोपी.... जमाती होे तो जाली वाली टोपी..... आला हजरत के मुरीद हों तो लम्बी टोपी। कौन सी टोपी चाहती हैं आप?

मैं हक्का-बक्का दुकानदार का मुॅंह ताकती रही। मेरे चेहरे पर तनाव और असमंजस का मिला जुला भाव आसानी से देखा जा सकता था। या अल्लाह मैं टोपी लेने आई हूॅं या मजहब और फिरकों की पड़ताल करने। मेरी जुबान से बस यूॅं ही निकल गया।

मैं दुकानदार को बिना कुछ जवाब दिए कबीर का हाथ थामें दुकान की सीढियों से नीचे उतरने लगी। दुकानदार ने मुझे दोबारा आवाज दी। अरे मोहतरमा.....! आप इस ओर तशरीफ तो लाएं..... मेरी दुकान में हर किस्म की टोपी है।

उसने शोकेस की ओर इशारा करते हुए कहा देखिए वो जरदोजी का काम की हुई बोहरा लोगों की टोपी है। हमारे पास शिया, सुन्नी, अहले हदीस, बरेलवी, जमाती, अजमेरी, अहमदी, चिश्ती, नक्शबंदी, सलफी, हर मसलक की टोपी मौजूद है। आप बताइये तो सही कौन सी टोपी चाहिए आप को।

मैंने कहा- मोमिन (ईमान) वाली टोपी दिखला दीजिए। दुकानदार ने जवाब दिया , वो यहाँ नहीं मिलेगी मोहतरमा क्योंकि कोई मोमिन वाली टोपी मांगने आता ही नहीं। इस लिए हम रखते भी नहीं।

दुकानदार का जवाब सुन मैं सोच में पड़ गई। समझ नहीं पाई कि इतने मसलकों में से किस मसलक की टोपी खरीदूॅं।

मकसद सिर्फ सिर ढकना था लेकिन टोपी आज मसलकों की पहचान हो गई और मैं टोपी में मोमिन ढूंढ रही थी।

मैंने कबीर की उंगली पकड़ी और मन ही मन यह अहद करते हुए कि इन मसलकी जमीनी खुदाओं के फरमान से कबीर को बचाना ज्यादा जरूरी है नमाज तो बिना टोपी के भी हो सकती है। दुकान की सीढ़ि्यों से उतरी और घर वापस चली आई ।

(लेखिका एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

eid
Islam
Shia-Sunni
Shia–Sunni relations
Difference between Sunni and Shia
Eid al-Fitr

Related Stories

मंज़र ऐसा ही ख़ुश नज़र आए...पसमंज़र की आग बुझ जाए: ईद मुबारक!

...हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी

ईद मुबारक...आइए हाथ उठाएँ हम भी, हम जिन्हें रस्म-ए-दुआ याद नहीं...

हर एक दिल में है इस ईद की ख़ुशी...


बाकी खबरें

  • पीपुल्स डिस्पैच
    द.अफ्रीकाः स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना बाद की कटौती का विरोध कर रहे हैं
    16 Apr 2022
    दक्षिण अफ्रीका के कई प्रांतों में स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों ने अपने रोजगारों के नुकसान और सेवाओं के पुनर्गठन के खतरों का सामना करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और औद्योगिक…
  • सोनिया यादव
    यूपी: अब झांसी में अवैध खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर हमला, कहां है कानून व्यवस्था? 
    16 Apr 2022
    प्रदेश में पत्रकारों के ख़िलाफ़ जिस तरह से मार-पीट और मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं उससे तो यही लगता है कि आने वाले दिनों में राज्य में पत्रकारिता और पत्रकारों की दशा और खराब हो सकती है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: ये बुलडोजरिस्तान हमारा, हम को प्राणों से है प्यारा!
    16 Apr 2022
    सच तो यह है कि बुलडोजर, मोदी जी के नये भारत की निशानी है। दिखाने में सेक्युलर और घर-दुकान गिराने में, छांट-छांटकर चलने वाला। बाबा का, मामा का या और किसी भी भगवाधारी का बुलडोजर जब चलता है, पुराना…
  • रमा तेलतुंबड़े आंबेडकर
    दो साल से कैद आनंद तेलतुंबड़े के जीवन के सबसे मार्मिक पल
    16 Apr 2022
    आनंद ने न्यायपालिका से अपने खिलाफ़ लगाए गए घृणित और गलत आरोपों को रद्द करने की गुहार लगाई है।
  • सत्यम् तिवारी
    देश भर में निकाली गई हनुमान जयंती की शोभायात्रा, रामनवमी जुलूस में झुलसे घरों की किसी को नहीं याद?
    16 Apr 2022
    एक धार्मिक जुलूस से पैदा हुई दहशत और घायल लोगों की चीख़-पुकार अभी फ़िज़ा में मौजूद है कि राजधानी दिल्ली सहित देश भर में एक और त्योहार के जुलूस निकाले गए। और वह भी बाक़ायदा सरकारी आयोजन की तरह। सवाल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License