NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत : हम देश बचाने निकले हैं...
किसानों के नज़दीक अब बात न सिर्फ़ खेत बचाने की है, न खलियान बचाने की, उनकी चिंता अब देश बचाने की भी है। और देश बचाने के लिए किसान रविवार 5 सितंबर को मुज़फ़्फ़नगर में जुट रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Sep 2021
cartoon

मज़दूर विरोधी चार श्रम कोड के बाद किसान विरोधी तीन कृषि क़ानून और अब राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी)के बहाने देश की संपत्ति निजी हाथों में देने की योजना जिसे देश बेचने की योजना भी कहा जा रहा है, ने देश के भीतर एक नयी चिंता पैदा कर दी है। और इसी सबके बीच रविवार 5 सितंबर को मुज़फ़्फ़नगर में हो रही है किसान महापंचायत, जिसमें आम लोगों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। शायद इन सभी मुद्दों की अनुगूंज वहां सुनाई दे।

संयुक्त किसान मोर्चा ने महापंचायत के बारे में दावा किया है कि,  "मुजफ्फरनगर में, दुनिया के अब तक के सबसे बड़े किसानों के जमावड़े के आयोजन के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 5 सितंबर को शहर के जीआईसी ग्राउंड में आयोजित की जा रही किसान महापंचायत में लाखों किसानों के शामिल होने की उम्मीद है, जहां से संयुक्त किसान मोर्चा के मिशन उत्तर प्रदेश की शुरुआत होगी।"

न्यूज़क्लिक पर अपने आलेख में लाल बहादुर सिंह लिखते हैं – “यह रैली साफ इशारा कर रही है कि देश किसानों के एक अभूतपूर्व उभार के मुहाने पर खड़ा है, यह न सिर्फ इस सरकार वरन भविष्य में आने वाली किसी भी सरकार के लिए कृषि क्षेत्र में नवउदारवादी नीतियों के क्रियान्वयन और बड़ी पूँजी के प्रवेश को असम्भव बना देगा और वैकल्पिक नीतियों के लिए राष्ट्रीय जनान्दोलन का प्रस्थान बिंदु बनेगा।”

इसे पढ़ें: मुज़फ़्फ़रनगर महापंचायत : जनउभार और राजनैतिक हस्तक्षेप की दिशा में किसान आंदोलन की लम्बी छलांग

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
farmers protest
New Farm Laws
kisan andolan
muzaffarnagar
Muzaffarnagar Mahapanchayat
5th September
rakesh tikait
Samyukt Kisan Morcha
All India Kisan Union
democracy
Save Democracy
Save Agriculture-Save Democracy

Related Stories

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

1982 की गौरवशाली संयुक्त हड़ताल के 40 वर्ष: वर्तमान में मेहनतकश वर्ग की एकता का महत्व


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License