NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामला: दिल्ली की अदालत ने एकबार फिर क्यों  फैसला टाला ?
इससे पहले भी अदालत ने अपना आदेश 12 दिसंबर तक टाल दिया था क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में सभी छह जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल के कारण तिहाड़ जेल में बंद 20 आरोपियों को अदालत परिसर में नहीं लाया जा सका था 
भाषा
12 Dec 2019
shelter home
Image courtesy: Google

दिल्ली की एक अदालत ने बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बालिका गृह में कई लड़कियों से कथित यौन एवं शारीरिक उत्पीड़न के मामले में बृहस्पतिवार को फैसला करीब एक महीने के लिये टाल दिया। यह बालिका गृह बिहार पीपुल्स पार्टी के पूर्व विधायक ब्रजेश ठाकुर चलाते थे।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार ने फैसला 14 जनवरी तक टाल दिया क्योंकि मामले में सुनवाई करने वाले न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ बृहस्पतिवार को छुट्टी पर थे।

इससे पहले भी अदालत ने अपना आदेश 12 दिसंबर तक टाल दिया था क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में सभी छह जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल के कारण तिहाड़ जेल में बंद 20 आरोपियों को अदालत परिसर में नहीं लाया जा सका था।

अदालत ने 20 मार्च, 2018 को नाबालिगों से बलात्कार और यौन उत्पीड़न की साजिश रचने के अपराध में ठाकुर समेत आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

यह मामला उस वक्त सामने आया था जब टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) ने 26 मई, 2018 को बिहार सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें बालिका गृह में नाबालिग लड़कियों से कथित यौन उत्पीड़न की घटनाओं का जिक्र किया गया था।

आरोपियों में आठ महिलाएं एवं 12 पुरुष हैं।

मामले में कुछ आरोपियों की ओर से पेश हुए वकील धीरज कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने बलात्कार, यौन उत्पीड़न, यौन प्रताड़ना, नाबालिगों को नशीला दवा देने, आपराधिक साजिश समेत अन्य आरोपों पर बंद कमरे में सुनवाई की।

वकील ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी ठाकुर और उसके बालिका गृह के कर्मचारियों समेत बिहार सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही करने और पीड़ित लड़कियों से हुए उत्पीड़न के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने में नाकाम रहने के आरोप लगे हैं।

आरोप में बालिका गृह में संरक्षण में रहने वाले बच्चों से क्रूरता के अपराध भी शामिल हैं जो किशोर न्याय अधिनियम के तहत दंडनीय है।
अदालत के समक्ष पेश हुए सभी आरोपियों ने खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे।

इन अपराधों के लिए अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है।

अदालत ने सीबीआई के वकील और 20 आरोपियों की अंतिम दलीलों के बाद अदालत ने 30 सितंबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। मामले में बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री एवं जदयू नेता मंजू वर्मा को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। आरोप है कि जदयू नेता के पति का ठाकुर के साथ संबंध है।

विवाद बढ़ने पर आठ अगस्त, 2018 को मंजू वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

MUZAFFARPUR SHELTER HOME CASE
muzaffarpur
Muzaffarpur Girl Child Case
Delhi High court
crimes against women
violence against women
sexual crimes

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहारः मुज़फ़्फ़रपुर में अब डायरिया से 300 से अधिक बच्चे बीमार, शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती

बिहार में फिर लौटा चमकी बुखार, मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक दो बच्चों की मौत

स्मार्ट सिटी मिशनः प्रोजेक्ट कैटेगरी में चयनित 34 शहरों में बिहार के एक भी शहर नहीं


बाकी खबरें

  • bank strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बैंक हड़ताल: केंद्र द्वारा बैंकों के निजीकरण के ख़िलाफ़ यूनियनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी
    16 Dec 2021
    कांग्रेस, एआईटीसी, डीएमके, सीपीआई, सीपीएम और वाईएसआरसी, टीआरसी, शिवसेना, आप के नेताओं सहित कई राजनीतिक दलों और संसद सदस्यों ने भी दो दिवसीय बैंक हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।
  • UP
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी: महामारी में टूटे निस्वार्थ शिक्षक और उनके गांव के सपने
    16 Dec 2021
    एक ऐसे राज्य में जहां राजनेता चुनाव जीतने के लिए अपनी जाति का या फिर सांप्रदायिक कार्ड खेलते हैं, प्यारेलाल ने अपने गांव के बच्चों को पढ़ाकर एकजुट कर दिया था. पर महामारी ने उन्हें बेरोजगार कर दिया और…
  • SP PSP
    रवि शंकर दुबे
    दूर हुए चाचा-भतीजे के गिले-शिकवे, 'साथ चुनाव लड़ेगी सपा-प्रसपा'
    16 Dec 2021
    अखिलेश यादव ने मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मुलाकात हुई और गठबंधन की बात तय हुई। क्षेत्रीय दलों को साथ लेने की नीति सपा को लगातार मजबूत कर रही है।"
  • Modi
    अजय कुमार
    हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व का फ़र्क़
    16 Dec 2021
    अगर कॉरपोरेट्स का साथ ना मिले तो हिंदुत्व की बगिया हिंदू धर्म के मर्म से उजड़ जाएगी।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग तेज़, शाहीन बाग़ आंदोलन के 2 साल और अन्य ख़बरें
    16 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफ़े की मांग तेज़, शाहीन बाग़ आंदोलन के 2 साल और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License