NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यांमार : दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद प्रदर्शन तेज़
हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ म्यांमार की प्रमुख सड़कों पर उतर गए हैं। 20 फ़रवरी को मंडाले में दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गया है।
पीपल्स डिस्पैच
22 Feb 2021
म्यांमार : दो प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद प्रदर्शन तेज़

म्यांमार सेना द्वारा दी गई धमकियों के बावजूद लोकतंत्र के समर्थन में और सैन्य तख्ता पलट के खिलाफ नारा लगाते हुए हजारों लोग म्यांमार की सड़कों पर उतर गए। 20 फरवरी को मंडाले में सुरक्षा बलों द्वारा दो प्रदर्शनकारियों को मारे जाने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारी उत्तर में मिटकिना, चीनी सीमा के पास भामो और केंद्रीय शहर पाइनमाना जैसे विभिन्न शहरों में भी प्रदर्शन कर रहे थे। 22 फरवरी को प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए सभी प्रमुख व्यवसायिक, शैक्षिक और सार्वजनिक संस्थान बंद रहे।

रिपोर्ट के अनुसार 1 फरवरी को हुए तख्तापलट के बाद सोमवार 22 फरवरी को देश के विभिन्न हिस्सों में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले संगठन सिविल डिसओबेडिएंस मूवमेंट (सीडीएम) ने सोमवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

सेना ने रविवार को एक बयान में कहा कि, "प्रदर्शनकारी अब लोगों विशेष रूप से भावनात्मक किशोरों और युवाओं को संघर्ष के लिए उकसा रहे हैं जहां वे अपनी जिंदगी को गंवाएंगे।"

9 फरवरी को नैपीतौ में पहली बार जनहानि का मामला सामने आने के बाद म्यांमार की सेना के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन तेज हो गया है। असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स

के अनुसार अब तक 640 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

20 फरवरी को राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों ने 20 वर्षीय महिला म्या थ्वाटे थ्वाटे खैंग के अंतिम संस्कार में भाग लिया। इन पर 9 फरवरी को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा काफी करीब से गोली मारी गई थी।

युवा महिला म्या लाइफ सपोर्ट पर थी और शनिवार को उसकी मौत हो गई जो पिछले तीन हफ्तों से देश में जारी जन आंदोलन की पहली जनहानि है।

इसी तरह, दो प्रदर्शनकारियों की मौत तब हो गई जब सुरक्षा बलों ने एक स्थानीय शिपयार्ड पर श्रमिकों को विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए मजबूर किया था। इससे टकराव बढ़ गया जिसके बाद अधिकारियों ने हजारों प्रदर्शनकारियों पर रबर की गोलियां और आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस की इस कार्रवाई में 40 प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

इस बीच, म्यांमार में टकराव में कोई कमी नजर नहीं आ रही है और तनाव बढ़ रहा है।

Myanmar
Myanmar Army
Myanmar Protest

Related Stories

भारत के कर्तव्यों का उल्लंघन है रोहिंग्या शरणार्थियों की हिरासत और उनका निर्वासन

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग

म्यांमार के प्रति भारतीय विदेश नीति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है

म्यांमार में 4,800 खदान कर्मचारियों की हड़ताल के छह महीने पूरे

म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की

म्यांमार के नयपीडाव में सैन्य छापेमारी में 31 लोग मारे गए

रोहिंग्या कैंप: आग लगने के बाद अब क्या हैं हालात

दिल्ली के इकलौते रोहिंग्या कैंप में बार-बार आग लगने से उठते सवाल

सुप्रीम कोर्ट का रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का फ़ैसला कितना मानवीय?


बाकी खबरें

  • पब्लिक का पैसा, सेठों के हाथ
    न्यूज़क्लिक टीम
    पब्लिक का पैसा, सेठों के हाथ
    16 Jul 2021
    पिछले दो दशकों में कई कंपनियों ने सरकारी बैंकों से करोड़ों रूपये का क़र्ज़ लिया और उसे कभी लौटाया नहींI अब सरकारी बैंक कुछ पैसा वापस लेकर इस कर्ज़े को रफादफा कर रहे हैंI इससे जनता का पैसा बड़े…
  • सरकार बनाने में विफल रहने के बाद लेबनान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री हरीरी का इस्तीफ़ा
    पीपल्स डिस्पैच
    सरकार बनाने में विफल रहने के बाद लेबनान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री हरीरी का इस्तीफ़ा
    16 Jul 2021
    केवल सात महीने सत्ता में रहे प्रधानमंत्री हसन दिआब द्वारा बेरूत विस्फोटों के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा देने के बाद लेबनान में पिछले साल अगस्त से कार्यवाहक सरकार थी।
  • "दिल्ली 2041 के लिए डीडीए का मास्टर प्लान कामगार वर्ग की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम"
    रौनक छाबड़ा
    "दिल्ली 2041 के लिए डीडीए का मास्टर प्लान कामगार वर्ग की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम"
    16 Jul 2021
    गुरुवार को 'मैं भी दिल्ली' कैंपेन ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाकर दिल्ली-2041 के मसौदे पर चर्चा की। यह एक क़ानूनी दस्तावेज़ है, जिसके पास दिल्ली में शहरी विकास को बदलने की ताक़त है।
  • इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर
    पीपल्स डिस्पैच
    इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर
    16 Jul 2021
    इस क़ानून में शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में वृद्धि का प्रावधान है, ये समावेशी और गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा की गारंटी देता है, शिक्षकों के मूल वेतन में वृद्धि करता है। इसमें कोविड-19 महामारी के कारण…
  • अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा
    पीपल्स डिस्पैच
    अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा
    16 Jul 2021
    इस सामूहिक रिहाई से पहले, सरकार विरोधी हिरक विरोध प्रदर्शनों या अन्य विपक्षी समूहों में समर्थन या भाग लेने के लिए अल्जीरियाई सरकार द्वारा 300 से अधिक राजनीतिक क़ैदियों को हिरासत में लिया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License