NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नाटो ने अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी की समय सीमा बढ़ाई
राष्ट्रपति बाइडेन की अफ़ग़ानिस्तान से जल्द वापसी के लिए विचार करने की घोषणा के दो सप्ताह बाद नाटो ने अपने सैनिकों की वापसी को आख़िरी अप्रैल की समय सीमा से आगे बढ़ा दिया।
पीपल्स डिस्पैच
02 Feb 2021
नाटो ने अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी की समय सीमा बढ़ाई
प्रतीकात्मक तस्वीर

एक निर्णय जो अफगानिस्तान में हिंसा को और बढ़ा सकता है। नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि अंतिम अप्रैल की डेडलाइन से आगे उनके सैनिक संघर्ष-ग्रस्त अफगान क्षेत्र में रहेंगे।

यह घोषणा ऐसी अटकलों के बीच हुआ है जब नॉर्वे, कनाडा और जर्मनी के नेता अफगान-शांति वार्ता के किसी सही नतीजे तक पहुंचने तक अपने सैनिकों को अफगानिस्तान के भीतर रखने की योजना बना रहे हैं।

पिछले साल फरवरी में तालिबान और अमेरिकी सरकार के बीच हस्ताक्षरित "ऐतिहासिक शांति-समझौते" के अनुसार विदेशी सैनिकों की संख्या को कम करके 2500 तक ले जाना था और अप्रैल के अंत तक एक अनुकूल माहौल इस देश से अपने पूरे सैनिकों की वापसी को अनुमति देगा। हालांकि, 2020 के दोहा समझौते ने विद्रोही तालिबान के साथ-साथ अशरफ गनी के नेतृत्व वाली अफगान सरकार द्वारा पूरा करने वाले कुछ पूर्व में अपेक्षित दिशा-निर्देशों और सुरक्षा गारंटियों को भी शामिल किया था।

20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडेन के सत्ता संभालने के साथ ऐसा लगता है कि नई नियुक्त सरकार द्वारा जल्दबाजी में वापसी की नीति के प्रति थोड़ी सावधानी दिखाई जा रही है। हाल ही में नियुक्त राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेके सुलिवन ने 22 जनवरी को पुष्टि की कि राष्ट्रपति बाइडेन के नेतृत्व वाला प्रशासन इस "शांति-समझौते की समीक्षा" करने के बारे में सोच रहा है।

12 सितंबर को जब कतर में इंट्रा-अफगान शांति वार्ता शुरू हुई तब से अफगानिस्तान में हिंसा में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। इन छह महीनों में अफगान सशस्त्र बलों द्वारा किए गए हवाई हमलों की संख्या लगभग "दोगुनी" हो गई है। एक रिपोर्ट "अफगानिस्तान राइजिंग सिविलियन डेथ टॉल ड्यू टू एयरस्ट्राइक"के अनुसार जुलाई और सितंबर 2020 के बीच "अफगान के वायु सेनाओं ने 70 नागरिकों को मार डाला और 90 अन्य को घायल कर दिया"।

जबकि अफगान इंडिपेंडेंट ह्यूमन राइट्स कमीशन (एआईएचआरसी) की हाल ही में जारी वार्षिक रिपोर्ट में पिछले साल कम से कम 3,000 अफगान नागरिक मारे गए और 5,000 अन्य लोग घायल हो गए।

Afghanistan
NATO
Joe Biden
AIHRC

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात


बाकी खबरें

  • Anganwadi workers
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 
    08 Mar 2022
    आने वाले दिनों में सभी महिला कार्यबलों से सम्बद्ध यूनियनों की आस ‘संयुक्त महापंचायत’ पर लगी हुई है; इस संबंध में 10 मार्च को रोहतक में एक बैठक आहूत की गई है।
  • refugee crisis
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 
    08 Mar 2022
    अमेरीका ने रूस से आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी मुहिम शुरू की, तो दूसरी तरफ जेलेंस्की ने रूस को चिकित्सा आपूर्ति मार्ग पर हुआ समझौता याद दिलाया।
  • राज कुमार
    गोवा चुनावः कौन जीतेगा चुनाव और किसकी बनेगी सरकार?
    08 Mar 2022
    इस बार भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है क्योंकि तमाम विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए लड़े हैं और ये स्थिति कांग्रेस के पक्ष में जाती है।
  • privatization of railways
    सतीश भारतीय
    निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!
    08 Mar 2022
    रेलवे का निजीकरण गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर वजन लादने जैसा है। क्योंकि यही वर्ग व्यवसाय और आवाजाही के लिए सबसे ज्यादा रेलवे पर आश्रित है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की घटकर 50 हज़ार से कम हुई
    08 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,993 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.12 फ़ीसदी यानी 49 हज़ार 948 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License