NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एनबीए ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ़्तारी के तरीके की निन्दा की
एनबीए ने कहा कि यद्यपि वह गोस्वामी की ‘‘पत्रकारिता शैली’’ से सहमत नहीं है, लेकिन यदि अधिकारियों ने मीडिया संपादक के खिलाफ कोई ‘‘बदले की कार्रवाई’’ की है तो संगठन इसकी निन्दा करता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
04 Nov 2020
ar

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की मुंबई में हुई गिरफ्तारी के तरीके की बुधवार को निन्दा की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि पत्रकार के साथ उचित व्यवहार हो तथा सत्ता की शक्ति का दुरुपयोग बदला लेने के लिए न किया जाए।

एनबीए ने यह भी कहा कि यद्यपि वह गोस्वामी की ‘‘पत्रकारिता शैली’’ से सहमत नहीं है, लेकिन यदि अधिकारियों ने मीडिया संपादक के खिलाफ कोई ‘‘बदले की कार्रवाई’’ की है तो संगठन इसकी निन्दा करता है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 2018 में 53 वर्षीय एक इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गोस्वामी को आज सुबह गिरफ्तार किया गया।

एनबीए ने एक बयान में कहा, ‘‘जिस तरीके से रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया, वह उसकी निन्दा करती है।’’
 

संस्था ने कहा कि वह गोस्वामी की गिरफ्तारी के तरीके से निराश है।

बयान में कहा गया, ‘‘यद्यपि एनबीए उनकी (गोस्वामी) पत्रकारिता शैली से सहमत नहीं है, लेकिन यदि अधिकारियों ने मीडिया संपादक के खिलाफ कोई बदले की कार्रवाई की है तो हम उसकी निन्दा करते हैं। मीडिया कानून से ऊपर नहीं है, लेकिन उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।’’

वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के नेतृत्व वाले संगठन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि पत्रकार के साथ उचित व्यवहार हो तथा सत्ता की शक्ति का दुरुपयोग बदला लेने के लिए न किया जाए।

 

The Editors Guild of India has issued a statement on the arrest of Arnab Goswami, editor-in-chief of Republic TV. pic.twitter.com/gL3MstVlla

— Editors Guild of India (@IndEditorsGuild) November 4, 2020

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी बुधवार को रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की ‘अचानक’ गिरफ्तारी की निंदा की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मांग की कि गोस्वामी के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाए और मीडिया की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग के खिलाफ सरकारी ताकत का इस्तेमाल नहीं किया जाए।

मुंबई में अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी को आज सुबह लोअर परेल स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। गोस्वामी को पुलिस अपने वाहन में धकेलती देखी गई। पत्रकार ने दावा किया कि पुलिस ने उनके घर उनसे मारपीट की।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी को भारतीय दंड संहिता की धारा 306(आत्महत्या के लिए उकसाने) और धारा 34 (कोई आपराधिक कृत्य व्यक्तियों द्वारा समान इरादे से किए जाने) के तहत गिरफ्तार किया है। यह (गिरफ्तारी) 2018 में एक व्यक्ति और उसकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है। हमारे पास सबूत (गोस्वामी के खिलाफ) हैं।’’

अदालत ने अर्नब को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा

 अर्नब गोस्वामी को मुंबई से 90 किलोमीटर दूर अलीबाग पहुंचते ही स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया।

वरिष्ठ पत्रकार के वकील ने गोस्वामी पर हमला किए जाने का आरोप लगाया, जिसके बाद अदालत ने पुलिस से कहा कि वह चिकित्सकीय जांच के लिए अर्नब को सिविल अस्पताल ले जाए।

गोस्वामी के वकील गौरव पारकर ने बताया कि गोस्वामी को अलीबाग की मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां उन्होंने उनके घर में सुबह घुसे पुलिस दल पर उन पर शारीरिक रूप से हमला करने का आरोप लगाया। मजिस्ट्रेट ने आरोपों का संज्ञान लिया और पुलिस को चिकित्सकीय जांच के लिए अर्नब को सिविल अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया।

पारकर ने कहा, ‘‘ चिकित्सकीय जांच के बाद, गोस्वामी की रिमांड पर सुनवाई के लिए उन्हें दोबारा अदालत लाया जाएगा। अदालत उस वक्त उनकी चिकित्सकीय रिपोर्ट पर गौर करेगी।’’

पुलिस ने बताया कि 2018 में, एक आर्किटेक्ट और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके बकाये का भुगतान न किए जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी।

इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक की बेटी आज्ञा नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच का आदेश दिये जाने की घोषणा की थी।

देशमुख ने कहा कि आज्ञा ने आरोप लगाया है कि अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी के चैनल द्वारा बकाया भुगतान नहीं करने के मामले में जांच नहीं की। उसका दावा है कि इस कारण ही उसके पिता और दादी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी।

NBA
arnab goswami
Editors guild of india
Mumbai

Related Stories

मुंबई में अगले साल आईओसी सत्र का आयोजन देश के खेल क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा: प्रमाणिक

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक से ईडी कर रही है पूछताछ

मुंबई में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 7 लोगों की मौत, 16 अन्य घायल

संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !

मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान

‘बुल्ली बाई’ ऐप मामला : मुंबई पुलिस ने एक और छात्र को गिरफ़्तार किया

कोविड-19 मामलों की संख्या में आये भारी उछाल से महाराष्ट्र के कमजोर तबकों को एक और लॉकडाउन का डर सताने लगा है!

पत्रकारिता में दोहरे मापदंड क्यों!

जब सार्वजनिक हित के रास्ते में बाधा बनती आस्था!

महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई


बाकी खबरें

  • भाषा
    'आप’ से राज्यसभा सीट के लिए नामांकित राघव चड्ढा ने दिल्ली विधानसभा से दिया इस्तीफा
    24 Mar 2022
    चड्ढा ‘आप’ द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकित पांच प्रत्याशियों में से एक हैं । राज्यसभा चुनाव के लिए 31 मार्च को मतदान होगा। अगर चड्ढा निर्वाचित हो जाते हैं तो 33 साल की उम्र में वह संसद के उच्च सदन…
  • सोनिया यादव
    पत्नी नहीं है पति के अधीन, मैरिटल रेप समानता के अधिकार के ख़िलाफ़
    24 Mar 2022
    कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सेक्शन 375 के तहत बलात्कार की सज़ा में पतियों को छूट समानता के अधिकार यानी अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। हाईकोर्ट के मुताबिक शादी क्रूरता का लाइसेंस नहीं है।
  • एजाज़ अशरफ़
    2024 में बढ़त हासिल करने के लिए अखिलेश यादव को खड़ा करना होगा ओबीसी आंदोलन
    24 Mar 2022
    बीजेपी की जीत प्रभावित करने वाली है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सामाजिक धुरी बदल रही है, जिससे चुनावी लाभ पहुंचाने में सक्षम राजनीतिक ऊर्जा का निर्माण हो रहा है।
  • forest
    संदीपन तालुकदार
    जलवायु शमन : रिसर्च ने बताया कि वृक्षारोपण मोनोकल्चर प्लांटेशन की तुलना में ज़्यादा फ़ायदेमंद
    24 Mar 2022
    शोधकर्ताओं का तर्क है कि वनीकरण परियोजनाओं को शुरू करते समय नीति निर्माताओं को लकड़ी के उत्पादन और पर्यावरणीय लाभों के चुनाव पर भी ध्यान देना चाहिए।
  • रवि कौशल
    नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 
    24 Mar 2022
    दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि गरीब छात्र कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पास करने के लिए कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाएंगे। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License