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भारत
राजनीति
एनबीए ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ़्तारी के तरीके की निन्दा की
एनबीए ने कहा कि यद्यपि वह गोस्वामी की ‘‘पत्रकारिता शैली’’ से सहमत नहीं है, लेकिन यदि अधिकारियों ने मीडिया संपादक के खिलाफ कोई ‘‘बदले की कार्रवाई’’ की है तो संगठन इसकी निन्दा करता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
04 Nov 2020
ar

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की मुंबई में हुई गिरफ्तारी के तरीके की बुधवार को निन्दा की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि पत्रकार के साथ उचित व्यवहार हो तथा सत्ता की शक्ति का दुरुपयोग बदला लेने के लिए न किया जाए।

एनबीए ने यह भी कहा कि यद्यपि वह गोस्वामी की ‘‘पत्रकारिता शैली’’ से सहमत नहीं है, लेकिन यदि अधिकारियों ने मीडिया संपादक के खिलाफ कोई ‘‘बदले की कार्रवाई’’ की है तो संगठन इसकी निन्दा करता है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 2018 में 53 वर्षीय एक इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गोस्वामी को आज सुबह गिरफ्तार किया गया।

एनबीए ने एक बयान में कहा, ‘‘जिस तरीके से रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया, वह उसकी निन्दा करती है।’’
 

संस्था ने कहा कि वह गोस्वामी की गिरफ्तारी के तरीके से निराश है।

बयान में कहा गया, ‘‘यद्यपि एनबीए उनकी (गोस्वामी) पत्रकारिता शैली से सहमत नहीं है, लेकिन यदि अधिकारियों ने मीडिया संपादक के खिलाफ कोई बदले की कार्रवाई की है तो हम उसकी निन्दा करते हैं। मीडिया कानून से ऊपर नहीं है, लेकिन उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।’’

वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के नेतृत्व वाले संगठन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि पत्रकार के साथ उचित व्यवहार हो तथा सत्ता की शक्ति का दुरुपयोग बदला लेने के लिए न किया जाए।

 

The Editors Guild of India has issued a statement on the arrest of Arnab Goswami, editor-in-chief of Republic TV. pic.twitter.com/gL3MstVlla

— Editors Guild of India (@IndEditorsGuild) November 4, 2020

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी बुधवार को रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की ‘अचानक’ गिरफ्तारी की निंदा की और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मांग की कि गोस्वामी के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाए और मीडिया की आलोचनात्मक रिपोर्टिंग के खिलाफ सरकारी ताकत का इस्तेमाल नहीं किया जाए।

मुंबई में अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी को आज सुबह लोअर परेल स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। गोस्वामी को पुलिस अपने वाहन में धकेलती देखी गई। पत्रकार ने दावा किया कि पुलिस ने उनके घर उनसे मारपीट की।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी को भारतीय दंड संहिता की धारा 306(आत्महत्या के लिए उकसाने) और धारा 34 (कोई आपराधिक कृत्य व्यक्तियों द्वारा समान इरादे से किए जाने) के तहत गिरफ्तार किया है। यह (गिरफ्तारी) 2018 में एक व्यक्ति और उसकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है। हमारे पास सबूत (गोस्वामी के खिलाफ) हैं।’’

अदालत ने अर्नब को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा

 अर्नब गोस्वामी को मुंबई से 90 किलोमीटर दूर अलीबाग पहुंचते ही स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया।

वरिष्ठ पत्रकार के वकील ने गोस्वामी पर हमला किए जाने का आरोप लगाया, जिसके बाद अदालत ने पुलिस से कहा कि वह चिकित्सकीय जांच के लिए अर्नब को सिविल अस्पताल ले जाए।

गोस्वामी के वकील गौरव पारकर ने बताया कि गोस्वामी को अलीबाग की मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां उन्होंने उनके घर में सुबह घुसे पुलिस दल पर उन पर शारीरिक रूप से हमला करने का आरोप लगाया। मजिस्ट्रेट ने आरोपों का संज्ञान लिया और पुलिस को चिकित्सकीय जांच के लिए अर्नब को सिविल अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया।

पारकर ने कहा, ‘‘ चिकित्सकीय जांच के बाद, गोस्वामी की रिमांड पर सुनवाई के लिए उन्हें दोबारा अदालत लाया जाएगा। अदालत उस वक्त उनकी चिकित्सकीय रिपोर्ट पर गौर करेगी।’’

पुलिस ने बताया कि 2018 में, एक आर्किटेक्ट और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके बकाये का भुगतान न किए जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी।

इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक की बेटी आज्ञा नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच का आदेश दिये जाने की घोषणा की थी।

देशमुख ने कहा कि आज्ञा ने आरोप लगाया है कि अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी के चैनल द्वारा बकाया भुगतान नहीं करने के मामले में जांच नहीं की। उसका दावा है कि इस कारण ही उसके पिता और दादी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी।

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arnab goswami
Editors guild of india
Mumbai

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