NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल हिंसा पर एनएचआरसी की समिति ने कलकत्ता हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की समिति ने सीलबंद लिफाफे में अदालत को रिपोर्ट सौंपी। पीठ इस मामले में अब दो जुलाई को सुनवाई करेगी।
भाषा
30 Jun 2021
 कलकत्ता हाईकोर्ट

कोलकाता: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष द्वारा गठित समिति ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों पर अपनी रिपोर्ट बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को सौंप दी। अदालत आगामी शुक्रवार को इस पर विचार करेगी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा का आरोप लगाने वाली कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। पीठ ने निर्देश दिया था कि समिति सभी मामलों की जांच करेगी जिनकी शिकायतें पहले ही एनएचआरसी को मिल गयी है या मिल सकती है और ‘‘वह प्रभावित इलाकों का दौरा भी कर सकती है’’ और मौजूदा हालात के बारे में उसे एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की समिति ने सीलबंद लिफाफे में अदालत को रिपोर्ट सौंपी। पीठ इस मामले में अब दो जुलाई को सुनवाई करेगी। इस पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायमूर्ति आई पी मुखर्जी, न्यायमूर्ति हरीश टंडन, न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार शामिल हैं।

उच्च न्यायालय ने 18 जून को एनएचआरसी अध्यक्ष को समिति गठित करने के निर्देश दिए थे। समिति के सदस्यों को सॉल्ट लेक में मंगलवार तक लगातार तीन दिन शिकायतों का प्रतिवेदन मिला।

एक अधिकारी ने बताया कि राजीव जैन की अध्यक्षता वाली समिति और एनएचआरसी के कई दलों ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों का दौरा किया और शिकायतों की सच्चाई का पता लगाया।

calcutta high court
NHRC committee
Bengal Violence

Related Stories

Daily Round-up Ep. 112: बंगाल चुनाव में हिंसा, वाराणसी से ग्राउंड रिपोर्ट

"बीजेपी" का OPERATION लोकतंत्र

विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ना बंगाल के इतिहास में "काला धब्बा”

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पेश की मिसाल , पंचायत पोल के लिए ई-नामांकन दाखिल करने की अनुमति दी


बाकी खबरें

  • अन्न महोत्सव: मुफ़लिसी का मंगलगान, सरकारी खर्च पर हिंदुत्व प्रचार
    असद रिज़वी
    अन्न महोत्सव: मुफ़लिसी का मंगलगान, सरकारी खर्च पर हिंदुत्व प्रचार
    29 Aug 2021
    “उतना ही खाद्यान्न मुफ़्त मिला जितना पहले मिलता आ रहा था। मुफ़्त सिर्फ़ एक थैला मिला है, जो पहले नहीं मिला था। थैला देने के बदले सरकार अगर मुफ़्त खाद्यान्न बढ़ा कर देती तो ज़्यादा अच्छा होता।”
  • डेंगू की चपेट में बनारस, इलाज के लिए नहीं मिल रहे बिस्तर
    विजय विनीत
    डेंगू की चपेट में बनारस, इलाज के लिए नहीं मिल रहे बिस्तर
    29 Aug 2021
    बनारस में डेंगू लोगों की जिंदगियां लील रहा है। जान गंवाने वाले प्रमुख लोगों में पुलिस इंस्पेक्टर राम विलास यादव, भोजपुरी कलाकार बबलू रिमिक्स और बनारसी इश्क संगठन के सदस्य सुमंत कुमार साहनी शामिल हैं।
  • इतिहास-भूगोल से 'खेलती' भाजपा और सेल्फ़-गोल एक्सपर्ट कांग्रेस
    न्यूज़क्लिक टीम
    इतिहास-भूगोल से 'खेलती' भाजपा और सेल्फ़-गोल एक्सपर्ट कांग्रेस
    28 Aug 2021
    केंद्र की मौजूदा भाजपा सरकार और संघ-शिक्षित दर्जनों संगठनों की देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से चिढ़ और नफ़रत किसी से छुपी नहीं है
  • खोज ख़बरः किसान का सिर फोड़कर, ख़ून बहाकर, ख़ुश हुई ‘सरकार’
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बरः किसान का सिर फोड़कर, ख़ून बहाकर, ख़ुश हुई ‘सरकार’
    28 Aug 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने हरियाणा के करनाल में पुलिसिया बर्बर लाठीचार्ज से लहूलुहान हुए भारत भाग्यविधाता की बात की। जिस तरह से करनाल के एक अधिकारी का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह…
  • कटाक्ष: ये बेच दिया, वो बेच दिया का शोर क्यों है, भाई!
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: ये बेच दिया, वो बेच दिया का शोर क्यों है, भाई!
    28 Aug 2021
    और कुछ नहीं मिला तो विपक्षी बेचारे मुद्रीकरण के पीछे पड़ गए। कह रहे हैं कि यह कोई मुद्रीकरण-वुद्रीकरण नहीं है। बस मोदी जी ने सेल का नाम बदल दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License