NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की
केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
30 Dec 2021
AFSHPA

कोहिमा : कड़े सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम (अफस्पा) को और छह महीने तक बढ़ाने संबंधी केंद्र के फैसले को ‘‘अस्वीकार्य’’ बताते हुए प्रमुख नगा संगठनों ने कहा है कि इस कदम का मकसद ‘‘नगाओं की आने वाली पीढि़यों को दबाए रखना’’ है।

केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।

यह कदम केंद्र सरकार द्वारा नगालैंड से विवादास्पद अफस्पा को वापस लेने की संभावना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। अफस्पा नगालैंड में दशकों से लागू है।

अधिसूचना के अनुसार, ‘‘इसलिए सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम, 1958 (1958 की संख्या 28) की धारा तीन द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 30 दिसंबर, 2021 से छह महीने की अवधि के लिए पूरे नगालैंड राज्य को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित करती है।’’ अधिसूचना गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव पीयूष गोयल द्वारा जारी की गई, जिन्हें अफस्पा को वापस लेने की संभावना की जांच के लिए गठित समिति में सदस्य सचिव नामित किया गया था। समिति के अध्यक्ष सचिव स्तर के अधिकारी विवेक जोशी हैं। नगालैंड में 14 आम नागरिकों की हत्या को लेकर बढ़े तनाव को शांत करने के लिए इस उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था।

असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नगालैंड में नगा जनजातियों के निकाय ‘नगा होहो’ के महासचिव के एलु नडांग ने कहा, ‘‘भारत सरकार ने नगा लोगों की इच्छाओं की अनदेखी की है ... सभी नगा लोग भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं और अधिनियम को निरस्त करने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। नगा लोग इसे नहीं मानते। हम अधिनियम को निरस्त करने के लिए भारत सरकार पर दबाव बनाने के वास्ते किसी भी हद तक जाएंगे।’’

उन्होंने आश्चर्य जताया कि राज्य में शांति के बावजूद अफस्पा को क्यों बढ़ाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक सेना को निर्दोष लोगों को गोली मारने का अधिकार है, तब तक हमारी भूमि में शांतिपूर्ण माहौल नहीं हो सकता है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोग या नगा राजनीतिक समूह राज्य में कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं कर रहे हैं बल्कि सशस्त्र बल ऐसा कर रहे है।’’

‘ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन’ (ईएनपीओ) के अध्यक्ष आर. त्सापिकिउ संगतम ने कहा कि संगठन ने अफस्पा के विस्तार पर चर्चा के लिए सात जनवरी को एक बैठक बुलाई है।

नगा मदर्स एसोसिएशन (एनएमए) की सलाहकार प्रो. रोजमेरी दजुविचु ने अफस्पा के विस्तार पर अफसोस जताते हुए कहा कि नागरिकों के विरोध और मोन जिले में हत्याओं की चल रही जांच के बीच ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अफस्पा के विस्तार को टाला जा सकता था।

राज्य सरकार के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी से अभी तक इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

नगालैंड में 14 आम नागरिकों की हत्या को लेकर बढ़े तनाव को शांत करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था।

AFSHPA
Nagaland
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

आख़िर फ़ायदे में चल रही कंपनियां भी क्यों बेचना चाहती है सरकार?

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

'KG से लेकर PG तक फ़्री पढ़ाई' : विद्यार्थियों और शिक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सभा में उठी मांग

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेता


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत
    12 Apr 2022
    मज़दूर संगठन ने दोषियों पर कार्रवाई और मृतकों के लिए 50 लाख मुआवज़े की रखी मांग
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    मुझे अगले नवरात्रों से ख़ौफ़ क्यों लगता है
    12 Apr 2022
    अब नवरात्रों में चलाने वाले नौ दिवसीय अनुष्ठान का मतलब भौतिक स्थान और/या क्षेत्र को चिह्नित करने के मामले में अधिक है, जैसा कि कई जानवर करते हैं, और इसलिए अधिकांश ईश्वर-भक्त हिंदू अनुयायी अपनी इच्छा…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 796 नए मामले, 19 मरीज़ों की मौत
    12 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 25 लाख 4 हजार 329 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च
    12 Apr 2022
    स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड महामारी के भीषण दौर में 100 दिन काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमितीकरण में प्राथमिकता देने की बात करते हुए सर्कुलर भी जारी किया था। पर अब केंद्र सरकार…
  • अजय कुमार
    दवाई की क़ीमतों में 5 से लेकर 5 हज़ार रुपये से ज़्यादा का इज़ाफ़ा
    12 Apr 2022
    भारत जैसे देश में दवाई की महंगाई बाजार की बनाई हुई है, लागत की नहीं। दवाई के महंगाई का हाल ऐसा है कि कई लोग महंगे दवाई के आभाव में दम तोड़ देते हैं। कई लोग दवा खरीद ही नहीं पाते और बीमारी से जूझते…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License