NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
नारायण राणे की गिरफ़्तारी सही, लेकिन हिरासत में रखना आवश्यक नहीं: अदालत
मजिस्ट्रेट एसएस पाटिल ने आदेश में कहा, ‘‘ गिरफ़्तारी के कारण और अन्य कारणों पर गौर करते हुए, मुझे लगता है कि गिरफ़्तारी सही है।’’
भाषा
25 Aug 2021
Narayan Rane
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को मिली जमानत (फोटो- @MeNarayanRane)

महाराष्ट्र के महाड की एक अदालत ने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे को जमानत देते हुए कहा कि उनकी गिरफ़्तारी ‘‘सही’’ है, लेकिन हिरासत में रखकर पूछताछ करने की आवश्यकता नहीं।

अदालत ने मंगलवार देर रात राणे को जमानत दे दी थी, जिसके आदेश की विस्तृत प्रति बुधवार को जारी की गई। मजिस्ट्रेट एसएस पाटिल ने आदेश में कहा, ‘‘ गिरफ़्तारी के कारण और अन्य कारणों पर गौर करते हुए, मुझे लगता है कि गिरफ़्तारी सही है।’’

अदालत ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि कुछ धाराएं जिनके तहत राणे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, वे गैर-जमानती हैं और उनमें उम्रकैद तथा मृत्यु दंड का प्रावधान नहीं है।

अदालत ने कहा, ‘‘ इन तथ्यों पर गौर करते हुए, यदि अभियुक्त को जमानत पर रिहा किया जाता है तो अभियोजन पक्ष पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। आरोपी इस तरह का अपराध दोबारा ना करे।’’

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले से मंगलवार को दोपहर में राणे को गिरफ्तार किया गया था।

राणे ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। उन्होंने कहा था, ‘‘अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’’

राणे को मंगलवार रात रायगढ़ जिले में महाड की एक अदालत में पेश किया गया था। पुलिस ने राणे की सात दिन हिरासत की मांग की थी, जिससे अदालत ने इनकार कर दिया और उन्हें चार सितम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद राणे के वकीलों ने जमानत याचिका दायर की थी।

अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद 15 हजार रुपये के मुचलके पर राणे को जमानत दे दी और उन्हें 30 अगस्त और 13 सितम्बर को पुलिस अधीक्षक अलीबाग (रायगढ़) के कार्यालय में हाजिरी लगाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि अगर पुलिस राणे की आवाज का नमूना लेना चाहेगी तो वह उन्हें सूचित करेगी और राणे सहयोग करें।

महाड में राणे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 189 (लोकसेवक को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने) और धारा 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना) तथा धारा 505 (सार्वजनिक तौर पर शरारत से संबंधित बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ये भी पढ़ें:-उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License