NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल के दस सप्ताह पूरे हुए
पिछले 70 दिनों की राष्ट्रीय हड़ताल और राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दौरान कोलंबियाई सुरक्षा बलों द्वारा कम से कम 84 लोग मारे गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
07 Jul 2021
कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल के दस सप्ताह पूरे हुए

7 जुलाई को कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल की शुरुआत के दस सप्ताह पूरे हो गए। ये राष्ट्रीय हड़ताल जो एक नवउदारवादी कर सुधार विधेयक को खारिज करने को लेकर शुरू हुई थी वह राष्ट्रपति इवान डूके की अतिदक्षिणपंथी सरकार और उनकी कठोर और दमनकारी नीतियों के खिलाफ एक राष्ट्रीय संघर्ष में बदल गई है। 28 अप्रैल से देश के कोने-कोने में बड़ी संख्या में कोलम्बियाई लोग संरचनात्मक परिवर्तन की मांग कर रहे हैं और आर्थिक संकट और सामाजिक असमानता को गहरा करने वाली नीतियों को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

अगस्त 2018 में डूके के राष्ट्रपति बनने के बाद से विभिन्न क्षेत्रों द्वारा लगातार आंदोलन की गई है। हालांकि, चल रही राष्ट्रीय हड़ताल कोलंबिया में सबसे लंबी और सबसे एकीकृत सामाजिक विद्रोह रहा है। दुर्भाग्य से, इस राष्ट्रीय सरकार ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अभूतपूर्व स्तर पर पुलिस और सैन्य दमन किया है। मानवाधिकार संगठन डिफेंडर ला लिबर्टाड के अनुसार, पिछले 70 दिनों की राष्ट्रीय हड़ताल और राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों द्वारा कम से कम 84 लोग मारे गए हैं।

मानवाधिकार संगठन टेम्ब्लोरेस के मुताबिक, 28 अप्रैल से 26 जून के बीच देश में पुलिस हिंसा के कुल 4,687 मामले दर्ज किए गए। इनमें 44 मौतें, 1617 शारीरिक हिंसा के शिकार, आंखों में चोट लगने के 82 मामले, बंदूक से गोली लगने के 228 मामले, यौन हिंसा के 28 मामले, लिंग आधारित हिंसा के 9 मामले, 2005 मनमानी गिरफ्तारियां, 784 हिंसक हस्तक्षेप, ग्रेनेड के इस्तेमाल के 35 मामले, आंसू गैस के कारण सांस की समस्या के 48 मामले शामिल हैं। ये संगठन 29 अन्य हत्याओं के विवरण की पुष्टि कर रहा है।

इस बीच, प्रेस फ्रीडम फाउंडेशन (एफएलआईपी) ने बताया कि उसने दो महीने की राष्ट्रीय हड़ताल में पत्रकारों के खिलाफ 260 हमलों का दस्तावेज तैयार किया, जिसमें कुल 299 पीड़ित थे। इस एनजीओ ने आगे कहा कि इनमें से 58% हमले सरकारी बलों के सदस्यों द्वारा किए गए थे।

पिछले हफ्ते 1 जुलाई को स्पेशनल जूरिडिक्शन फॉर पीस (जेईपी) ने चेतावनी दी थी कि म्यांमार के बाद कोलंबिया दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जहां प्रदर्शन से प्रति दिन हिंसक मौतों की दर सबसे अधिक है जहां हर 36 घंटे में एक मौत होती है।

 

अपनी हालिया तिमाही रिपोर्ट में यूएन वेरिफिकेशन मिशन इन कोलंबिया (यूएनएमसी) ने यह भी कहा कि एंटी-डिस्टर्बेंस मोबाइल स्क्वाड्रन (ईएसएमएडी) द्वारा दमन के परिणामस्वरूप 54 नागरिक मारे गए।

columbia
columbia national strike

Related Stories

क्रूर सरकारी दमन और विवादास्पद कर सुधार बिल को वापस लेने के बीच कोलंबिया में प्रदर्शन जारी

कोलंबिया : दक्षिणपंथी सरकार की नवउदारवादी नीतियों के ख़िलाफ़ हड़ताल

नवउदारवादी उपायों के विरोध में कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल घोषित

शांति समझौते के वर्षों बाद कोलंबिया में हिंसा और मानवीय संकट गहराया

कोलंबिया के बाद इलिनोइस स्टेट यूनिवर्सिटी के छात्रों की हड़ताल की योजना

कोलंबिया : सोशल लीडर व शांति समझौते के हस्ताक्षरकर्ताओं की हत्या 2021 में भी जारी

FARC पार्टी और कोलम्बियाई राष्ट्रीय सरकार ने शांति के लिए प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किये

कोलम्बियावासी जीवन और शांति के लिए इकट्ठा हुए

कोलंबिया : सामाजिक संगठनों ने नेताओं की हत्या की निंदा की

कोलंबिया में "मार्च फॉर डिग्निटी" बोगोटा पहुंचा


बाकी खबरें

  • Karnataka
    सबरंग इंडिया
    कर्नाटक: बजरंग दल के सदस्य की हत्या, पुलिस ने हिजाब विवाद से लिंक का खंडन किया
    22 Feb 2022
    20 फरवरी, 2022 को बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की मौत के तुरंत बाद कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और धारा 144 लागू कर दी गई है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, निषेधाज्ञा की…
  • Tanzania
    पैन अफ्रीकैनिज़्म टूडे सेक्रेटैरियट
    जिनकी ज़िंदगी ज़मीन है: तंजानिया में किसानों के संघर्ष
    22 Feb 2022
    माउंटंदाओ वा विकुंडी व्या वकुलिमा तंजानिया तक़रीबन 200,000 छोटे-छोटे किसानों का एक नेटवर्क है। यह नेटवर्क ज़मीन पर कब्ज़ा करने और उन लोगों को अपराधी ठहराये जाने के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है, जिनकी…
  • तृप्ता नारंग
    मणिपुर चुनाव: आफ्सपा, नशीली दवाएं और कृषि संकट बने  प्रमुख चिंता के मुद्दे
    22 Feb 2022
    जहां कांग्रेस और एनपीएफ़ ने अपने घोषणापत्र में आफ्सपा को वापस लेने का ज़िक्र किया है, वहीं भाजपा इसमें चूक गई है।
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट : लखनऊ की स्लम बस्तियों के सुनो चुनावी एजेंडे
    21 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंचीं लखनऊ की ऐशबाग और सदर इलाके की स्लम बस्तियों में, जहां दलित समाज बसता है। उनके चुनावी बोल, चुनाव के एजेंडे टटोले, क्या चल रही साइकिल, या खिलेगा फूल…
  •  Anish Khan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छात्र नेता अनीश ख़ान की हत्या का विरोध जारी, कोलकाता उच्च न्यायालय में उठी सुनवाई की मांग
    21 Feb 2022
    एसएफ़आई ने अनीश ख़ान की मौत की निंदा करते हुए इसका ज़िम्मेदार तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को बताया है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License