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गाज़ा पट्टी के भीतर इज़रायल के हवाई हमले में क़रीब 24 फ़िलिस्तीनियों की मौत
अल अक़्सा मस्जिद पर हमले के ख़िलाफ़ और इज़रायली हिंसा का सामना कर रहे फ़िलिस्तिनियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए इज़रायल और क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। सोमवार को इन पर कार्रवाई में क़रीब 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
पीपल्स डिस्पैच
11 May 2021
गाज़ा पट्टी के भीतर इज़रायल के हवाई हमले में क़रीब 24 फ़िलिस्तीनियों की मौत

फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि घिरे गाजा पट्टी के भीतर अलग-अलग स्थानों पर इजरायली हवाई हमलों में बच्चों सहित कम से कम 24 फिलिस्तीनी मारे गए। इज़रायल द्वारा सोमवार रात (10 मई) और मंगलवार (11 मई) को तड़के नागरिकों को निशाना बनाते हुए ये हवाई हमले किए गए जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्र में कई घरों और नागरिक प्रतिष्ठानों को नष्ट कर दिया गया।

इज़रायल का कहना है कि गाजा के भीतर इन हवाई हमले ज्यादातर हमास और इस्लामिक जिहाद के सैन्य प्रतिष्ठानों पर दागे गए थे और उनके द्वारा इजरायली शहरों की सीमा तक दागे गए रॉकेटों के प्रतिक्रिया में थे। इज़रायल ने दावा किया कि उसने गाजा के अंदर कम से कम 130 रॉकेट दागे। हमास ने अल-अक्सा मस्जिद में अपनी हिंसा को रोकने और वहां से अपनी सेना हटाने के लिए इजरायल को अल्टीमेटम दिया था।

सोमवार को सैकड़ों इजरायली सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ दिनों में दूसरी बार अल-अक्सा मस्जिद पर हमला किया था। इसने स्टन ग्रेनेड, आंसू गैस और रबर बुलेट दागे थे जिससे 300 से अधिक फिलिस्तीनी घायल हो गए और कई अन्य को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार 7 मई को इसी तरह के इजरायली हमले के बाद और बेदखली का सामना कर रहे पूर्वी येरूशेलम में शेख जर्राह के निवासियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए हजारों फिलिस्तीनी अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इकट्टा रहे।

इस बीच, मंगलवार को तड़के अल अक्सा में इजरायली हिंसा के खिलाफ सेंट्रल इजरायल में प्रदर्शन पर एक यहूदी व्यक्ति द्वारा गोली चलाने पर इजरायल के अरब नागरिक मारे गए और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। इजरायल के कई अन्य शहरों में सोमवार रात को अरब विरोध प्रदर्शन की घटनाएं हुईं। इजरायली सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले दागते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने की कोशिश की जिसमें बड़ी संख्या में अरब के नागरिक घायल हो गए और उनमें से कई गिरफ्तार किए गए।

तेल अवीव में विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने इजरायल के झंडे को उतार दिया और इसकी जगह एक फिलिस्तीनी झंडा लगा दिया। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट के अनुसार, फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने और अल-अक्सा पर हमले के खिलाफ कब्जे वाले वेस्ट बैंक में नबलुस, बेथलहम और रामल्ला में प्रदर्शन हुए जहां इजरायल के सुरक्षा बलों ने उन्हें तितर बितर करने के लिए भारी बल प्रयोग किया जिसमें कम से कम 200 लोग घायल हो गए।

येरूशेलम के साथ एकजुटता दिखाने के लिए तुर्की और जॉर्डन सहित कई पश्चिम एशियाई देशों में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए गए।

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य जिसने फिलिस्तीन में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बैठक की वे एक बयान पर सहमत होने में विफल रहे और साथ ही अपनी चिंताओं को व्यक्त किया और तनाव को कम करने का आग्रह किया। अमेरिका ने सार्वजनिक बयान पर यह कहते हुए हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया कि यह प्रतिकूल हो सकता है।

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