NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नीदरलैंडः मछुआरों को फ्रिस्लान विंड फार्म परियोजना को लेकर चिंता
आईजेस्सेलमीर की खाड़ी में विंडपार्क फ्रिस्लान (डब्ल्यूपीएफ) परियोजना से इस क्षेत्र में मत्स्य उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Aug 2021
नीदरलैंडः मछुआरों को फ्रिस्लान विंड फार्म परियोजना को लेकर चिंता

उत्तरी नीदरलैंड के विभिन्न प्रांतों के मछुआरों ने आईजेस्सेलमीर (IJsselmeer) की खाड़ी में विंड फार्म प्रोजेक्ट के पूरा होने के मद्देनजर इस क्षेत्र में मत्स्य उद्योग के भविष्य पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पिछले हफ्ते, 50 से अधिक मछली पकड़ने वाले जहाजों में उर्क और हार्डरविज्क के सैकड़ों मछुआरों ने इस विंड फार्म प्रोजेक्ट के कारण मछली पकड़ने के खतरों को लेकर आईजेस्सेलमीर खाड़ी के फ्रिस्लान हिस्से में विरोध प्रदर्शन किया। विरोध कर रहे मछुआरों ने आरोप लगाया है कि उनकी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को इस परियोजना के विंड टर्बाइनों के आसपास के क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे उनका व्यवसाय और आजीविका दांव पर लग गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, विंडपार्क फ़्रीस्लान (डब्ल्यूपीएफ) परियोजना जिसमें 4.3 मेगावाट के 89 टर्बाइन शामिल हैं, उसके इस साल तक चालू होने की संभावना है। ये परियोजना जिसकी लागत 850 मिलियन यूरो (994 मिलियन अेमेरिकी डॉलर) है, उसके दुनिया का सबसे बड़ा अंतर्देशीय-जल पवन फार्म होने की संभावना है। ये परियोजना ज़ुइडरज़ीविंड कंसोर्टियम द्वारा शुरू किया गया है जिसमें वैन ऊर्ड और सीमेंस गमेरा रीन्यूएबल एनर्जी शामिल है और यह इस क्षेत्र की सतत ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इस क्षेत्र के मछुआरे स्थानीय और सरकारी अधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि परियोजना के कारण उनकी शिकायतों का समाधान किया जा सके। इस बीच उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वे सामान्य रूप से ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के विरोध में नहीं हैं।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र के मछुआरों को अभी तक 119 मिलियन यूरो (139.46 मिलियन अमेरिकी डॉलर) से कोई सहायता नहीं मिली है, जिसका वादा डच सरकार ने मछुआरों के पुनर्वास और मत्स्य पालन को अधिक स्थायी बनाने के लिए किया था।

इससे पहले, फ्रिस्लान कमेटी ऑफ सोशलिस्ट पार्टी (एसपी) ने इस प्रांत में डब्ल्यूपीएस विंड फार्म से उत्पन्न बिजली के संभावित लाभार्थियों को लेकर कुछ चिंताएं दिखाई थीं। एसपी यह सुनिश्चित करना चाहता है कि डब्ल्यूपीएस से उत्पादित ऊर्जा किसी भी व्यावसायिक निगमों के बजाय इस क्षेत्र के घरों और अन्य घरेलू उद्यमों के लिए उपलब्ध हो। यह आरोप लगाया गया है कि नीदरलैंड में विभिन्न ग्रीन एनर्जी प्रोड्यूसरों ने अपने व्यवसाय के कुछ हिस्सों को कॉर्पोरेट के तृतीय पक्षों को बेच दिया है या स्थानांतरित कर दिया है जो कई डच विंड फार्म्स से उत्पन्न ग्रीन एनर्जी का एक बड़ा हिस्सा खपत करते हैं।

Netherlands
fishermen
farm project

Related Stories

केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया

नर्मदा के बरगी जलाशय में इतना क्यों घटा मछली उत्पादन कि मछुआरे पलायन को मजबूर


बाकी खबरें

  • Banaras
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव : बनारस में कौन हैं मोदी को चुनौती देने वाले महंत?
    28 Feb 2022
    बनारस के संकटमोचन मंदिर के महंत पंडित विश्वम्भर नाथ मिश्र बीएचयू IIT के सीनियर प्रोफेसर और गंगा निर्मलीकरण के सबसे पुराने योद्धा हैं। प्रो. मिश्र उस मंदिर के महंत हैं जिसकी स्थापना खुद तुलसीदास ने…
  • Abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    दबंग राजा भैया के खिलाफ FIR ! सपा कार्यकर्ताओं के तेवर सख्त !
    28 Feb 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma Ukraine में फसे '15,000 भारतीय मेडिकल छात्रों को वापस लाने की सियासत में जुटे प्रधानमंत्री' के विषय पर चर्चा कर रहे है। उसके साथ ही वह…
  • रवि शंकर दुबे
    यूपी वोटिंग पैटर्न: ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा और शहरों में कम वोटिंग के क्या हैं मायने?
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में अब तक के वोटिंग प्रतिशत ने राजनीतिक विश्लेषकों को उलझा कर रख दिया है, शहरों में कम तो ग्रामीण इलाकों में अधिक वोटिंग ने पेच फंसा दिया है, जबकि पिछले दो चुनावों का वोटिंग ट्रेंड एक…
  • banaras
    सतीश भारतीय
    यूपी चुनाव: कैसा है बनारस का माहौल?
    28 Feb 2022
    बनारस का रुझान कमल खिलाने की तरफ है या साइकिल की रफ्तार तेज करने की तरफ?
  • एस एन साहू 
    उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 
    28 Feb 2022
    क्या भाजपा को देर से इस बात का अहसास हो रहा है कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहीं अधिक पिछड़े वर्ग के समर्थन की जरूरत है, जिन्होंने अपनी जातिगत पहचान का दांव खेला था?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License