NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
नीदरलैंडः प्रगतिशील वर्गों ने देश में न्यूनतम मज़दूरी में वृद्धि की मांग की
सोशलिस्ट पार्टी (एसपी), ट्रेड यूनियन एक्टिविस्ट फ़ोरम वूर 14, फेडरेशन ऑफ़ डच ट्रेड यूनियंस (एफ़एनवी) आदि ने देश में न्यूनतम मज़दूरी 14 यूरो (17.04 यूएसडी) प्रति घंटे निर्धारित करने की अपनी मांग दोहराई है।
पीपल्स डिस्पैच
14 Jan 2021
नीदरलैंडः

नीदरलैंड की सोशलिस्ट पार्टी (एसपी) ने देश में न्यूनतम मजदूरी को 14 यूरो (17.04 यूएसडी) प्रति घंटे तक बढ़ाने की मांग की थी। पार्टी ने उन अन्य संसदीय दलों से भी मांग की है जो न्यूनतम वेतन में इस तरह की वृद्धि को सफल बनाने के लिए इस आह्वान का समर्थन किया है।

अब तक, देश में आधिकारिक तौर पर न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं है। 1 जुलाई 2020 तक, 21 वर्ष या इससे अधिक उम्र के कर्मचारी का औसत प्रति घंटा न्यूनतम मज़दूरी सप्ताह में 40 घंटे काम करने वालों के लिए 9.70 यूरो (11.81 यूएसडी) है।

सोशलिस्ट पार्टी (एसपी) ने नीदरलैंड में 17 मार्च को होने वाले संसदीय चुनावों के मद्देनजर ऐसा आह्वान किया है। नीदरलैंड में पीपुल्स पार्टी फ़ॉर फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी (वीवीडी), डेमोक्रेट्स 66, क्रिश्चियन यूनियन (सीयू),लेबर पार्टी (पीवीडीए) और ग्रोएनलिंक्स सहित कई संसदीय दलों ने भी अपने घोषणा पत्र में इस तरह की मांग को शामिल किया है।

अपने बयान में एसपी ने कहा है कि “कॉरपोरेट मुनाफे के बढ़ने के वर्षों बाद यह बेहतर समय है जब लोगों को भी अच्छी आय प्राप्त हो। अब इसे संभव बनाने के लिए एक अच्छा अवसर है। प्रतिनिधि सभा में अधिकांश सदस्यों का कहना है कि वे न्यूनतम वेतन बढ़ाना चाहते हैं। लेकिन शब्द निश्चित रूप से कर्म नहीं होता है, इसलिए यह अपील है।”

ट्रेड यूनियन एक्टिविस्ट प्लेटफॉर्म Voor 14 (फॉर 14 ) ने भी अपने चुनाव घोषणापत्र में इसका समर्थन करने और क़ानून बनाने के लिए सभी दलों को प्रेरित करने के लिए अनिवार्य रूप से 14 यूरो प्रति घंटा न्यूनतम मजदूरी की दिशा में अपना अभियान तेज कर दिया है। द फेडरेशन ऑफ डच ट्रेड यूनियंस (एफएनवी) 14 यूरो के लिए देश में सक्रिय रूप से अभियान चला रहा है। इससे पहले, न्यू कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नीदरलैंड (एनसीपीएन) ने भी न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि के लिए कर्मचारियों का समर्थन करने के लिए अपना समर्थन और एकजुटता व्यक्त की है।

Netherland
Socialist Party of the Netherlands
minimum wage
People's Party for Freedom and Democracy
Christian Union
Labor Party

Related Stories

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?

28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?

तमिलनाडु के चाय बागान श्रमिकों को अच्छी चाय का एक प्याला भी मयस्सर नहीं

दिल्ली में 25 नवंबर को श्रमिकों की हड़ताल, ट्रेड यूनियनों ने कहा - 6 लाख से अधिक श्रमिक होंगे हड़ताल में शामिल

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

न्यूनतम मज़दूरी बढ़ने से रोजगार कम नहीं होता : जानिए इस साल के अर्थशास्त्र के नोबेल की कहानी

अमेरिका में मैकडॉनल्ड्स की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हज़ारों लोग शामिल हुए


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामले घटकर 10 लाख से नीचे आए 
    08 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 67,597 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 9 लाख 94 हज़ार 891 हो गयी है।
  • Education Instructors
    सत्येन्द्र सार्थक
    शिक्षा अनुदेशक लड़ रहे संस्थागत उत्पीड़न के ख़िलाफ़ हक़ की लड़ाई
    08 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया था कि 2019 तक उन्हें नियमित कर दिया जायेगा। लेकिन इस वादे से भाजपा पूरी तरह से पलट गई है।
  • Chitaura Gathering
    प्रज्ञा सिंह
    यूपी चुनाव: मुसलमान भी विकास चाहते हैं, लेकिन इससे पहले भाईचारा चाहते हैं
    08 Feb 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक गांव के मुआयने से नफ़रत की राजनीति की सीमा, इस इलाक़े के मुसलमानों की राजनीतिक समझ उजागर होती है और यह बात भी सामने आ जाती है कि आख़िर भाजपा सरकारों की ओर से पहुंचायी जा…
  • Rajju's parents
    तारिक़ अनवर, अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : गांवों के प्रवासी मज़दूरों की आत्महत्या की कहानी
    08 Feb 2022
    महामारी की शुरूआत होने के बाद अपने पैतृक गांवों में लौटने पर प्रवासी मज़दूरों ने ख़ुद को बेहद कमज़ोर स्थिति में पाया। कई प्रवासी मज़दूर ऐसी स्थिति में अपने परिवार का भरण पोषण करने में पूरी तरह से असहाय…
  • Rakesh Tikait
    प्रज्ञा सिंह
    सरकार सिर्फ़ गर्मी, चर्बी और बदले की बात करती है - राकेश टिकैत
    08 Feb 2022
    'वो जाटों को बदनाम करते हैं क्योंकि उन्हें कोई भी ताक़तवर पसंद नहीं है' - राकेश टिकैत
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License