NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
थाईलैंड के नए संविधान संशोधन विधेयक को व्यापक जनसमर्थन
पूरी तरह से सैन्य-नियुक्त थाई सीनेट ने परिवर्तन और लोकतंत्र के व्यापक आह्वान के बावजूद निरंतर संवैधानिक संशोधन प्रस्तावों का विरोध किया और इसके ख़िलाफ़ वोट दिया।
पीपल्स डिस्पैच
02 Jul 2021
थाईलैंड के नए संविधान संशोधन विधेयक को व्यापक जनसमर्थन

थाईलैंड में लोकतंत्रीकरण के आंदोलन की वापसी हुई है ऐसे में जुंटा-निर्मित संविधान को बदले के लिए नए संविधान की मांग सशक्त हो गई है। 2017 में लागू किए गए थाईलैंड के संविधान में व्यापक बदलाव लाने के लिए नए संशोधन विधेयक के समर्थन में 30 जून को 150,000 से अधिक लोगों ने अपने नामों पर हस्ताक्षर किया।

इस विधेयक को संविधान के अनुच्छेद 256 के "पब्लिक सबमिशन" प्रावधानों के अनुसार प्रस्तुत किया गया था जो 50,000 या अधिक योग्य मतदाताओं द्वारा समर्थित होने पर संशोधन के प्रस्ताव को पेश करने की अनुमति देता है। "री-सॉल्यूशन" समूह ने विभिन्न प्रगतिशील नेताओं और राजनेताओं के नेतृत्व में बिल प्रस्तुत किया और इस याचिका को एक महीने से भी कम समय में संशोधन के समर्थन में 150,921 से अधिक नाम प्राप्त हुए।

प्रोग्रेसिव मूवमेंट के महासचिव पियाबुत्र साएंगकानोक्कुल, डेमोक्रेट पार्टी के पूर्व सदस्य परित वाचरसिंधु और इंटरनेट लॉ रिफॉर्म डायलॉग (आईलॉ) के प्रबंधक यिंगचीप अतचानोंड के नेतृत्व में इस समूह ने अपना प्रस्तावित संशोधन कानून बुधवार को संसद अध्यक्ष लीकपाई चुआन के समक्ष पेश कर दिया।

इस मसौदा विधेयक का मुख्य बिंदु केवल लोकप्रिय रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि सभा वाले राष्ट्रीय विधायिका को एक सदनीय सदन में बदल कर सीनेट का सुधार या निरसन करना है। इस विधेयक में प्रधानमंत्री को प्रतिनिधि सभा का सदस्य होने, 20 साल की रणनीतिक योजना और नेशनल रीफॉर्म प्लान ऑफ द नेशनल काउंसिल फॉर पीस एंड ऑर्डर (एनसीपीओ) और संवैधानिक न्यायालय का पुनर्गठन करने की भी आवश्यकता होगी।

इस मसौदा विधेयक में थाईलैंड में भविष्य में तख्तापलट और सैन्य हस्तक्षेप को रोकने के लिए एक नया तंत्र तैयार करना भी शामिल है।

परित वाचरसिंधु ने कहा, "अब हम देख सकते हैं कि अभी भी बहुत से लोग हैं जो सीनेट की शक्ति के आगे झुकने से इनकार करते हैं। कम से कम 150,000 लोगों ने री-सॉल्यूशन समूह के चार्टर संशोधन मसौदे का समर्थन करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं।"

उन्होंने कहा, "इस बिल को प्रयुत शासन द्वारा शक्ति के स्थायीकरण को समाप्त करने, सीनेट की शक्ति को कम करने, संवैधानिक न्यायालय और स्वतंत्र एजेंसियों के सदस्यों की नियुक्ति के तरीके को बदलने, 20 साल की राष्ट्रीय रणनीति को रद्द करने और तख्तापलट के सभी परिणामों से छुटकारा पाने के लिए तैयार किया गया है।"

Thailand
thai constitution
thai constitution amendment bill

Related Stories

थाईलैंड : प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में 9 नाबालिगों सहित दर्जनों गिरफ़्तार

थाईलैंडः प्रयुत के अविश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद राजधानी में "कार रैली" और प्रदर्शन

थाईलैंडः पुलिस की कार्रवाई के बावजूद "कार" रैली में हज़ारों लोग शामिल हुए

थाईलैंड : बेहतर कोविड राहत की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई

राजशाही के अपमान के आरोपी तीन थाईलैंड के एक्टिविस्ट ज़मानत पर रिहा

बैंकाक में भूख हड़ताल कर रहे बंदियों की रिहाई की मांग करते हुए सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

क्या भारत भी कुछ सीखेगा: मास्क नहीं पहनने पर थाईलैंड के प्रधानमंत्री पर जुर्माना

थाईलैंडः प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल और कई लोग हिरासत में

थाईलैंड : "राजशाही के अपमान" को लेकर प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा शुरू

थाई एयरवेज़ इंटरनेशनल की पुनर्गठन योजनाओं के ख़िलाफ़ श्रम विवाद तेज़


बाकी खबरें

  • सत्यम कुमार
    उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 
    28 Apr 2022
    उत्तराखंड राज्य में विद्यालयों की स्थिति के आंकड़े दिखाते हैं कि सरकारी स्कूलों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते विद्यार्थियों का नामांकन कम हो रहा है, और अंत में कम नामांकन के चलते स्कूल बंद…
  • प्रेम कुमार
    ‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!
    28 Apr 2022
    अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में लाए जाते हैं तो कीमत में 30 से 40 रुपये प्रति लीटर तक की कमी हो जाएगी। जनता केंद्र और राज्यों के दोहरे कराधान से भी बच जाएगी। जनता की भलाई के लिए बीजेपी की सरकार…
  • वी. श्रीधर
    एलआईसी की आईपीओ: बड़े पैमाने का घोटाला
    28 Apr 2022
    एलआईसी को लिस्टेड करने की इस बेबुनियाद हड़बड़ी में दिग्गज "निवेशकों" के पैसे बनाने की सनक को बढ़ावा देते हुए लोगों के हितों की भयानक अनदेखी नज़र आती है। आईपीओ की क़ीमत से यह संकेत मिलता है कि यह शायद…
  • सुभाष गाताडे
    दलित जननेता जिग्नेश को क्यों प्रताड़ित कर रही है भाजपा? 
    28 Apr 2022
    ‘क्या अपने राजनीतिक आकाओं के फायदे के लिए एक जननेता को प्रताड़ित और आतंकित किया जा रहा है’?
  • अनीस ज़रगर
    कश्मीर में एक आर्मी-संचालित स्कूल की ओर से कर्मचारियों को हिजाब न पहनने के निर्देश
    28 Apr 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ़्ती ने भाजपा पर महिलाओं की आजादी पर अंकुश लगाने का आरोप लगाया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License