NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
निर्भया कांड: एक और दोषी तिहाड़ लाया गया, एक ने दायर की पुनर्विचार याचिका
दिल्ली की मंडोली जेल में रखे गये एक दोषी पवन को तिहाड़ जेल में स्थानांतरित किया गया है। जबकि एक अन्य दोषी अक्षय ने उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Dec 2019
nirbhaya case
निर्भया के मुजरिम। फोटो साभार : India Today

राजधानी दिल्ली में दिसंबर, 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के दोषी क्या अब फांसी की तरफ़ बढ़ रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि बहुत संभव है कि इन चारों दोषियों को 16 दिसंबर को फांसी दे दी जाए। यह वही तारीख़ है जब निर्भया का चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था और बुरी तरह ज़ख़्मी करके मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया गया था। निर्भया की 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर में माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी।

हालांकि फांसी की अभी किसी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन दिनों जैसे हैदराबाद समेत बलात्कार के मामले बढ़े हैं उसी के साथ सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है कि वह इन दोषियों को जल्द अंजाम तक पहुंचाए। इसको लेकर तिहाड़ में गतिविधियां भी तेज़ हो गई हैं। दिल्ली की मंडोली जेल में रखे गये एक दोषी पवन को तिहाड़ जेल में स्थानांतरित किया गया है। हालांकि मौत की सजा पाए इन चार दोषियों में से अंतिम दोषी अक्षय ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है।  

उच्चतम न्यायालय ने नौ जुलाई, 2018 को इस सनसनीखेज अपराध में संलिप्त चार में से तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिकायें खारिज कर दी थीं।

अभी तक पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करने वाले दोषी 31 वर्षीय अक्षय के वकील ए पी सिंह ने बताया कि उसने मंगलवार को इस संबंध में याचिका दायर की है।

शीर्ष अदालत ने इससे पहले मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिका यह कहते हुये खारिज कर दी थी कि फैसले पर विचार करने का कोई आधार नहीं है।

न्यायालय ने 2017 में निर्भया कांड के दोषियों को मौत की सजा देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था। उच्च न्यायालय ने इन मुजरिमों को मौत की सजा सुनाने के निचली अदालत के फैसले की पुष्टि की थी।

इन आरोपियों को 10 सितंबर, 2013 को बलात्कार एवं हत्या का दोषी पाया गया और तीन दिन बाद उन्हें मृत्युदंड सुनाया गया। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 13 मार्च, 2014 को इन गुनहगारों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा और उनकी मौत की सजा पर मुहर लगा दी।

इस वारदात में शामिल छह आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग था और उसे तीन साल की सजा पूरी करने के बाद सुधार गृह से रिहा कर दिया गया था।

महानिदेशक (जेल) संदीप गोयल ने बताया कि मंडोली जेल में रखे गये पवन कुमार गुप्ता को हाल ही में तिहाड़ जेल स्थानांतरित किया गया। एक अन्य जेल अधिकारी ने बताया कि गुप्ता तिहाड़ की जेल नंबर 2 में है जहां इस कांड के अन्य दोषियों मुकेश सिंह और अक्षय को भी रखा गया है। चौथा दोषी विनय शर्मा तिहाड़ की जेल नंबर चार में है।

(कुछ इनपुट समाचार एजेंसी 'भाषा' से)

nirbhaya case
Nirbhaya gang rape
Tihar Jail
crimes against women
violence against women

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं


बाकी खबरें

  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: क्या है यूपी की सियासी फ़ज़ा, लखनऊ और बनारस से विशेष
    05 Dec 2021
    चुनाव चक्र के इस एपिसोड में हम जानेंगे नारों और विज्ञापनों के बरक्स उत्तर प्रदेश की ज़मीनी हक़ीक़त। चलेंगे राजधानी लखनऊ और सत्ता के दूसरे सबसे विशेष केंद्र बनारस... और बात करेंगे अपने सहयोगी…
  • Babri Masjid
    न्यूज़क्लिक टीम
    बाबरी मस्जिद का ध्वस्त होना बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों की हार
    05 Dec 2021
    6 दिसंबर आंबेडकर को याद करने का दिन था, लेकिन 1992 में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर के उस दिन का मतलब ही बदल दिया गया है . 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस भाग में नीलांजन बात करते हैं उन दोनों ख़ास…
  • putin
    डेविड सी.स्पीडी
    पुतिन की लक्ष्मण रेखाओं पर नज़र
    05 Dec 2021
    मालूम होता है कि यूक्रेन को ताजा दी गई $150 मिलियन की सैन्य सहायता में उसके हवाई अड्डों पर अमेरिकी प्रशिक्षणकर्मियों की तैनाती भी शामिल है।
  • satire
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: विश्व गुरु को हंसना-हंसाना नहीं चाहिए
    05 Dec 2021
    अब अगर हम हंसने-हंसाने में ही लगे रहेंगे तो विश्व गुरु कैसे बनेंगे। विश्व गुरु बनने के लिए हमें इस हंसने और हंसाने की आदत को बिल्कुल ही छोड़ना होगा।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'पुनल तुम आदमी निकले...'
    05 Dec 2021
    इतवार की कविता में आज पढ़िये सस्सी-पुन्नू की प्रेमकहानी पर नए ज़ाविये से लिखी इमरान फ़िरोज़ की यह नज़्म।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License